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80 करोड़ को अगले साल से सस्ता अनाज

नई दिल्ली: देश की 75 फीसदी जनता यानी 80 करोड़ लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सस्ते दाम पर अगले साल से अनाज मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए गरीबी रेखा (बीपीएल) को आधार नहीं माना जाएगा। राष्ट्रीय सलाहकार परिषद ने यह योजना लागू करने के लिए दो स्तरीय प्रणाली की सिफारिश की है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में भी आमूलचूल बदलाव किया जाएगा।

राष्ट्रीय सलाहकार परिषद ने प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे को शनिवार को अंतिम रूप दे दिया। परिषद की बैठक यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई। योजना आयोग के सदस्य प्रो. नरेंद्र जाधव ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि आम जनता को महंगाई से राहत दिलाने के लिए सरकार ने यह विधेयक तैयार किया है। कैबिनेट द्वारा राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सिफारिशों को मंजूर करने के बाद विधेयक संसद में पेश किया जाएगा। यह कानून अगले साल से लागू होने की उम्मीद है।

बीपीएल के बजाय दो श्रेणियां होंगी

परिषद ने सिफारिश की है कि योजना में बीपीएल प्रणाली को खत्म कर दिया जाए। इसके बजाय ‘प्राथमिकता’ और ‘सामान्य’ दो श्रेणियां बनाई जाएं। योजना के तहत इन श्रेणियों को खाद्य सुरक्षा का कानूनी हक होगा।

कैसे मिलेगा लाभ

* प्राथमिकता वाली श्रेणी के परिवारों को प्रतिमाह 35 किलो अनाज मिलेगा।

* इसमें बाजरा एक रुपए प्रति किलोग्राम, गेहूं दो रुपए प्रति किलोग्राम और चावल तीन रु. प्रति किलो की दर पर उपलब्ध होगा।

* सामान्य श्रेणी के परिवारों को हर माह 20 किलोग्राम अनाज न्यूनतम समर्थन मूल्य से 50 फीसदी की दर पर मिलेगा।

* योजना का लाभ 90% ग्रामीण और 50% शहरी आबादी को मिलेगा।

* 2014 तक इस योजना का लाभ उन सभी परिवारों को मिलने लगेगा, जिनके लिए यह कानून बनाया जा रहा है।

* योजना के प्रथम चरण में खाद्य सब्सिडी के रूप में सरकारी खजाने पर 15,137 करोड़ रु. का बोझ पड़ेगा।

* अंतिम चरण लागू होने के बाद यह बोझ बढ़कर 23,231 करोड़ रुपए हो जाएगा।

चुनाव प्रचार बंद: २ लाख मतदाता खोलेंगे प्रत्याशियों के किस्मत का ताला

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव के चौथे चरण में विकास क्षेत्र के 344 बूथों पर दो लाख सात हजार मतदाता कल अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान शांतिपूर्ण कराने के लिए प्रशासन ने कड़ी व्यवस्था की है।

क्षेत्र की 82 ग्राम पंचायतों के लिए प्रधान पद पर 923, बीडीसी के 565 तथा ग्राम पंचायत सदस्य पद के 995 प्रत्याशी चुनावी जंग में किस्मत आजमा रहे हैं। मतदान के लिए क्षेत्र में 145 मतदान केंद्रों पर 344 बूथ बनाये गये हैं। 56 अति संवेदनशील, 63 संवेदनशील तथा 26 सामान्य मतदान केंद्र हैं।

25 अक्टूबर को क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए जिला प्रशासन ने काफी कड़ी व्यवस्था की है। पोलिंग स्टेशनों पर तैनात पुलिस फोर्स के अलावा क्षेत्र में 37 क्लस्टर मोबाइल, 10 जोनल व पांच सुपर जोनल अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मतदान केंद्रों का भ्रमण करेंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर हर 10 मिनट में क्लस्टर मोबाइल पहुंचेगी। एसडीएम सदर, सेक्टर मजिस्ट्रेट, क्लस्टर मोबाइल व अन्य अधिकारियों ने पोलिंग स्टेशनों का जायजा लिया।

प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर ने बताया कि चुनाव के दिन क्षेत्र में बिना पास के कोई वाहन नहीं चलेगा। बाहरी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए थाना क्षेत्र में सात बैरियर लगाये जायेंगे। थाना क्षेत्र में 24 क्लस्टर मोबाइल, 6 जोनल अधिकारी मोबाइल व तीन सुपर जोनल अधिकारी मोबाइल तैनात किये गये हैं।

