फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायिक अधिकारी प्रियंका गांधी ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों में जाकर बंदियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
सचिव ने बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर वहां मौजूद डॉक्टर नीरज को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही जेल प्रशासन को भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों की तारीख पेशी, भोजन वितरण और अन्य सुविधाओं के संबंध में भी विस्तार से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि जिन बंदियों के पास पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, वे कारागार अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद को प्रार्थना पत्र भेजकर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। जिला कारागार अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, जेलर वैभव कुशवाहा, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुरेंद्र कुमार राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने जिला कारागार का किया निरीक्षण, बंदियों से किया संवाद
जोड़-घटाने में फेल हुआ माध्यमिक शिक्षा विभाग, परीक्षा आंकड़ों में गड़बड़ी से हुई किरकिरी
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन आंकड़ों की गड़बड़ी को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी परीक्षा उपस्थिति के आंकड़ों में अंतर सामने आने से विभाग की जमकर किरकिरी हुई।
बुधवार को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। विभाग के अनुसार इस परीक्षा में 11,831 बालक और 9,598 बालिकाओं को शामिल होना था। कुल मिलाकर 21,429 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। परीक्षा के बाद जारी आंकड़ों के
अनुसार 11,013 बालक और 9,214 बालिकाओं ने परीक्षा में भाग लिया।मामला उस समय चर्चा का विषय बन गया जब माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी पहले आंकड़ों में 618 बालकों को परीक्षा से अनुपस्थित बताया गया। हालांकि कुछ ही मिनटों बाद विभाग ने संशोधित आंकड़े जारी किए, जिसमें अनुपस्थित छात्रों की संख्या बढ़ाकर 818 कर दी गई। पहले 384छात्राओं को अनुपस्थित दिखाया गया। दोबारा जारी आंकड़ों में 382 बालिकाओं को अनुपस्थित दिखाई गया। विभाग की ओर से जारी दो अलग-अलग आंकड़ों के कारण परीक्षा व्यवस्था और डाटा संकलन प्रणाली पर सवाल उठने लगे।शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परीक्षा में आंकड़ों की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। आंकड़ों में इस प्रकार की गड़बड़ी से विभाग की कार्यशैली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और परीक्षा प्रबंधन की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं। विभाग परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने का दावा आकर रहा है। आंकड़ों की इस गड़बड़ी ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह नें बताया की अंकिक त्रुटि हुई है, दोबारा गलती ना हो इसकी हिदायत दी गयी है |
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन छात्रों की उपस्थिति रही कम, 2570 ने छोड़ी परीक्षा
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) यूपी बोर्ड परीक्षा परीक्षा के पहले दिन छात्रों की उपस्थिति छात्राओं की तुलना में कम रही। परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं की उपस्थिति बेहतर देखने को मिली, जबकि बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा से दूरी बना ली। परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराई गई और केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ रही।
बुधवार को पहली पाली में हाईस्कूल की हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में कुल 13,361 छात्र और 11,333 छात्राओं को शामिल होना था। इसके सापेक्ष 12,363 छात्र और 10,761 छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया। वहीं 998 छात्र और 572 छात्राएं परीक्षा में अनुपस्थित रहीं। इस प्रकार पहली पाली में कुल 1,570 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
वहीं दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी और सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें 11,831 छात्रों और 9,598 छात्राओं को परीक्षा देनी थी। परीक्षा में 11,013 छात्र और 9,214 छात्राएं उपस्थित रहीं, जबकि 618 छात्र और 382 छात्राएं अनुपस्थित पाए गए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विशेष निगरानी रखी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की कम उपस्थिति के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर परीक्षा की तैयारी में कमी और व्यक्तिगत कारणों को अनुपस्थिति का संभावित कारण माना जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह नें बताया की प्रथम दिन बोर्ड परीक्षा सकुशल सम्पन्न हुई है | सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये थे |
होली पर किया हुड़दंग तो होंगी कार्यवाही, तीन सबारी के साथ फर्राटा भरने वालो पर पुलिस की नजर
