Home Blog Page 5803

गूँज उठा 19वें राष्ट्रमंडल खेल का शंखनाद

नई दिल्ली: 19वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत के साथ ही भारत ने एक इतिहास रच दिया। भारतीय संस्कृति के अनुरूप 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का आगाज शंखनाद के साथ हुआ है। प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह और इंग्लैंड से महारानी एलिजाबेथ के प्रतिनिधि प्रिंस चार्ल्स अपनी पत्नी केमिला के साथ उद्घाटन समारोह में पहुंचे हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत में बाल कलाकार केशव ने वाद्ययंत्र तबले पर प्रस्तुति देकर सबका ध्यान आकर्षित किया। 71 देशों से खेलों में हिस्सा लेने आए 7000 से अधिक खिलाड़ी और अन्य अतिथियों का स्वागत दिल्ली के स्कूली बच्चों ने एक रंगारंग नृत्य से किया। भारत के प्रसिद्ध संगीतकार हरिहरन के गीत शुभ स्वागतम पर नृत्य कर सबका मनमोह लिया। नृत्य के अंत में बच्चों ने भारतीय संस्कृति की पहचान मानी जाने वाली मेंहदी को एक सफेद पर्दे पर उकेरा।

ऐतिहासिक होगा आयोजन

दिल्ली में शुरू हो रहे गेम्स में 6700 से ज्यादा खिलाड़ियों और अधिकारियों की भागीदारी होगी। जो एक रिकार्ड है। इससे पहले 2006 में संपन्न मेलबोर्न कामनवेल्थ गेम्स में 5766 खिलाड़ियों और अखिकारियों ने भागीदारी की थी। रिकार्ड हिस्सेदारी की जानकारी शनिवार को आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट ने दी। उद्घाटन शाम 6.30 बजे होगा।

इस पुष्टि के साथ ही दिल्ली का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया। डीआरएम की प्रक्रिया गत 16 सितंबर को खेलगांव में शुरू हुई थी। इस प्रक्रिया में दल प्रमुख अपने दल की ओर से भागीदारी की पुष्टि करते हैं। भनोट ने कहा हमें खुशी है कि दिल्ली गेम्स इन खेलों के इतिहास में सबसे बड़े बन गए हैं।

मुस्तैद है कमांडो बटालियन

वैसे तो कॉमनवेल्थ शब्द आते ही सबसे पहले सुरक्षा की बात दिमाग में आती है। खेल गांव की सुरक्षा इसलिए सबसे अहम है क्योंकि यहीं पर खिलाड़ियों का बसेरा है। चिंता की कोई बात नहीं है, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडो पूरी मुस्तैदी के साथ यहां पर कड़ी निगाह रखे हैं। हाथ की अंगुली हमेशा ट्रिगर पर रहती है और लाइट मशीन गन का मुंह गेट की तरफ।

स्कैनर की तरह आखें हर आने जाने वाले को गौर से देखती रहती हैं। खेल गांव के मेन गेट के पास बंकर में तैनात एक जवान ने कहा कि समापन के एक दिन बाद तक हम सभी के लिए परीक्षा की घड़ी है। हमारे भरोसे ही ये लोग यहां आए है तो हम भी पूरे जोश के साथ अपने काम में लगे हुए हैं

तंगी से परेशान मजदूर ने जहरीली शराब पीकर जान दी

फर्रुखाबाद: जहरीली शराब पीने से अज्ञात युवक की मौत हो गई, शिनाख्त के लिए उसके शव को कोतवाली के वाहर रखा गया है. करीब २५ वर्षीय युवक का शव आज शाम जयनारायण वर्मा रोड से रखा जाने वाले रेलवे क्रासिंग के निकट शव पडा देखा गया. शव के पास ही प्लास्टिक का ग्लास, देशी दिलदार पौआ, पानी के कई पाउच, कीट नाशक जहर की शीशी रखी थी.

युवक हरे और नीले रंग की फुल शर्ट तथा काले रंग की पैंट पहने था. सांवले रंग के युवक के दाहिने हाँथ में जय माता दी लिखा है. इन्स्पेक्टर बीके मिश्र, एसएस आई सतीश शर्मा ने मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की. एसएस आई सतीश शर्मा ने बताया कि युवक ने शाम को ही जहारेली शराब पीकर आत्महत्या की है.