चुनाव को लेकर सपा नेत्री की नींद उड़ी

फर्रुखाबाद: पंचायत का चुनाव लड़ने एवं लड़ाने वालों की हार-जीत की आशंका को लेकर नींद उड़ गयी है| जिले के ६ ब्लाकों में ३ चरणों का चुनाव संपन्न हो गया है| २५ अक्टूबर को मोहम्दाबाद ब्लाक क्षेत्र में बोट पड़ेंगे|

चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी का चिंतित होना तो स्वाभाविक है लेकिन प्रत्याशियों के समर्थक भी काफी परेशान हैं| लगभग सभी प्रत्याशी अपनी जीत को पक्की मान रहे हैं| फिर भी हारने की आशंका को लेकर मायुश भी हो जाते हैं| पूर्व विधायक एवं सपा नेत्री उर्मिला राजूत की भी नींद उड़ गयी है| उन्होंने अपने पुत्र पंचशील राजपूत की पत्नी उर्मिला राजपूत उर्फ़ अल्का को ब्लाक बढपुर हैवतपुर गढ़िया बीडीसी क्षेत्र से चुनाव लड़वाया है|

सपा नेत्री उर्मिला ने स्वयं वोट मांगकर धुआंधार चुनाव प्रचार किया| उर्मिला के नाम पर वोट मांगे जाने पर अधिकांस लोगों ने समझा कि पूर्व विधायक बीडीसी का चुनाव लड़ रही हैं| सूत्रों के अनुसार अल्का को चुनाव जिताने के लिए अधिकांस लोगों के नामांकन पत्र वापस कराये गए| अन्य प्रत्याशियों को बाद में मुंह माँगी रकम देकर चुनाव मैदान से हटाया गया|

हैवतपुर गढ़िया के एक मतदान केंद्र पर २७ अक्टूबर को पुनः मतदान होगा| डाक्टर रामक्रष्ण राजपूत ने दावा किया कि बहू अल्का १०१% चुनाव जीतेगी| उन्होंने बताया कि ७ प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया अन्य ३ बाद में बैठ गए| २७ को ६४५ बोटों के लिए दोबारा वोट पड़ेंगे|

महंगाई: ऐसे में कैसे दीवाली की रौनक आये

फर्रुखाबाद: दीपावली पर घरों की रंगाई-पुताई कराना भी महंगा सौदा हो गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल पेंट आदि के दाम बढ़ने से दुकानों पर रौनक कम है।

रोशनी का त्योहार दीपावली नजदीक आ गयी है, लेकिन बाजार में चहल-पहल नहीं है। पेंट विक्रेताओं की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम नजर आ रही है। प्रमुख कारण पुताई सामग्री के रेट बढ़ना है। गत वर्ष पांच रुपये किलो में मिलने वाला चूना इस वर्ष आठ रुपये किलो बिक रहा है। आठ सौ चालीस रुपये में मिलने वाली बीस किलो डिस्टेंपर की बाल्टी एक हजार रुपये में मिल रही है।

एक सौ चालीस रुपये से लेकर डेढ़ सौ रुपये लीटर बिकने वाली वार्निश के भाव इस वर्ष 160 से 190 तक हैं। नब्बे रुपये लीटर वाला प्लास्टिक पेंट 110 रुपये में मिल रहा है। 90 रुपये लीटर वाले प्राइमर का भाव 100 रुपये लीटर हो गया है। सफेद सीमेंट की बोरी 580 से बढ़कर 625 रुपये की हो गयी है। तारपीन का तेल चालीस रुपये लीटर से 50 रुपये हो गया है। पुताई करने वाला ब्रुश भी एक सौ चालीस रुपये से बढ़कर एक सौ साठ रुपये हो गया है। पुताई करने वालों ने भी अपनी नफरी (मजदूरी) बढ़ा ली है। 160 रुपये प्रतिदिन लेने वाले पेंटर इस वर्ष 200 रुपये ले रहे हैं। पेंटर के साथ काम करने वाले मजदूर सवा सौ की जगह डेढ़ सौ रुपये ले रहे हैं।

पेंट विक्रेता कैलाश चंद्र शुक्ल ने बताया कि महंगाई की वजह से बिक्री कम है। लोग माल खरीद रहे हैं, लेकिन कम। बाढ़ की वजह से असर पड़ा है। राहुल रस्तोगी भी महंगाई के कारण बिक्री पर असर मानते हैं। उनका कहना है कि बाढ़ ने व्यवसाय पर असर डाला है।

