सपा शासनः लोहिया में डाक्टरों की लापरवाही से मौत का इंतजार कर रहा लावारिश

Uncategorized

फर्रुखाबाद: बंद कमरे में योजना बनाकर कागजों में क्रियान्वित करना तो एक आम बात है। नई नई बनी सपा सरकार अपने योजनाओं को लेकर फूली नहीं समा रही और जगह जगह कार्यकर्ता दावा करते फिर रहे हैं कि उनकी सरकार में आम जनता को सहुलियत और सुविधायें मुहैया हो रही हैं। जनपद का सपा कार्यालय आवास विकास में स्थित है कार्यालय से कुछ दूरी पर पार्टी के आदर्श राममनोहर लोहिया की भव्य प्रतिमा भी समाजवादी पार्टी द्वारा लगवायी गयी थी। उन्हीं के नाम को सैकड़ों वर्षों तक चलाने के लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने लोहिया प्रतिमा से चंद कदमों की दूरी पर करोड़ों रुपये की लागत से राममनोहर लोहिया मेमोरियल अस्पताल का निर्माण करवाया और जनता को अच्छे इलाज का वादा दिया था। लेकिन जमीनी हकीकत को कोई सुनना या देखना नहीं चाहता। ताजा प्रमाण यह है कि नामी गिरामी लोगों को तो इलाज जैसे तैसे मिल जाता है लेकिन अगर कोई लावारिश या मजबूर व्यक्ति लोहिया अस्पताल में भर्ती हो जाये तो फिर चलता है खेल लापरवाही का। जाने अनजाने मरीज की जिंदगी के साथ खिलवाड़ तो होता ही है देखने वाले भी स्वास्थ्य विभाग पर थू थू करना शुरू कर देते हैं। ऐसा ही एक लावारिश मरीज कुछ दिनों पहले लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया था। जो अब डाक्टरों की लापरवाही और अनदेखी के चलते मौत का इंतजार तो कर ही रहा है और आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डाक्टर से लेकर चतुर्थश्रेणी कर्मचारी तक एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।

लोहिया गेट पर बड़े बड़े अछरों में लिख दिया गया है आपातकालीन सेवा 24 घंटे उपलब्ध। लेकिन अस्पताल में नहीं लोहिया के सामने वाले चिकित्सालयों में मरीज अस्पताल में पहुंचने के बाद जरा सा भी अगर रक्त ज्यादा बह रहा है तो मरीज के परिजनों के भ्रमित कर दिया जाता है कि मरीज ज्यादा सीरियस है। हड़बड़ाहट में मरीज को खुद लोहिया अस्पताल के कर्मचारी स्टेचर पर ले जाकर कमीशनखोरी के चक्कर में जेब काटने के लिए डाल देते हैं। लेकिन कम से कम उनका इलाज तो हो जाता है। वहीं दूसरी तरफ लावारिश आने वाले मरीजों के साथ लोहिया का वर्ताव ऐसा होता है जैसे सौतेली मां और बच्चे का। चार दिन से लोहिया अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती सिर में चोट लगा एक लावारिश जिसे देखकर अन्य मरीजों के तीमारदार स्वास्थ्य विभाग को थू थू कर रहे हैं। मरीज की न तो पट्टी की गयी और न ही सफाई। वैसे ही मक्खियां अपना साम्राज्य उसके चेहरे पर बनाये हुए हैं। आंखों से खून निकल रहा था। खून से पूरी चादर लाल हो गयी थी और मरीज सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहा था। लेकिन अस्पताल के कर्मचारी इस बात को लेकर काफी लापरवाही बरतते नजर आये। पूछे जाने पर न तो उसके इलाज करने वाले डाक्टर का पता बताया। वल्कि उल्टा बातों में ही घुमा दिया गया।

इस सम्बंध में लोहिया अस्पताल के सीएमएस नरेन्द्र बाबू कटियार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। लावारिश व्यक्ति की देखरेख कर रही नर्स या डाक्टर पर शीघ्र इस सम्बंध में पूछताछ की जायेगी और मरीज का इलाज ठीक ढंग से कराया जायेगा।