लखनऊ:उत्तर प्रदेश के जनपद मेंरठ की तहसील मवाना के ग्राम नंगला गोसाई स्थित झील की भूमि पर अवैध रूप से रह 99 हिंदू बंगाली परिवारों को कानपुर देहात में बसाया जाएगा।योगी सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान वर्तमान बांग्लादेश से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवारों को कानपुर देहात में बसाने का फैसला किया है।कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह हिंदू बंगाली परिवार पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश आए थे।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार इन सभी 99 परिवारों को कानपुर देहात की रसूलाबाद तहसील में बसाया जाएगा। इनमें से 50 परिवारों को ग्राम भैंसाया में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज 27.50 एकड़ भूमि पर तथा 49 परिवारों को ग्राम ताजपुर तरसौली में पुनर्वास विभाग के नाम अंकित 26.009 एकड़ भूमि पर बसाया जाएगा।प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। यह भूमि प्रीमियम अथवा लीज रेंट पर 30 वर्ष के पट्टे पर दी जाएगी, जिसे आगे 30-30 वर्ष के लिए नवीनीकृत किया जा सकेगा। पट्टे की अधिकतम अवधि 90 वर्ष होगी।

कानपुर देहात में बसाए जाएंगे पूर्वी पाकिस्तान से आए हिंदू बंगाली परिवार
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) पोषण, स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र व राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आज तक पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल सका है। न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिसे लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है।
आंगनबाड़ी व सहायिका संघ की ओर से बताया गया कि इससे पूर्व भी कई बार अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस व सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। संगठन ने यह भी स्मरण कराया कि सितंबर माह में मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि और उच्च गुणवत्ता के मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह घोषणाएं अब तक केवल कागजों और वक्तव्यों तक ही सीमित हैं।
इन परिस्थितियों से बाध्य होकर 29 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बड़ी संख्या में एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसकी पूर्व सूचना सर्कुलर के माध्यम से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है।
आंगनबाड़ी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी वास्तविक समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर तक प्रभावी रूप से प्रेषित किया जाए। संगठन की ओर से यह मांगें भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष पुनः रखी गई| आंगनबाड़ी व सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष प्रीति गुप्ता, नीरज गंगवार, सुलेखा गंगवार, रचना देवी, साधना प्रजापति सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
गिरिजादेवी पी.जी. कॉलेज में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम
फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद संवाददाता) सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिलाधिकारी फर्रुखाबाद आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में गुरुवार को गिरिजादेवी पी.जी. कॉलेज, सकवाई मोहम्मदाबाद में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत द्वारा छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया तथा सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
एआरटीओ ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा माह का आयोजन 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 तक जनपद फर्रुखाबाद में 490 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 284 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि दिसंबर 2024 तक 390 दुर्घटनाओं में 213 मौतें हुई थीं। उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 65 प्रतिशत दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन शामिल हैं तथा मृतकों में लगभग 60 प्रतिशत दोपहिया वाहन सवार होते हैं।
अपने संबोधन में एआरटीओ सुभाष राजपूत ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण लापरवाही है, जिसे नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें, ओवरलोडिंग न करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, मोबाइल फोन का प्रयोग न करें और गति को नियंत्रित रखें।
उन्होंने भारत सरकार द्वारा लॉन्च किए गए नेक्स्ट जेन एम परिवहन और डिजीलॉकर एप की जानकारी देते हुए बताया कि वाहन एवं ड्राइविंग लाइसेंस के प्रपत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखना वैध है। इसके माध्यम से चालान की स्थिति देखी जा सकती है और ऑनलाइन भुगतान भी किया जा सकता है। साथ ही वाहन बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता की नियमित जांच करने की अपील की गई।
एआरटीओ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सभी नए वाहनों में हाई-
सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य है। इसके अलावा वाहन की हेडलाइट, बैकलाइट, ब्रेकलाइट, इंडिकेटर, रियर व्यू मिरर सही स्थिति में रखने तथा रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप के प्रयोग पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा शालिनी गुप्ता द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद मिली राजपूत एवं शालिनी गुप्ता द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रानी मिश्रा तथा रोड सेफ्टी क्लब के जिला संयोजक डॉ. आलोक बिहारी शुक्ला ने भी छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के पालन का महत्व बताया। कार्यक्रम में पंकज चौधरी, संतोष हिल्स, पावस सहित कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