करवा चौथ: दाम्पत्य ही नहीं दोस्ती का भी उत्सव

हिन्दू धर्म में कार्तिक माह की चतुर्थी के दिन विवाहित महिलाओं द्वारा करवा चौथ का व्रत किया जाता है। यह व्रत पति की दीर्घायु, उनकी मंगलकामना और अखंड सौभाग्य की कामना से करती हैं। इस दिन करवा यानि मिट्टी के जल-पात्र की पूजा कर चंद्रमा को अघ्र्य देने का महत्व है। इसीलिए यह व्रत करवा चौथ नाम से मशहूर है। किंतु इस व्रत से जुडें बीते समय के सामाजिक कारण यह बताते हैं कि समय और धार्मिक परंपराओं के चलते करवा चौथ व्रत का स्वरुप और उद्देश्य पति की लंबी आयु और मंगल कामना के लिए व्रत पालन हो गया।

असल में बीते समय में कम उम्र की कन्याओं का विवाह कर दिया जाता था। वह अपने पिता और परिवार से दूर ससुराल जाती थी। आज की भांति तेज वाहन और संवाद की सुविधा न होने से लंबे समय तक उसका मेलजोल परिवारवालों से नहीं होता था। इधर ससुराल में अदब, मर्यादाओं के कारण या परिवार के सदस्यों खासतौर पर पुरुष सदस्यों के साथ बोल, व्यवहार में वह असहज होती थी।

इसलिए करवा चौथ के दिन सामाजिक रस्म के तहत गांव की ऐसी हमउम्र विवाहित महिला को उस नवविवाहिता की धर्म बहन या कंगन सहेली बनाया जाता था, जिसका ससुराल से सगे रिश्ते नहीं होते थे। यह भावनात्मक रिश्ता दोनों ही विवाहिताओं के लिए ससुराल के जीवन को सहज और सुखद कर देता था। क्योंकि नवविवाहिता, धर्मबहन के माध्यम से अपनी हर बात और समस्या को पति या ससुरालवालों तक पहुंचा देती थी। दोनों एक-दूसरे से सगी बहन का रिश्ता निभाती थी। हर रस्म-रिवाज चाहे धार्मिक और व्यावहारिक वह साथ होती थी। धर्मबहन के साथ ससुराल और पीहर दोनों ही परिवार सगा रिश्ता ही मानते थे।

इस तरह वास्तव में करवा चौथ के मूल में दोस्ती के उत्सव का भाव है। बाद में धार्मिक मान्यताओं और प्रसंगवश पतिव्रत की परंपरा जुड़ गई। किंतु अगर देखा जाए तो दोनों ही स्थितियों में पति की भूमिका अहम है। क्योंकि पहली मान्यता में धर्मबहन या सहेली बनाने की प्रथा भी विवाहित होने पर ही निभाई जाती थी तो दूसरी परंपरा में भी विवाहित स्त्री ही पति की मौजूदगी में अखण्ड सौभाग्य के लिए व्रत पालन करती है।

संदेश यही है कि यह व्रत पति के प्रति सम्मान प्रगट करने का प्रतीक पर्व है। पति-पत्नी दोनों एक गाड़ी के दो पहियों की तरह होते हैं। दोनों एक समान, एक दिशा में चलते हैं तो जिस तरह गाड़ी आगे की ओर बढ़ती है, उसी तरह गृहस्थी की गाड़ी भी अपने सही लक्ष्य की ओर बढ़े। पत्नी अपने पति के प्रति प्रेम, समर्पण व विनम्र भाव से रहे। मर्यादा से रहे, गृहस्थी के अनुशासन से रहे। पति भी अपने कर्तव्य का पालन करे।

चूंकि गृहस्थी की जिम्मेदारियों को निभाते हुए गलतियां होना स्वाभाविक हैं। शास्त्रों में भी कहा गया है कि अपनी गलती, दोषों को सुधार लेना ही बडप्पन है। इसलिए इस व्रत पर अपनों और बड़ों के सम्मान करने और पति के प्रति समर्पण भाव का संकल्प लें। पति-पत्नी दोनों ही अपने दोषों को याद कर इसी भाव से उत्सव मनाएं कि गलतियां फिर न होंगी। स्त्री के लिए सास, ससुर और पति के चरणस्पर्श इसी भाव का प्रगटीकरण है।

