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सूचना न देने का जुर्माना 44 लाख

उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने एक जुलाई से 30 सितम्बर 2010 तक सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत 201 मामलों का निपटारा करते हुए जन सूचना अपीलीय अधिकारियों के खिलाफ 44,09,300 रुपये का जुर्माना लगाया है।

प्रदेश के 30 विभागों के इन अधिकारियों में प्रमुख सचिव उ.प्र.शासन से लेकर सचिव ग्राम पंचायत तक के अधिकारी शामिल हैं।

जिन अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है उनमें एक प्रमुख सचिव, एक सचिव, दो मंडलायुक्त, एक जिलाधिकारी, दो मुख्य विकास अधिकारी, तीन मुख्य चिकित्साधिकारी, आधा दर्जन अपर जिलाधिकारी, एक उप जिलाधिकारी, एक तहसीलदार, तीन प्रभागीय वनाधिकारी नौ जिला पंचायतराज अधिकारी, 21 बेसिक शिक्षा अधिकारी, 10 जिला विद्यालय निरीक्षक, एक दर्जन से अधिक अधिशाषी अभियंता, 20 खंड विकास अधिकारी, 11 ग्राम पंचायत अधिकारी, चार ग्राम विकास अधिकारी और दो विभगाध्क्ष प्रमुख रूप से शामिल हैं।

सूचना आयुक्त रणजीत सिंह पंकज ने बताया कि सूचना न देने वाले जन सूचना अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि सुनवाई पीठ द्वारा लगाये गये जुर्माना की वसूली भू-राजस्व की भांति संबंधित अधिकारियों से की जायेगी।

उन्होंने कहा कि सूचना आयोग ने जन सूचना अधिकारियों को आदेश दिया है कि जन सूचना अधिकारी भविष्य में आवेदकों को समय से सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना उपलब्ध करायें।

यूपी का मास्टर है “मास्टर माइंड”

फर्रुखाबाद: शायद पूरे भारत में ऐसे “मास्टर माइंड” मास्टर नहीं मिलेंगे जैसे उत्तर प्रदेश में हैं| इनसे निबटने के लिए दुनिया की सारी टेक्नोलोजी फेल हो चली है| कहते है चोर चोरी से जाये हेराफेरी से न जाये| इसी बात को सच साबित कर दिखाया प्रदेश में जनता के टैक्स से मोटा वेतन पाने वाले हजारो प्राइमरी शिक्षको ने|
नहले पर दहला-
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कागजो में बन रहे मिड-डे-मील के हालात सुधारने के लिए प्रदेश ने लगभग डेढ़ करोड़ की आईवीआरएस तकनीक का प्रयोग किया| आईआईटी  कानपुर के सहयोग से विकसित इस तकनीक में इन्टरनेट के माध्यम से दोपहर को प्रदेश के हर स्कूल में तैनात मास्टर के मोबाइल पर एक घंटी बजती है जिसमे उन्हें बटन दबा कर उनके स्कूल में मिड डे मील का हाल बताना होता है कि कितने बच्चो ने खाना खाया या खाना नहीं बना| धूम धड़ाके से योजना शुरू हुई, योजना को चलाने के लिए महीनो ट्रेनिंग चली, लाखो बह गए| योजना का प्लान बहुत ही अच्छा था क्यूंकि प्रदेश के साढ़े तीन लाख स्कूल से हर रोज दोपहर में ये रिपोर्ट मिल जाये तो बड़ी बात थी| मगर स्कूल से गायब रहने वाले मास्टरों और चोर प्रधानो के माफिया जाल ने इस योजना की धज्जिया उड़ा दी|
जब बटन ही नहीं दबायेंगे तो क्या कर लोगे?
जनपद फर्रुखाबाद का ही उदहारण लें- नवम्बर 2010 के प्रथम 15 दिनों में 1752 स्कूलों में से 421 स्कूलों के मास्टरों ने घंटी बजने के बाबजूद जबाब ही दिया| इनके फ़ोन पर घंटी बजती रही और मास्टर या तो खुद स्कूल में नहीं थे या फिर खाना नहीं बना होगा शायद इसीलिए मोबाइल का बटन दबाना भी मुनासिब नहीं समझा| दूसरी तरफ इसी माह में 15 से 20 तारीख के बीच 545 स्कूलों में मिड डे मील शून्य रहा| यानि रिपोर्ट का आधार माने तो प्राप्त रिकॉर्ड के मुताबिक केवल 1752 स्कूलों में से 782 स्कूलों में खाना बना|
कभी चुनाव के नाम पर स्कूल गोल किया तो कभी जनगणना के नाम पर और इन सबसे निबटे तो मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर स्कूल से हो लिए गोल| आजकल मास्टर साहब मतदाता सूची दुरुस्त कराने में लगे है| भले ही इन कामो का मास्टर साहब को विभिन्न विभाग अतिरिक्त मानदेय देते हो मगर मास्टर साहब इसे शिक्षण समय में करना ही मुनासिब समझते है| फर्रुखाबाद को ही ले लो कुल जमा परिषदीय शिक्षको में  से 114 तो कभी स्कूल में इसलिए नहीं पढ़ाते क्यूंकि ये न्याय पंचायत या ब्लाक समन्वयक हैं| एक सैकड़ा परमानेंट गायब रहते है |
रही बात इनके मुखिया यानि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तो उनका जबाब है राजस्व वाले ड्यूटी गलत लगा दिए है मास्टर को दूर दूर बीएलओ ड्यूटी पर जाना पढ़ता है क्या करें जान ले लें क्या| शायद ये भूल गए कि सरकार इन्हें इसी बात का वेतन देती है कि जहाँ कमी हो वहां सुधार करें!