शव की थाना मऊदरवाजा के ग्राम नूरपुर जसमई निवासी प्रदीप कठेरिया पुत्र जीवालाल के रूप में उसकी पत्नी ऊषा ने ही शिनाख्त की. ऊषा ने पुलिस को बताया कि पति सेन्ट्रल जेल के पास कोल्ड स्टोरेज में काम करते हैं. ५ बच्चे हैं पति शराब पीने के आदी थे, घरेलू आर्थिक तंगी के कारण कई दिनों से गुमसुम रहते थे. ऊषा ने बताया कि ग्वाल टोली मोहल्ले में उसका मायका है. मोहल्ला पुल मंडी में किराए पर रहती है.

पुलिस की कड़ी नाकेबंदी में चोरों ने सोना उड़ाया

फर्रुखाबाद: यदि वास्तव में देखा जाए तो हाई एलर्ट व् पुलिस की नाकेबंदी लोगों को भयभीत करती है. इसी भय का पुलिस वाहवाही लूटती है, लेकिन अपराधी नाकेबंदी में बारदात कर पुलिस को खुली चुनौती देने के साथ ही उनकी पोल खोलते हैं.

शातिर अपराधियों ने बीती रात सर्राफ की दूकान से लाखों रुपये का सोना उड़ाकर पुलिस को खुली चुनौती दी है. चोर बीती रात चौक बाजार के निकट नेहरू रोड सियाराम की कोठी पहुंचे, मोहल्ला सेनापति निवासी सर्राफ मनीराम वर्मा की दूकान का ताला तोड़कर अन्दर घुस गए. तिजोरी का लाक तोड़कर २० ग्राम सोना तथा ३ लाख रुपये कीमती सोने की झाड़ की मिट्टी भर ले गए.

जेवरात बनाने वाले मनीराम को आज सुबह चोरी का पता चला. घूमना चौकी प्रभारी जगमोहन सिंह भदौरिया ने मामले की जांच-पड़ताल की. प्रदेश में हाई एलर्ट होने के कारण अभी भी चौक बाजार में पुलिस के अलावा पीएसी वल की तैनाती चल रही है. मनीराम की दुकान के पास ही सुवे के स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र अन्टू का कैम्प कार्यालय है जहां उनके प्रतिनिधि जितेन्द्र ओझा डेरा जमाये हैं.

बिजली की चोरी में गई जान

फर्रुखाबाद: खर्चा बचाने के कारण लोगों की बिजली की चोरी करने की आदत पड़ गई है. जिधर देखो उधर कोई न कोई छत पर खड़े होकर बिजली की लाइन में कटिया डालते दिख जाता है. लोगों को इस बात का कतई भय नहीं रहता कि करंट लगने से जान भी जा सकती है.

ऐसा ही हादसे में कपडे की छपाई करने वाले युवक राजू उर्फ़ राजाराम मिश्रा की जान चली गई. नगर के मोहल्ला मनहारी निवासी रामनाथ का ३५ वर्षीय पुत्र राजू आज सुबह ८:३० बजे नाला मच्छरट्टा सुनार वाली गली स्थित अपने भाई अरविन्द के मकान पर गया. वहां उसने छत पर खड़े होकर बिजली की लाइन में कटिया डाला, काफी तेज करंट लगने से वह बेहोश हो गया.

राजू की हालत देखकर परिवार में कोहराम मच गया परिजन उसे तुरंत डॉ हरिदेव द्विवेदी के अस्पताल ले गए, वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. राजू का थाना राजेपुर के ग्राम परम नगर निवासी श्यामविहारी पांडे की पुत्री गिरिजेश देवी से विवाह हुआ था. उसके १४ वर्षीय पुत्र रिषभ, १२ वर्षीय अभिषेक तथा ५ वर्षीय पुत्र हर्ष है. घटना की पुलिस को सूचना नहीं दी गई राजू के शव को घर ले जाया गया, परिजन राजू से लिपटकर बुरी तरह बिलखते रहे.

हरे रामा हरे क्रष्णा की मची धूम

फर्रुखाबाद: नगर के मोहल्ला गांधी कूंचा स्थित राधा माधौ मंदिर में “हरे रामा हरे क्रष्णा” की धूम मचने पर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए. मंदिर में राधा रानी का आज षष्ठी महोत्सव बड़ी धूम-धाम व् हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.