पंचायत चुनाव: चारों पदों की मतगणना एक साथ २८ व् ३० को

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए अलग मतपेटिकाएं रखने की व्यवस्था ध्वस्त होने के बाद अब निर्वाचन आयोग ने चारों पदों की गणना एक साथ कराने का निर्णय लिया। इस आशय की सूचना शुक्रवार देर रात्रि प्राप्त हो गयी थी।

पंचायत चुनाव में एक साथ चार पदों के लिए मतदान होने और मतदान प्रतिशत अधिक रहने के कारण सुविधा की दृष्टि से ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए एक मतपेटिका में व क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए दूसरी मतपेटिका में मतदान की व्यवस्था की गयी थी। इसके तहत मतगणना दो चरणों में विभाजित कर दी गयी थी। प्रथम चरण में 28 अक्टूबर को ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य की और दूसरे चरण में 30 अक्टूबर को क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य पदों की होनी थी।

मतदाताओं की अशिक्षा और मतदान कर्मियों की लापरवाही के चलते अनेक स्थानों पर मतदान की निर्वाचन आयोग द्वारा स्थापित व्यवस्था ध्वस्त हो गयी। जिसका दिल चाहा उसने उस मतपेटी में वोट डाला और मतदान कर्मी मुंह देखते रह गये। मतगणना में ग्राम प्रधान पद की गिनती के समय क्षेत्र पंचायत या जिला पंचायत सदस्य के मतपत्र निकलने की स्थिति को भांपते हुए निर्वाचन आयोग ने अब दोनों मतपेटिकाएं एक साथ खोलने और चारों पदों की मतगणना एक साथ किये जाने के निर्देश दिये हैं।

अपर आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग लाल बिहारी की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए पात्र में कहा गया है कि अब ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य, चारों पदों की मतगणना एक साथ करायी जायेगी। सुविधा के लिए प्रत्येक विकास खंड की आधी न्याय पंचायतों की मतगणना पहले चरण में 28 को व शेष आधी न्याय पंचायतों की मतगणना दूसरे चरण में 30 अक्टूबर को करायी जायेगी।

मरीजों की भरमार, लोहिया के डेंगू बार्ड में लटके हैं ताले

फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद ही नहीं अडोस-पड़ोस के जिलों में डेंगू मरीजों की भरमार है| लोहिया अस्पताल में डेंगू के मरीजों को छिपाए जाने के कारण ही डेंगू के दोनों बार्डों में ताले जड़ दिए गए हैं|

लोहिया अस्पताल के ४ नंबर कक्ष में बुखार व मलेरिया के मरीजों के साथ ही डेंगू की शिकार शकुन्तला को भर्ती किया गया है| जबकि उसे डेंगू बार्ड में भर्ती किया जाना चाहिए था| थाना नबावगंज के ग्राम मिलकिया निवासी शिव सिंह ने बताया की बाजार में कराये गए टेस्ट में पत्नी शकुन्तला में डेंगू पाया गया है| उधर अस्पताल के दोनों डेंगू बार्ड़ो में गेट पर एक नहीं दो-दो ताले लटके हैं|

अस्पताल के एक डाक्टर ने बताया की डेंगू के मरीजों को छिपाया जा राह है| यदि ज़रा सा भी संदेह होने पर मरीजों का डेंगू टेस्ट कराया जाए तो असलियत सामने आने पर हाहाकार मच जाएगा| जिले में जो आये दिन मरीज बिचित्र बीमारी के उपचार के अभाव में मर रहे हैं वास्तव में अधिकांस मरीज डेंगू के ही शिकार हैं|

काशीराम नगर थाना सिंकदरपुर के ग्राम बडोला निवासी बीमार हरवीर व् उनकी १५ वर्षीय पुत्री विमलेश कुमारी इलाज के अभाव में लोहिया अस्पताल परिसर में लेटे रहे| राजीव ने बताया की मै माँ-बाप के साथ बहन विमलेश के पेट दर्द का इलाज कराने बड़ी उम्मीद से यहाँ आया था| डाक्टर ने बहन को भर्ती करने से मना कर दिया और बाप को भी बुखार आ गया है| इलाज न होने के कारण वह लोग मायूस होकर लौट गए| सफाई न होने के कारण अस्पताल में गंदगी के अलावा मच्छरों की भी भरमार हो गयी हैं|