NGO की मनमानी, छात्रों को 3 माह में एक बार रोटी

फर्रुखाबाद: दबंग लोग अधिकारियों को प्रभावित कर एनजीओ की आढ़ में मनमाने ढंग से मध्यान्ह भोजन का वितरण का रहे हैं| मेनू को ताक पर रखकर 3 माह के दौरान मात्र एक दिन ही बच्चों को रोटी खिलाई गयी|

यह किसी आम आदमी का आरोप नहीं बल्कि मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण उत्तर प्रदेश के सहायक उपनिदेशक संजीव कुमार सिंह की जांच रिपोर्ट में सच्चाई उजागर हुई है| सिद्धार्थ जनकल्याण शिक्षण संस्थान की जांच में पाया गया कि उनके द्वारा नरेन्द्र सरीन मांटेशरी स्कूल में निर्मित किचेन शेड को केंद्रीयकृत किचेन शेड के रूप में प्रयोग किया जा रहा है| जिसमे 113 बोरा चावल, 87 बोरा गेंहू आवश्यकता से अधिक पाया गया|

स्कूल के एक कक्ष को भी अनाधिक्रत रूप से प्रयोग किया जा रहा है| भोजन वितरण करने वाले कर्मचारियों के पास कोई पहिचान पत्र नहीं मिला| मेनू के अनुसार रोटी का वितरण न करके माह जुलाई में रसोईयों के मानदेय का भी भुगतान नहीं किया गया है| संस्था ने जांच अधिकारी को कैश बुक तथा स्टाक रजिस्टर नहीं दिखाया|

शांति समाज सेवा समिति की जांच में पाया गया कि संस्था ने माह जुलाई, अगस्त एवं सितम्बर में अन्गूरीबाग, पलरा तालाब, रेलवे स्टेशन एवं भाऊटोला प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को केवल एक दिन ही रोटी खिलाई| इनके भी भंडारण कक्ष में आवश्यकता से अधिक खाधान्न पाया गया| रसोईयों के मानदेय का भी भुगतान नहीं किया गया|

प्रियम आनंद शिक्षा प्रसार समिति के केंद्रीय कृत किचेन प्राथमिक विद्यालय कमालगंज के निरीक्षण के दौरान संस्था का कोई प्रतिनिधि नहीं मिला| जिसके कारण किचेन व भंडारण की जांच नहीं हो सकी| प्राथमिक विद्यालय कमालगंज में नामांकित 210 के सापेक्ष 57 उच्च प्राथमिक विद्यालय में नामांकित 60 के सापेक्ष 22 तथा कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 69 छात्रों के सापेक्ष मात्र 30 मौजूद मिले| यहाँ के भी रसोईयों का भुगतान नहीं किया गया|