बस अड्डा पर हुई पुलिस से हाई प्रोफाइल नूराकुश्ती में मुकदमा दर्ज,भाई-बहन गिरफ्तार
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) थाना कादरी गेट पुलिस एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। मामला बुधवार दोपहर करीब दो बजे थाना कादरी गेट की रोडवेज चौकी का है, जहां लगभग डेढ़ घंटे तक हाईप्रोफाइल ड्रामा चलता रहा। हंगामे के बाद पुलिस ने एक युवक, एक युवती और युवती की मां को कड़ी मशक्कत के बाद चौकी से उठाकर थाना कादरी गेट ले जाकर बैठा लिया।
विवाद के दौरान कार्रवायी के दौरान महिला थानाध्यक्ष रक्षा सिंह और कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी भी मौके पर मौजूद रहे। वहीं देर रात पुलिस ने आरक्षी यशवीर सिंह पुत्र बलबीर सिंह की तहरीर पर थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र के शीशमहल मस्जिद के पास स्थित मोहल्ला बीबीगंज निवासी प्रशांत पुत्र विनोद कुमार एवं आकांक्षा पुत्री विनोद कुमार (भाई-बहन) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मामले में सबसे बड़ा विरोधाभास यह सामने आया है कि जिस युवती को
बुधवार को पुलिस अधिकारियों द्वारा नाबालिग बताकर कार्रवाई से खुद को अलग कर लिया गया था, उसी युवती के संबंध में दर्ज मुकदमे में यह दर्शाया गया है कि वह पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके से चली गई थी।
मुकदमे के अनुसार, आरक्षी यशवीर सिंह ने बताया कि वह सिपाही अनुज कुमार और जय किशोर के साथ रोडवेज चौकी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्हें मौखिक सूचना मिली कि चौकी के पीछे शिव मंदिर के पास एक लड़का और लड़की आपत्तिजनक स्थिति में बैठे हैं। पुलिस के पहुंचने पर लड़की मौके से चली गई, जबकि युवक ने अपनी बहन आकांक्षा को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि दोनों ने पुलिस से अभद्रता की, जान से मारने की धमकी दी, वर्दी फाड़ दी और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।
हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस युवती को मौके से चला गया बताया जा रहा है, उसे उसकी मां के साथ पुलिस सरकारी वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाही और दर्ज मुकदमे की कहानी में छेद ही छेद नजर आ रहें हैं|
बुधवार की इस घटना को लेकर पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आम जनता से लेकर पुलिस महकमे तक इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि महिला सशक्तिकरण की
बात करने वाली सरकार में, और जिले में महिला पुलिस अधीक्षक व सीओ सिटी के रहते हुए भी महिलाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस युवती को गुरुवार को निर्दोष बताकर छोड़ दिया गया, उसी को बुधवार को नाबालिग बताकर उसके कार्रवाई की गई। अब देखना यह है कि वायरल वीडियो और विरोधाभासी बयानों के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और सच्चाई कब तक सामने आती है। थानध्यक्ष नें बताया की मामले में मुकदमा पुलिस की तरफ से दर्ज किया गया हैं |
शराब ठेके में दूसरी बार चोरी, पुलिस जाँच में जुटी
फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव रामपुर जुगराजपुर में स्थित देसी शराब के ठेके पर अज्ञात चोरों ने दूसरी बार चोरी का प्रयास किया। बुधवार रात चोरों ने ठेके के ताले तोड़ दिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
सुबह ठेके के मालिक प्रदीप गुप्ता को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि ठेके के ताले टूटे हुए थे और टूटे हुए ताले ठेके के पास ही पड़े थे। हालांकि इस बार चोर शराब ले जाने में सफल नहीं हो सके।
गौरतलब है कि इससे पहले 17 जनवरी को भी इसी देसी शराब के ठेके पर चोरी की घटना हुई थी, जिसमें चोर ताले तोड़कर शराब ले गए थे। उस मामले में राजेपुर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। राजेपुर थानाध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि 18 जनवरी को देसी शराब चोरी के मामले में अज्ञात चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि दूसरी बार ताले तोड़ने की सूचना प्राप्त हुई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जल्द ही चोरों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जर्जर तार बने हादसे की वजह, दो लोग करंट से झुलसे
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कस्बा अमृतपुर में गुरुवार को बिजली विभाग की घोर लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। शॉर्ट सर्किट के कारण ढीले और लटकते बिजली के तार आपस में टकरा गए, जिससे तेज आवाज के साथ तार टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। उसी समय वहां मौजूद एक महिला और एक बालक उसकी चपेट में आ गए, जिससे दोनों को तेज करंट लग गया और वे गंभीर रूप से झुलस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल महिला की पहचान छोटी बिटिया पत्नी जयप्रकाश कश्यप तथा घायल बालक की पहचान देवांश पुत्र रामबरन कश्यप के रूप में हुई है। करंट लगते ही दोनों मौके पर गिर पड़े, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गयी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एंबुलेंस बुलाकर दोनों घायलों को राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर बिजली के तार लटके हुए हैं, जिसकी कई बार शिकायत बिजली विभाग से की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते तारों की मरम्मत कराई जाती, तो यह हादसा टल सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के जेई शिवम तिवारी को अवगत कराया गया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद करवाई। जेई ने बताया कि वे स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद कस्बा अमृतपुर में बिजली व्यवस्था की पोल खुल गई है। स्थानीय नागरिकों ने दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने और क्षेत्र में पुराने व क्षतिग्रस्त तारों को शीघ्र बदलने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