मंदिर में सुबह राधा रानी को माखन मिश्री, कढ़ी चावल, खीर का भोग लगाया गया. बंगले की भव्य रूप से सजावट कर राधा रानी आदि की मूर्तियों का अभिषेक किया गया. अनिल मेहरोत्रा, यसवंत टंडन ने “हरे रामा हरे क्रष्णा रामा रामा” संकीर्तन कराया जिससे भक्तगण मन्त्रमुग्ध हो गए. राधा रानी के जीवन के संबंध में प्रतियोगिताएं हुईं.

खुशी में खिलौने उछाले गए बाद में प्रसाद का वितरण किया गया.

चुनाव रंजिश में फायरिंग, गोली लगने से महिला घायल

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव में रुतबा कायम करने के लिए विरोधियों को डराने व् धमकाने का “खुला खेल फर्रुखाबादी” चालू हो गया है.

बीती रात थाना नबाबगंज के ग्राम पंचायत ववना के ग्राम कडियूली में रंगवाजी कायम करने के लिए धुआंधार फायरिंग करने के बाद विरोधी प्रत्याशी को मार डालने के लिए गोली चलाई गयी लेकिन वह तो वाल-वाल बच गया. पेट में गोली लगने से विजेंद्र सिंह यादव की ५० वर्षीय पत्नी मीरा देवी घायल हो गयीं.

मीरा घर के वाहर अपने खोखे की दुकान पर बैठी थी. घायल होने पर उन्हें थाने ले जाया गया. पुलिस ने उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया. रविवार होने के कारण मीरा का प्राईवेट एक्सरे कराया गया. मीरा की तीमारदारी में लगे रोडवेज के संविदा परिचालक कौशलेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि मेरे पिता राजेंद्र सिंह प्रधानी चुनाव में खड़े हुए हैं.

पिता व् भाई शैलेन्द्र आदि गाँव वाले सामान लेने के लिए मीरा देवी की दुकान पर बीती रात ८ बजे खड़े थे. तभी पड़ोस में रहने वाले शंकर सिंह ने एकनालू बन्दूक उनके भाई विदेश सिंह ने दोनालू बन्दूक तथा अखिलेश सिंह ने तमंचों से धुआंधार फायरिंग की बाद में मार डालने के लिए पिता पर गोली चलाई. सयोंग से वे लोग बच गए.

हमलावरों ने गाँव की प्रधान कुषुमा के पति राजकुमार यादव प्रधान प्रत्याशी का नामांकन कराया है. कौशलेन्द्र ने आरोप लगाया कि हमलावर शराब पीकर जुआं खेलते हैं, तथा असलहों का खुला प्रदर्शन कर गाँव वालों को धमकाते रहते हैं. पुलिस दूसरे दिन तक किसी हमलावर को गिरफ्तार नहीं कर सकी. एसओ अतरसिंह ने बताया कि तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गयी.

राष्ट्रमंडल खेल: आज होगा उद्घाटन, दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर पहरा

नई दिल्ली: राष्ट्रमंडल खेलों के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन समारोह की शुरूआत रविवार शाम सात बजे जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रम के साथ होगी। समारोह की शुरूआत राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और ब्रिटेन के राजकुमार चाल्र्स संयुक्त रूप से करेंगे। इन खेलों के इतिहास में ऎसा पहली बार हो रहा है जब दो लोग इस समारोह की शुरूआत करेंगे।

सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लेने के लिए शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने आयोजन स्थलों का दौरा किया। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन स्थलों की सुरक्षा के लिए 29,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की 195 कम्पनियां भी तैनात रहेंगी। इस तरह तकरीबन एक लाख सुरक्षाकर्मी आयोजन स्थलों की सुरक्षा करेंगे। आयोजन स्थलों पर दर्शकों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए गृह मंत्रालय ने खेलों के मद्देनजर सलाह जारी की है जिसमें दर्शकों के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

उद्घाटन समारोह के चलते सरकार ने रविवार को राजधानी में शॉपिंग मॉल और बाजारों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। दो घंटे तक चलने वाले उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और ब्रिटेन के राजकुमार चाल्र्स करीब 65,000 दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में तीन से 14 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की शुरूआत की आधिकारिक घोषणा करेंगे।

तीस लाख में निर्दलीय प्रधान?