इस संस्था के प्रतिनिधियों ने जांच करने वाले अधिकारियों को ठेंगा दिखाया है| जो पूर्व सूचना के बाबजूद भी उपस्थित नहीं मिले|

26/11: मुम्बई हमले की दूसरी बरसी, देश भर में हाई एलर्ट

नई दिल्ली|| मुम्बई पर 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमलों की दूसरी बरसी के मद्देनजर मुंबई सहित पूरे देश को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली और महाराष्ट्र में खास तौर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस के आतंकवाद निरोधी दल के जवानों को मंदिरों, रेलवे स्टेशनों और होटलों समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। आधुनिक बाजारों, माल्स, होटलों और स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
मुम्बई हमलों (26/11) की जांच में भारत की ओर से अत्यधिक सहयोग उपलब्ध कराने के बावजूद पाकिस्तान द्वारा इस मामले में “संतोषजनक प्रगति” न करने पर नई दिल्ली ने यहां स्थित पाकिस्तानी उच्च आयोग को क़डा पत्र लिखा है।
विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है, “”भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान से मुम्बई हमलों के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की उसकी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए कहा है।”” मंत्रालय ने कहा है, “”पाकिस्तान द्वारा अपनी प्रतिबद्धता को तय समय में पूरा करने से दोनों देशों के बीच केवल विश्वास की बहाली ही नहीं होगी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ ल़डने वाली पाकिस्तान की भावना भी प्रदर्शित होगी।”” जानकार सूत्रों ने बताया कि भारत ने मुम्बई हमलों में शामिल सात लोगों के बारे में पाकिस्तान से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है।

गत जून में इस सूची को पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक को भेज दिया गया। सूची में पाकिस्तानी सेना के दो अधिकारियों के भी नाम हैं। सूत्रों ने बताया कि भारत ने मुम्बई हमलों के समय 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों को निर्देश देने वाले उनके “आकाओं” की आवाज के नमूनों के बारे में भी पाकिस्तान को याद दिलाया है।

हेल्थ: बढ़ रहा है ‘पैस्सिव स्मोकिंग’ का ख़तरा

परोक्ष धूम्रपान का सबसे ज़्यादा असर बच्चों पर पड़ता है. धूम्रपान को लेकर किए गए अब तक के पहले अंतरराष्ट्रीय अध्ययन से ये बात सामने आई है कि दुनियाभर में हर साल छह लाख से ज़्यादा लोग ‘पैस्सिव स्मोकिंग’ यानी दूसरों के द्वारा छोड़े गए धुंए को झेलने से मर जाते हैं.

विश्व स्वास्थय संगठन (डब्लूएचओ) ने लगभग 200 देशों में किए इस अध्ययन में पाया कि ‘पैस्सिव स्मोकिंग’ यानि परोक्ष रुप से धूम्रपान करने वाले बड़े पैमाने पर हृदय रोग, सांस की बीमारियों और फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित होते हैं. अध्ययन के अनुसार दुनियाभर में हर साल होने वाली मौतों का एक फ़ीसदी हिस्सा ‘पैस्सिव स्मोकिंग’ से होने वाली मौतों का है.

विश्व स्वास्थय संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक परोक्ष धूम्रपान का सबसे ज़्यादा असर बच्चों पर पड़ता है. घर में रहते हुए इस धुंए को झेलने से नवजात शिशुओं में निमोनिया, दमा और अचानक मौत का ख़तरा कई गुना बढ़ जाता है. विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक दुनियाभर में धूम्रपान को रोकने के लिए कानून बनाए गए हैं लेकिन अपने बच्चों को परोक्ष धूम्रपान से बचाने के लिए माता-पिता को जल्द से जल्द से कारगर क़दम उठाने की ज़रूरत है.