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) होली और रमजान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से शहर कोतवाली परिसर में बुधवार को पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय एवं शहर कोतवाल दर्शन सिंह ने की। बैठक में व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों के साथ त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने होली के दिन विशेष सतर्कता बरतने की मांग की। उन्होंने शराब पीकर हुड़दंग करने वालों तथा तीन सवारी चलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई। इस पर सीओ सिटी ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों ने व्यापारियों से अपने-अपने प्रतिष्ठानों व क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने तथा होलिका दहन स्थलों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की। हालांकि कुछ व्यापारियों ने कहा कि प्रत्येक होलिका दहन स्थल पर सीसीटीवी लगाना संभव नहीं है।
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि इस बार नगर पालिका, जलकल एवं बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं रहे, जबकि पूर्व वर्षों में इन विभागों की भागीदारी रहती थी और समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकाला जाता था। उनकी अनुपस्थिति को लेकर कुछ व्यापारियों ने नाराजगी व्यक्त की। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सदानंद शुक्ला, फैम व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज मिश्रा, राजू गौतम, राकेश सक्सेना, अनुपम रस्तोगी, अतुल शंकर दुबे, डॉ. महेंद्र श्रीवास्तव, मोहम्मद नजर, असलम अंसारी, दुर्गेश कनौजिया, मनोज मिश्रा, संजीव वर्मा, संजय गर्ग समेत लगभग दो दर्जन लोग मौजूद रहे।
प्रशिक्षु आईएएस के निरीक्षण में परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में में प्रशिक्षु आईएएस द्वारा किए गए शिक्षा गुणवत्ता निरीक्षण में परिषदीय विद्यालयों की बदहाल स्थिति उजागर हो गई थी। निरीक्षण के दौरान कक्षा तीन और पांच के छात्र अपने माता-पिता का नाम तक नहीं लिख सके। इतना ही नहीं, जब बच्चों से ब्लैक बोर्ड पर कृष्ण और अर्जुन लिखने के लिए कहा गया तो कोई भी छात्र सही तरीके से नाम नहीं लिख पाया, जिससे शिक्षा स्तर की गंभीर स्थिति सामने आई।
निरीक्षण के दौरान परिषदीय विद्यालय दारापुर में प्रधानाध्यापक पुष्पेंद्र कुमार विद्यालय परिसर में कार में बैठकर मोबाइल चलाते हुए पाए गए। वहीं कुछ महिला शिक्षिकाएं बिना किसी सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित मिलीं। विद्यालय में कुल 110 छात्रों के नामांकन के बावजूद निरीक्षण के समय मात्र 22 छात्र ही उपस्थित मिले। हैरानी की बात यह रही कि विद्यालय में सात नियमित शिक्षक और तीन शिक्षामित्र कार्यरत हैं, इसके बावजूद शिक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर पाई गई।
भारतीय किसान यूनियन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी थी। शिकायत के बाद विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षकों की मात्र एक वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई, लेकिन इस कदम से किसान यूनियन संतुष्ट नहीं हुई। संगठन के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने आरोप लगाया कि शिक्षा गुणवत्ता बेहद खराब होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने शिक्षकों को बचाने का प्रयास किया और अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह नहीं निभाई।इसके बाद संगठन ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी है। किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह समस्या केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है। उन्होंने कायमगंज और मोहम्मदाबाद क्षेत्रों में भी भ्रमण किया, जहां लगभग सभी विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता का स्तर चिंताजनक पाया गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि गरीब किसानों के बच्चों के भविष्य के साथ लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रधानों को पढाया सड़क सुरक्षा का पाठ, दिलाई गई शपथ
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सड़क सुरक्षा माह के तहत ब्लॉक राजेपुर में ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। जिलाधिकारी फर्रूखाबाद आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में आयोजित बैठक में एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत तथा खंड विकास अधिकारी राजेपुर सुनील कुमार जायसवाल ने 58 ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। शासन के निर्देशानुसार 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक सड़क सुरक्षा माह
मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित कर ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एआरटीओ ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करने से न केवल जीवन की रक्षा होती है बल्कि आर्थिक नुकसान से भी बचाव होता है। वर्ष 2025 में पुलिस विभाग द्वारा 46,958 चालान कर 212 वाहन बंद किए गए, जिनसे 20.53 लाख रुपये प्रशमन शुल्क वसूला गया। वहीं परिवहन विभाग द्वारा 4,455 चालान और 1,066 वाहन बंद कर 2.37 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई। जनपद में कुल मिलाकर 2.58 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों के तहत 281 ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए गए।
ग्राम प्रधानों से अपील की गई कि वे अपने-अपने गांवों में ग्राम सड़क सुरक्षा समिति का गठन कर एक सड़क सुरक्षा अग्रदूत नामित करें। ओवरलोडिंग न करने, नशे में वाहन न चलाने, मोबाइल का प्रयोग न करने, गति नियंत्रित रखने तथा सभी वाहन प्रपत्र पूर्ण रखने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। ट्रैक्टर-ट्राली में रिफ्लेक्टर लगवाने पर विशेष जोर दिया गया।