यूजीसी नियम 3(C) के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरा
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) यूजीसी नियमावली के नियम 3(C) के विरोध में बार एसोसिएशन फतेहगढ़ एवं अधिवक्ता संघ फतेहगढ़ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए उक्त नियम को असंवैधानिक बताते हुए समाप्त करने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि यूजीसी नियमावली 2026 का नियम 3(C) एकतरफा एवं पक्षपातपूर्ण है, जिसे उन्होंने “काला कानून” करार दिया। चेतावनी दी गई कि यदि यह नियम वापस नहीं लिया गया, तो सभी अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल भी की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में बताया गया कि नियम 3(C) जातिगत भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्ग तक सीमित करता है, जबकि सामान्य वर्ग को जातिगत भेदभाव की शिकायत का अधिकार नहीं देता। इससे सवर्ण समाज के साथ भेदभाव किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने यह भी आपत्ति जताई कि नियम में झूठी या गलत शिकायत दर्ज होने पर किसी प्रकार की सजा का प्रावधान नहीं है, जबकि बीएनएस जैसे कानून पहले से मौजूद हैं। इससे छात्रों एवं शिक्षकों के भविष्य और कैरियर पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
वक्ताओं ने कहा कि यह नियम आरक्षण की तरह एकतरफा नीति है, जो सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाता है तथा संविधान के मूल ढांचे के भी खिलाफ है। साथ ही यूजीसी द्वारा संसद से अधिकृत हुए बिना कानून की तरह नियम लागू करना समानता के सिद्धांत का उल्लंघन है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह नियम सामान्य वर्ग को डिफॉल्ट अपराधी के रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन होता है। उन्होंने कहा कि नियम के कठोर प्रावधानों के कारण लाखों युवाओं में भय व्याप्त है और इसके दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ गई है।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष शशि भूषण दीक्षित, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री किशोर मिश्रा, सुधीर चंद शर्मा, दिवाकर द्विवेदी, हेमंत दुबे, दीपक दुबे, बृजेश सिंह चौहान, विपिन कुमार गुप्ता, शिवम शुक्ला, अखिलेश कुमार शुक्ला, अभिषेक गुप्ता, विनीत कुमार दीक्षित, राजेश कुमार अवस्थी, चंद्रेश पांडेय, अमित कुमार, ओमवीर सिंह राठौड़, उपेंद्र कुमार पाठक, अभिषेक पांडे, हरिश्चंद्र तिवारी, शेषनारायण शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
डेस्क:सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी रेगुलेशन के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि हम सिर्फ संवैधानिकता और वैधता के आधार पर इसकी जांच कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
पश्चिमी विक्षोभ से प्रदेश मौसम का मिजाज अस्थिर,गिरा पारा
लखनऊ:उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अस्थिर बना हुआ है।विगत दिनों हुई बारिश और तेज हवाओं से दिन का पारा गिर गया| गुरुवार को सुबह से ही कोहरा का असर देखने को मिला और बादलो की आवाजाही बनी रही|विगत दिनों तेज धूप ने आम जन मानस को सर्दी का अहसास लगभग खत्म ही करा दिया था परन्तु कुछ दिनों से बदले मौसम के तेवर ने पुन: सर्दी और गर्म कपड़ो की जरुरत का अहसास करा दिया
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है।न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।| 
निष्क्रिय स्वास्थ्य कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, सेवा मुक्त करने के निर्देश
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी चिकित्सालयों में फार्मासिस्टों की अनुपस्थिति को लेकर बेहद नाराज़ दिखे और कड़ी चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने सभी सातों विकास खंडों से कल या परसों तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन चिकित्सालयों में कौन-कौन से उपकरण उपलब्ध नहीं हैं और कहां कोल्ड चैन बाधित है। शमशाबाद क्षेत्र के जर्जर चिकित्सालय को लेकर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए।
बैठक में निष्क्रिय कर्मचारियों को चिन्हित कर सेवा मुक्त करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि कार्यवाही नहीं की गई तो संबंधित जिम्मेदार
अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ को प्रतिदिन निगरानी करने तथा अधीनस्थों से आवश्यक डाटा रोजाना प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने प्रति माह एक लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य तय करते हुए सक्षम प्राधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अधीनस्थ 100 प्रतिशत योगदान दें। प्रतिरक्षण अधिकारी व उनके अधीनस्थों के कार्य को असंतोषजनक बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। कायमगंज क्षेत्र में मात्र 41 प्रतिशत प्रगति पाए जाने पर
संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए।
निष्क्रिय कार्य के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को आरोप पत्र देने व निलंबन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने एजेंडा को रूपांतरित करने, टीकाकरण में विभागीय प्रगति को संतोषजनक बताया तथा चिकित्सा विभाग को बेसिक शिक्षा और पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा। आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन सुबह 9 बजे करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।