खुशखबरी: खाद और बीज खरीदने की नो लिमिट

फर्रुखाबाद: किसानो के लिए यह सूचना किसी बरदान से कम नहीं है कि जिस बीज और खाद को लेने के लिए सोसाईटी में लम्बी लाइन लगानी पड़ती थी| जब नंबर आता तो कालावाजारी करने वालों के शिकार हो जाते, और उनके द्वारा फिक्स किये गए मूल्य के अनुरूप अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है|

किसानों के लिए खुशखबरी की बात यह है कि सोसाईटी में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है, किसान अपनी जरूरत की मुताविक खाद और बीज खरीद सकते हैं|

किसानों के मिलने वाले बीज और खाद की कीमतें

गेंहू बीज:

* गेंहूं बीज सामान्य 1500 रुपये प्रति कुंटल
* गेंहू बीज फाउन्डेसन 1660 रुपये प्रति कुंटल

खाद:

* यूरिया 278 रुपये प्रति बोरी|
* डीएपी 503 रुपये प्रति बोरी|
* ऍन ओपी 252 रुपये प्रति बोरी|

बीते दिनों राजेपुर ब्लाक के ग्राम खंडौली में सोसाईटी द्वारा खाद और बीज वितरण के दौरान काफी घपले वाजी की गयी थी| जिसमे आर्थिक और शारीरिक रूप से मजबूत लोग पैरवी कर जमकर खाद और गेंहूं बीज ले जा रहे थे, जिसमे वेचारा आम आदमी सिर्फ कोल्हू के वैल की तरह खाद और बीज लेने की जुगत में लगा रहा उसे न ही बीज नसीब हुआ और न ही खाद|

आज सूत्रों से मिली जानकारी के दौरान ग्राम पंचायत खंडौली में खाद और बीज वितरण के दौरान काफी ववाल मचा| वहां के ग्रामीणों ने सोसाईटी केंद्र पर पहरा दिया और कहा कि अगर हमें खाद और बीज नहीं मिलेगा तो दूसरों को भी नहीं मिलने देंगे|

कोआपरेटिव सचिव के दोपहर बाद सोसाईटी केंद्र पहुँचने पर लोगों ने हंगमा मचा दिया| सचिव ग्रामीणों के तेवर देखकर घबरा गया और बोला कि मेरे हाँथ में कुछ नहीं जब ऊंचे ओहदे पर बैठे ही इस कालावाजारी को करवा रहे हैं तो मै तो सिर्फ एक नौकर हूँ|

वाहन न देने पर वाहन मालिकों के विरुद्ध होगा मुकद्दमा

फर्रुखाबाद|| 28 नवंबर को पंचायत उपचुनाव में सदस्यों के होने वाले निर्वाचन के लिए वाहन जुटाने को परिवहन विभाग ने कमर कसकर वाहन मालिकों को फरमान जारी कर दिया है। पंचायत उपचुनाव में वाहन न देने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्ती बरती जायेगी।

चुनाव ड्यूटी के लिए वाहनों को २६ नवम्बर को सातनपुर मंडी समिति मेंएकत्र किया जाएगा| चुनाव के लिए ट्रक, मिनी ट्रक, बस, मिनी बस, टाटा मैजिक वाहनों को अधिग्रहीत कर वाहन मालिकों को समय से वाहनों की आमद कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वाहन न देने वाले मालिकों को मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की चेतावनी दी गयी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान वाहनों की आमद न कराने वाले मालिकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

एएमए को मिला जिला पंचायत का चार्ज

फर्रुखाबाद: शासन के आदेश पर खाली चल रहे अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत पद का अतिरिक्त चार्ज अपर मुख्य अधिकारी हमीरपुर वीके सिंह को दे दिया गया है। तीन माह पूर्व अभियंता आदर्श अग्निहोत्री की सेवानिवृत्ति के बाद से रिक्त चल रहे पद का अतिरिक्त चार्ज लखीमपुर के अभियंता देवेन्द्र सिंह को सौंपा गया है। इसी प्रकार रिक्त चल रहे अभियंता का चार्ज जनपद लखीमपुर खीरी के अभियंता को मिला है।