एआरटीओ ने राह-वीर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 21 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी इस योजना के तहत घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा हिट एंड रन मोटर दुर्घटना मुआवजा योजना-2022 के अंतर्गत अज्ञात वाहन से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तथा गंभीर घायल होने पर 50 हजार रुपये मुआवजे का प्रावधान है। वर्ष 2025 में दिसंबर तक हिट एंड रन की 109 घटनाओं में 89 लोगों की मृत्यु तथा 81 लोग घायल हुए।
अधिकारियों ने सभी से अपील की कि यातायात नियमों का पालन कर अपने जनपद को दुर्घटना रहित बनाने में सहयोग करें।
सेन्ट्रल जेल कैदी के फांसी लगाने के मामले में बंदीरक्षक सस्पेंड
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) केंद्रीय कारागार में कैदी के फांसी लगाने के मामले में विभागीय लापरवाही सामने आने के बाद लापरवाह बंदी रक्षक कों निलंबित कर दिया गया है | जिससे विभागीय कर्मियों में हकचल है |
थाना मेरापुर के ग्राम सिलसिंडा निवासी 39 वर्षीय प्रभाकर उर्फ प्रभात पुत्र रामकुमार राजपूत कों नाबालिक से दुष्कर्म में पास्को अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा फरवरी 2024 कों दी गयी थी, 24 मार्च 2024 कों बंदी प्रभात कों सेन्ट्रल जेल में निरुद्ध किया गया था, | मिली जानकारी के मुताबिक बंदी प्रभात की दरी कार खाने में दरी बनाने में डियूटी लगा थी, उसी दौरान 13 फरवरी दोपहर लगभग 3:15 बजे बंदी प्रभात नें दरी कारखानें के निकट पुराने भवन में लोहे की राड में गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, मामले में विभागीय जाँच में बंदी रक्षक वीरेंद्र अविनाशी कों सस्पेंड किया गया है| सेन्ट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी नें बताया की बंदी प्रभात नें फांसी लगाने के मामले में लापरवाही पाये जाने पर बंदी रक्षक वीरेंद्र कों निलंबित किया गया है | इसके साथ ही विभागीय जाँच भी की जायेगी |
मंडी में आलू की आवक 150 मोटर पार, दाम में उतार-चढ़ाव; दूसरा गेट न खुलने से लगा जाम
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सातनपुर मंडी में मंगलवार को आलू की आवक में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मंडी में करीब 150 से अधिक मोटर आलू पहुंचीं, जिससे पूरे दिन खरीद-फरोख्त का माहौल गर्म रहा। अधिक आवक के चलते किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं और बोली प्रक्रिया में भी समय लगा।
भाव की बात करें तो गड्ड आलू 321 से 451 रुपये प्रति कुंतल बिका, जबकि छट्ठा आलू 451 से 571 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंचा। हालैंड आलू के दाम सबसे ऊंचे रहे और यह 701 से 801 रुपये प्रति कुंतल के बीच बिका। व्यापारियों के अनुसार क्वालिटी के अनुसार दाम में अंतर देखने को मिला।
इधर, मंडी में दूसरा गेट न खोले जाने से जाम की स्थिति बनी रही। मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर वाहनों की लंबी लाइन लग गई, जिससे किसानों और व्यापारियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों ने व्यवस्था दुरुस्त करने और भीड़ के समय दूसरा गेट खोलने की मांग की है, ताकि जाम की समस्या से राहत मिल सके।
कार्यवाही: 20 क्वाटर मांगने वाला दारोगा लाइन हाजिर
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कैंटीन संचालक से 20 क्वाटर शराब मांगने वाले दारोगा पर कार्यवाही की गाज गिर गयी | एसपी आरती सिंह नें दारोगा जगदीश वर्मा कों लाइन हाजिर किया है | दरअसल बीते दिन कायमगंज कोतवाली में तैनात दारोगा जगदीश वर्मा की ग्राम बिलौना निवासी कैंटीन संचालक श्यामू पाल के साथ बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, इस खबर कों जेएनआई न्यूज में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था, एसपी आरती सिंह नें मामले की जाँच सीओ कायमगंज कों सौंपी थी | ऑडियो में दारोगा कैटीन संचालक श्यामू पाल से 20 क्वार्टर शराब की मांग कर रहा था, एसपी नें मंगलवार शाम कार्यवाही करते हुए दारोगा जगदीश वर्मा कों लाइन हाजिर कर दिया, जिससे महकमे में हड़कप मच गया | पुलिस अधीक्षक आरती सिंह नें बताया की दारोगा जगदीश वर्मा कों लाइन हाजिर किया गया है |
सेवानिवृत्त कर्मचारी नें पड़ोसियों पर लगाया जान से मारने की धमकी देनें का आरोप
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) फतेहगढ़ क्षेत्र के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पड़ोसियों पर गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणियां और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता मूलचंद ने बताया कि वह मिलिट्री इंजीनियर्स सर्विसेज से सेवानिवृत्त हैं। उनके घर के दक्षिण दिशा में रहने वाले पड़ोसी विनोद बिहारी ठाकुर व उनके दो पुत्रों से काफी समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि वे अक्सर झगड़ा करते हैं और अपने वाहन उनके मकान के सामने खड़े कर रास्ता अवरुद्ध कर देते हैं, जिससे आवागमन में दिक्कत होती है।
पीड़ित के अनुसार 12 जनवरी की शाम करीब 3 बजे जब वह बाजार गए हुए थे, तभी आरोपित डंडे लेकर उनके घर के बाहर पहुंचे और हंगामा किया। उन्होंने जातिसूचक गालियां देने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। घटना के दौरान उनकी पत्नी के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने की बात कही गई है।
मूलचंद का कहना है कि घटना का वीडियो साक्ष्य उनके पास पेन ड्राइव में सुरक्षित है। साथ ही, कई पड़ोसियों ने घटना देखी, लेकिन भय के कारण कोई सामने नहीं आ रहा है। पीड़ित ने बताया कि 14 जनवरी और 30 जनवरी को रजिस्ट्री के माध्यम से भी शिकायत भेजी गई थी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कार्रवाई न होने से आहत होकर वह सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की।



