एसडीएम का ढावों व गैराज पर छापा, तीन बाल श्रमिक पकड़े

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कमालगंज (फर्रुखाबाद): जनपद में बाल श्रमिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी को लेकर प्रशासन चिंतित नजर आ रहा है। बीते दिनों जहां प्राइमरी के छात्रों को गैरिज पर काम करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने पकड़ा था वहीं एसडीएम सदर भगवानदीन वर्मा ने गुरुवार को छापेमारी कर कमालगंज क्षेत्र से तीन बाल श्रमिकों को पकड़ लिया।

जहां एक तरफ प्रदेश व केन्द्र सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिये जाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं जनपद के होटलों, ढावों व गैराजों पर सैकड़ों की संख्या में बाल श्रमिक 20 से 30 रुपये प्रति दिन की मजदूरी करने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में सरकार की अनिवार्य व निःशुल्क शिक्षा योजना पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिसको लेकर जनपद प्रशासन भी ज्यादा नहीं तो थोड़ा बहुत ही सही, कुछ चिंतित नजर आ रहा है। गुरुवार को एसडीएम सदर भगवानदीन वर्मा व बाल श्रमिक लिपिक आलोक कुमार गौतम ने कमालगंज में छापामारी की।  छापेमारी के दौरान स्टार एग्रो पर ग्रिल के कारखाने में शाहिद हुसैन के यहां काम करने वाला लड़का बृजनंदन पुत्र खुन्नूलाल निवासी देवराजपुर को पुलिस ने पकड़ा। पूछने पर बृजनंदन ने बताया कि वह स्कूल नहीं जाता। वहीं कैलाश ढावे पर लड़का सुभाष पुत्र रमेश निवासी गंगा गली कमालगंज काम करता मिला। मुशर्रफ की खुद की पंचर की दुकान पर उनका लड़का फुरकान काम करता मिला तो एसडीएम ने उसे हिरासत में ले लिया। मुर्शरफ ने बताया कि उसका पुत्र कक्षा चार में राजेपुर सरायमेदा प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता है। छुट्टी के बाद दुकान पर हाथ बटा देता है। लेकिन एसडीएम ने एक न सुनी और उसका मेडिकल परीक्षण कराने के लिए कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र भेज दिया।

जहां पर एमओआईसी ने एसडीएम सदर को बताया कि जनपद में आयु की जांच के लिए सिर्फ एक ही डाक्टर हैं जो लोहिया अस्पताल में बैठते हैं। बच्चों की आयु के सम्बंध में डाक्टरी के लिए इन्हे लोहिया अस्पताल ही ले जाना पड़ेगा। जिस पर सुभाष व फुरकान को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उनका डाक्टरी परीक्षण कराया।