मालूम हो कि तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रघुनाथ सिंह यादव को मूल निवास के जनपद औरैया में 11 अक्टूबर को हुई एक चुनावी हिंसा में शामिल होने के आरोप में जेल भेजा गया था| इसी क्रम में उनको निलंबित कर दिया गया था। तब से अभी तक पद रिक्त चल रहा था। जिलाधिकारी ने व्यवस्था की दृष्टि से जिला विकास अधिकारी को चार्ज दे दिया था। अपर मुख्य अधिकारी ने फिलहाल तीन-तीन दिन दोनों जनपदों को देने की मंशा जतायी है, परंतु दोनों जनपदों के बीच लगभग ढाई सौ किलोमीटर की दूरी होने के कारण लगता है कि जनपद का कार्य हमीरपुर से ही चलेगा।

यूपी के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार: मायावती

लखनऊ|| उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने आज इलाहाबाद में हुयी पार्टी रैली में राज्य में बुनियादी सुविधाओं की कमी के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में मूलभूत सुविधाओं की दुर्दशा के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है। कांग्रेस ने देश ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी लगभग 40 साल तक एकछत्र राज किया।

मायावती ने यहां जारी बयान में कहा कि सोनिया को आरोप लगाने से पहले तमाम तथ्यों पर भी गौर कर लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जहां तक उत्तर प्रदेश सरकार का सवाल है तो वह किसी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करती और जो भी अधिकारी या व्यक्ति इसमें लिप्त पाया जाता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।

केंद्र द्वारा उत्तर प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये दिए जाने के बावजूद इस सूबे में बुनियादी समस्याएं मौजूद रहने संबंधी सोनिया गांधी के आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के मौजूद न होने के लिए तो कांग्रेस पार्टी ही जिम्मेदार है, जिसने आजादी के बाद लगातार लगभग 40 साल तक प्रदेश में और 50 वर्ष से अधिक समय तक केंद्र में राज किया। लेकिन कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के लिए कुछ नहीं किया।

बसपा प्रमुख ने कहा कि जब कभी प्रदेश की मौजूदा सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए केंद्र से धनराशि की मांग की तो उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया।

मायावती ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को केंद्र से कुल 34083.54 करोड़ रुपये मिलने हैं। गत अक्टूबर तक उसमें से सिर्फ 16414 .16 करोड़ रुपये ही मिले हैं, जबकि 17669.38 करोड़ रुपये प्राप्त होना बाकी है। इस तरह केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के साथ उदासीनतापूर्ण रवैया अपनाए हुए है।

बसपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कई बार पत्र लिखकर तथा खुद मिलकर भी उनका ध्यान केंद्र द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति बरते जा रहे सौतेले व्यवहार की ओर दिलाया था, लेकिन उसका कोई खास फायदा नहीं मिल पाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में प्रदेश में बसपा सरकार बनने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर 80 हजार करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज मांगा था। लेकिन केंद्र ने इस पैकेज के तहत अभी तक कोई मदद नहीं की।

अष्टधातु की 3 करो़ड रूपये की मूर्ति के साथ 3 गिरफ्तार

गोरखपुर|| उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिस ने करीब तीन करो़ड रूपये मूल्य की अष्टधातु की अतिप्राचीन मूर्ति के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।

जिले के ब़डहगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार देर रात जाबिर, मुस्तकीन और शाहिद (सभी करीब 25 वर्ष) को उस समय अष्टधातु की मूर्ति के साथ गिरफ्तार किया जब वे उसे बेंचने की फिराक में थे। स्थानीय थाना प्रभारी अनिल पांडे ने आज संवाददाताओं को बताया कि तस्करों के कब्जे से पांच किलोग्राम वजन की भगवान गौतम बुद्ध की अतिप्राचीन अष्टधातु की मूर्ति बरामद की गई है।

तीनों आस-पास के आजमगढ़ और मऊ जिलों के निवासी हैं। पांडे के मुताबिक तीनों ने प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि बरामद मूर्ति नेपाल के बौद्ध मंदिर से चुराई गई है, जिसे ये दिल्ली के किसी ग्राहक को बेंचने की फिराक में थे। पुलिस का कहना है कि तीनों बीते पांच सालों से इस धंधे में लिप्त हैं और ये नेपाल स्थित मूर्ति चोर गिरोह के लिए आपूर्ति करने (सप्लायर) का काम करते हैं। तीनों से इनके गिरोह के बारे में पूछताछ की जा रही है।