फर्रुखाबाद: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की मिनी संसद यानि ग्राम पंचायत का मुखिया बनने के लिए कितना कितना खर्च होना चाहिए? बीस तीस हजार या बीस तीस लाख? सवाल सरल और आसान है तो जाहिर है उत्तर भी सरल होगा, मगर जो जबाब है वो बेहद चौकाने वाला है| यहाँ ग्राम पंचायत का प्रधान बनने के लिए लोग ३० लाख तक खर्च करते है|
भारत के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश, जहाँ गरीबी और निर्रक्षरता का पैमाना छलकता हो, जहाँ आम आदमी को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं पर जनता के सवाल पर कार्यपालिका के नुमयांदो को अपना मुह छुपाना पड़ता हो उस प्रदेश में ग्राम पंचायत की प्रधानी पाने के लिए लोग ३० लाख की रकम फूक देते है|
जागरूकता का पैमाना मिनी बिकनी जैसे साइज पर
जिस प्रदेश में भ्रष्टाचार द्रोपदी की साडी की तरह बढ़ रहा हो और जागरूकता का पैमाना मिनी बिकनी जैसे साइज पर अटका हो उसी प्रदेश में राजनीति के प्रति प्रगाढ़ होती इतनी और इस प्रकार की जागरूकता विश्मयकारी है| प्रदेश में पंचायत चुनावो का दौर चल रहा है, ऐसे में प्रधान एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए प्रत्याशियो ने कुर्सी हथियाने के तमाम हथकंडे अपनाएं है| एक प्रधान पद पर किस्मत अजमा रहे मैनपुरी जनपद के ………. (ठाकुर साहव) से मुलाकात हुई|
वोटर को तो लालपरी से नहला रहे है
जनाब के कई रिश्तेदार फौजी है सो सबसे पहले आर्मी की रम का जुगाड़ किया और चार पेटी रम एक साथ लेकर मैनपुरी जा रहे थे, बात चली भाई- इतनी शराब? ठाकुर साहब बोले साहब इतने से क्या होगा ये तो ख़ास लोगो के लिए है आम वोटर को तो लालपरी (उत्तर प्रदेश में देशी दारू का ब्रांड) से नहला रहे है|
ठाकुर साहब से पूछ बैठा कितना खर्च करोगे चुनाव प्रचार पर| फिर क्या था ठाकुर साहब ने खुल कर दस्त किये- अजी भाई साहब मैं तो डेढ़ लाख खर्च करूंगा और हाँ मैंने तो अन्य प्रत्याशियो और गाँव वालों को आफर किया था पांच लाख रखवा लो मुझसे और निर्दलीय प्रधान बन जाने दो| मैं चौका? क्या कह रहे हो आप- पांच लाख खर्च कर वापिस कैसे पाओगे? टपक से बोले- अरे मैं तो कुछ भी नहीं खर्च करूंगा, पिछली बार एक गाँव …पुरवा……. की प्रधानी तीस लाख में बिकी थी|
अब बिना पहचान बताये प्रधान प्रत्याशी का साक्षातकार करने में रूचि और बढ़ने लगी| ठाकुर साहब ने चुनाव पर बेहिसाब खर्च करे हुए पैसे की वापिसी के जो तरीके बताये वो किसी किताब में नहीं मिलेंगे|
ग्राम सचिव से लेकर डीएम् तक को खरीदेंगे
ठाकुर साहब बोले- देखो आमदनी के लिए इंदिरा आवास, मिड डे मील, नरेगा, कोटेदार, ग्राम शिक्षा निधि सहित कई योजनाये गिना दी, अगले ५ साल के लिए होने वाले प्रधान जी बेबाकी से बताये जा रहे थे, किस प्रकार वो भ्रष्टाचार की गंगा में गोते लगायेंगे और जाँच/ शिकायत होने पर कैसे बचेंगे? पहली ही किस्त में वो क्या करेंगे? वो कैसे ग्राम सचिव से लेकर डीएम् तक को खरीदेंगे, कितने में खरीदेंगे, कौन कितना गिरा हुआ होता है, इमानदार अफसर से कैसे निपटेंगे आदि आदि!
अगली किस्त में आप पढ़िये की प्रधान जी बजट में ग्राम सचिव से लेकर डीएम तक के रेट और भ्रष्टाचार के टिप्स|

अपनी प्रतिक्रिया लिखना न भूले|

कहीं पत्थर के बुत में न सिमट जायें बापू…

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को आज उनकी 141वीं जयंती पर देशभर में याद किया गया. देश में शनिवार दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की 141वीं जयंती मनाने की तैयारियों के बीच, राष्ट्रपिता की पोती सुमित्रा गांधी कुलकर्णी को लगता है कि शायद कई लोग बापू को भूल रहे हैं. उनके मुताबिक इस विस्मृति से अभिप्राय गांधी के असल आदर्शों को भुलाकर उन्हें याद करने के नाम पर अक्सर होने वाली खालिस रस्म अदायगी से है.