जिले में व्यापक रूप से फ़ैली बुखार की महामारी अब किसी से छिपी नहीं है| शायद ही कोई परिवार अभी तक इस बीमारी से अछूता रहा हो नहीं तो परिवार के कई सदस्य बिस्तरों पर लेट चुके हैं| और इलाज कराने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं|

बीते पखबारे से बुखार के मरीजों ने लोहिया अस्पताल के किसी भी बिस्तर को खाली नहीं छोड़ा हैं| मजबूरी में मरीजों को किशोर आदि बार्डों में भी भर्ती किया गया है| हाउसफुल हो जाने के कारण मरीजों को दवा देकर टरकाया जा रहा है|

यही हाल जिले के प्राईवेट अस्पतालों की है| महामारी के इस दौर में झोला छाप डाक्टरों की बल्ले-बल्ले है| जो सुबह से देर रात तक मरीजों पर नुस्खे प्रयोग कर मोटी कमाई कर रहे हैं|

जिले के ही विधायक अनंत कुमार मिश्र अन्टू सूबे के स्वास्थ्य मंत्री हैं, उनकी बात छोंड़ो उनके प्रतिनिधि जितेन्द्र ओझा का भी कोई अता-पता नहीं हैं| रामभरोसे चल रही हैं स्वास्थय सेवायें| अस्पताल में मौज मस्ती से ड्यूटी करने वाले नर्स ने बताया कि डेंगू का कोई मरीज नहीं है| वह बीमार मरीजों की भी संख्या नहीं बता सके|

मतदान की खुशी ने ले ली महिला की जान

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव मतदान की खुशी में प्रधान समर्थक ने शराब पीकर हंगामा मचाया. इस बात से दुखी महिला ने आग लगाकर जान दे दी. पत्नी की आग बुझाने में पति सतेन्द्र सिंह जाटव बुरी तरह झुलस गया|

कोतवाली कायमगंज के ग्राम अमलैया मकेरी में बीते दिन पंचायत चुनाव के बोट डाले गए| इसी खुशी में प्रधान पद के प्रत्याशियों ने अपने ख़ास समर्थकों को शराब की दावत दी| गाँव के रूपलाल जाटव के ३० वर्षीय पुत्र सतेन्द्र ने मुफ्त में मिलने के कारण जमकर शराब पी ली| नशे में हो जाने के कारण वह विरोधी प्रधान पद के प्रत्याशी को गाली देकर हंगामा मचाने लगा|

राजमिस्त्री सतेन्द्र की हरकतों का उसकी २६ वर्षीय पत्नी रीना ने विरोध किया तो सतेन्द्र ने उसकी धुनाई कर दी| इसी बात से गुस्साई रीना ने मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली| पत्नी को ज़िंदा जलते देख सतेन्द्र का नशा हिरन हो गया| पत्नी की आग बुझाने के प्रयास में उसके भी हाँथ-पैर बुरी तरह झुलस गए| बड़े भाई नन्द किशोर ने सतेन्द्र व् उसकी पत्नी को रात डेढ़ बजे लोहिया अस्पताल पहुंचाया| अधिक झुलस जाने के कारण महिला की मौत हो गयी|

जिला फतेहपुर के ग्राम मौहार निवासी रामशंकर की पुत्री रीना का ६ वर्ष पूर्व विवाह हुआ था| उसके तीन छोटे बच्चे हैं, दो माह पूर्व ही एक बेटे को जन्म दिया था| नगला टीन निवासी रिश्तेदार जबर सिंह ने बताया कि जब सतेन्द्र ने अकारण पत्नी रीना की पिटाई की तभी रीना ने आग लगा ली| जबकि परिजनों ने बताया कि जलती कुप्पी गिर जाने से रीना झुलस गयी थी| बेटी के मर जाने के गम में रीना की माँ बुरी तरह बिलखती रही|

कालिंदी दुर्घटना की टेस्ट रिपोर्ट से हड़कंप

फर्रुखाबाद: रेलवे प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों की सतर्कता परखने को आज सुबह 4724 भिवानी-कानपुर कालिंदी एक्सप्रेस की तीन बोगी पटरी से उतरने व यात्रियों के घायल होने की सूचना प्रसारित कर दी, जिस कारण रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। उधर शिकोहाबाद कोसमा रेलवे स्टेशन के बीच खड़ी कालिंदी के यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया तो उन्हें इंजन खराब होने की जानकारी दी गयी।

फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर सुबह पांच बजे टूंडला रेलवे कंट्रोल ने सूचना दी कि 4724 भिवानी कानपुर कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गयी है, जिससे ड्यूटी पर मौजूद रेलवे कर्मियों में हड़कंप मच गया। घरों में सो रहे स्थानीय रेलवे अधिकारियों को मोबाइल से जानकारी दी गयी। कुछ देर बाद जानकारी आयी कि शिकोहाबाद-कोसमा के बीच 1236/5 किलोमीटर पर कालिंदी एक्सप्रेस की तीन बोगी पटरी से उतरी हैं। कुछ यात्री घायल हुए हैं, हेल्पलाइन के नंबर भी रेलवे स्टेशन पर दे दिये गये।
सहायक स्टेशन प्रबंधक योगेंद्र कुमार शाक्य ने वाणिज्य अधीक्षक को मीमो देकर फर्रुखाबाद कानपुर के बीच कालिंदी के टिकट जारी न करने के लिए कहा। इस पर यात्रियों को टिकट देना रोक दिया गया, इससे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी मिल गयी।

यह खबर फैलते ही कालिंदी में यात्रा कर रहे लोगों के परिजन भी स्टेशन पहुंचने लगे। करीब आठ बजे स्थिति स्पष्ट हुई और स्थानीय अधिकारियों को बताया गया कि सतर्कता चेक करने को ट्रेन रोककर दुर्घटना की सूचना दी गयी थी। मोहल्ला सधवाड़ा निवासी अंकित साध ने बताया कि गार्ड रामसिंह ने इंजन खराब होने की जानकारी मौके पर ही दी थी। ट्रेन करीब सवा तीन घंटा देरी से यहां आयी। गार्ड ने ट्रेन एक घंटा चालीस मिनट खड़े रहने की लिखित सूचना क्रू नियंत्रक कार्यालय में दी। चालक जितेंद्र कुमार ने बताया कि उच्च अधिकारियों के गोपनीय निर्देश पर ट्रेन रोकी गयी थी। कानपुर व टूंडला से सहायता ट्रेनें मौके के लिए रवाना होने की खबर मिलने के बाद टूंडला व आगरा कंट्रोल को सतर्कता परखने के लिए दुर्घटना की सूचना प्रसारित करने की जानकारी देकर कालिंदी चला दी गयी

चुनावी अपडेट: सख्त प्रशासन निडर मतदाता

फर्रुखाबाद: आज सुबह से हो रहे तृतीय चरण मतदान के दौरान नबावगंज और राजेपुर ब्लाक में मतदान के दौरान किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है.

वहीं मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग भी बिना किसी भय से निडर होकर कर रहे हैं. ब्लाक नबावगंज के ग्राम कुरार में गड़बड़ी के दौरान प्रधान प्रत्याशी के पति को पुलिस ने दबोच लिया है. और दूसरी जगह ग्राम नौली में फर्जी मतदान को लेकर ग्रामीणों और प्रत्याशी समर्थकों के बीच काफी नोक-झोंक भी हुई.

मतदान कर्मी कर रही राजनीति

फर्रुखाबाद: प्रत्याशियों का वोट बैंक बढवाने का जरिया बनी मतदान कर्मी. पंचायत चुनाव के दौरान ब्लाक राजेपुर के ग्राम सराह बूथ नंबर १६ पर महिला मतदान कर्मी मतदाताओं को राजनीति का पाठ सिखाकर गमला चुनाव चिन्ह पर मोहर लगाने को उकसाने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप.

छुट-पुट घटनाओं को छोंड़कर चुनाव शांति पूर्ण संपन्न

फर्रुखाबाद: तृतीय चरण का मतदान आज छुट-पुट घटनाओं को छोंड़कर शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हो गया.

ब्लाक नबावगंज के बुढ़नपुर व् नौली में फर्जो वोटिंग में १ युवक धरा गया. वहीं नगला केल में प्रत्याशी द्वारा पीठासीन अधिकारी पर पोलिंग डंप कराने का दवाव बनाया. पीठासीन अधिकारी द्वारा मना कर दिए जाने पर देख लिए जाने की धमकी दी. जिसको देखते हुए नगला केल में अतिरिक्त पुलिस वल तैनात कर मामले को शांत किया गया.

ब्लाक नबावगंज के बुढ़नपुर मतदान केंद्र पर ८३.४२% मतदान, बराबिकु में ७० % मतदान, ज्योना में ७२% व् ज्योनी में ७१% मतदान हुआ.