जब 80 वर्षीय सुमित्रा से पूछा गया कि वह मौजूदा वक्त में अपने दादा की विचारधारा को वह कहां पाती हैं तो उन्होंने इसका जवाब कुछ यूं दिया, ‘आप मेरी बात से जरूर सहमत होंगे, देश में कई लोग शायद महात्मा गांधी को भूल रहे हैं. भूल जाने के बाद एक नाजुक प्रक्रिया शुरू होती है, जो अंदर ही अंदर सुगबुगाहट पैदा करती रहती है.’

उन्होंने बैंगलोर से फोन पर हालिया बातचीत में कहा, ‘मैंने कुछ ही दिन पहले एक अखबार में पढ़ा कि जब आठवीं या नवीं के बच्चे से पूछा गया कि महात्मा गांधी कौन थे तो उसने जवाब दिया सोनिया गांधी के पिता.’ गांधी के नाम पर हर किस्म की शोशेबाजी के खिलाफ सुमित्रा के मुताबिक, गांधी जयंती के समारोहों को महज रस्म अदायगी बनाया जा रहा है.

लाल बहादुर शास्त्री की 106वीं जयंती

लाल बहादुर शास्त्री को लोग देश के प्रधानमंत्री के रूप में याद करते हैं। वह देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे। लेकिन उनकी पहचान उनके सादा जीवन और उच्च विचार के कारण थी। लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिन भी महात्मा गांधी के जन्मदिन के दिन यानी 2 अक्टूबर को ही होता है।

बापू के जन्म दिवस पर श्रद्धांजली

उनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 में उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। वह गांधी जी के विचारों और जीवनशैली से बेहद प्रेरित थे। उन्होने गांधी जी के असहयोग आंदोलन के समय देश सेवा का व्रत लिया था और देश की राजनीति में कूद पड़े थे। लाल बहादुर शास्त्री के बचपन की एक घटना बेहद प्रचलित है।

यह घटना उस समय की है जब वह वाराणसी में अपने मामा के घर पर रहते थे और हरिश्चंद्र हाईस्कूल में पढ़ रहे थे। उसी दौरान एक बार वह अपने कुछ दोस्तों के साथ गंगा पार एक मेला देखने गए। मेले से वापसी के समय उनके पास नाववाले को देने के लिए भी पैसे नहीं बचे। ऐसे में उन्होने गंगा नदी तैर कर पार की। उनके व्यक्तित्व की सादगी का पता इस घटना से लगाया जा सकता है।

लाल बहादुर शास्त्री जाति से श्रीवास्तव थे। लेकिन उन्होने अपने नाम के साथ अपना उपनाम लगाना छोड़ दिया था क्योंकि वह जाति प्रथा के घोर विरोधी थे। उनके नाम के साथ जुड़ा ‘शास्त्री’ काशी विद्यापीठ द्वारा दी गई उपाधि है। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होने 2 साल तक काम किया। उनका प्रधानमंत्रित्व काल 9जून 1964 से 11जनवरी 1966 तक रहा।

उनके प्रधानमंत्रित्व काल में देश में भीषण मंदी का दौर था। देश के कई हिस्सों में भयानक अकाल पड़ा था। उस समय शास्त्री जी ने देश के सभी लोगों को खाना मिल सके इसके लिए सभी देशवासियों से हफ्ते में 1 दिन व्रत रखने की अपील की थी। शास्त्री जी की मृत्यु यूएसएसआर के ताशकंद में हुई थी। ताशकंद की सरकार के मुताबिक शास्त्री जी की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई थी पर उनकी मौत का कारण हमेशा संदिग्ध रहा। उनकी मृत्यु 11 जनवरी 1966 में हुई थी। वे उस समय देश के प्रधानमंत्री थे।