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भुखमरी के शिकार मजदूर भूले मनरेगा दिवस

फर्रुखाबाद: प्रधानों के आलस पन के कारण महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के मजदूरों पर तुषारापात हो गया है| बीते २ माह से काम न मिलने के कारण मनरेगा मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं|

भूंखे मरने की नौवत देख मनरेगा मजदूर अब गाँव छोड़कर मजदूरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं, अब उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है| जबकि बीते माह जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी प्रधान,बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी मजदूरों के घर पर रोजाना हाजिरी लगाकर वोट देने की फ़रियाद करते थे| मजदूरों को मनरेगा का दिलाने का भी वायदा किया गया था|

केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूर को प्रतिवर्ष हर हालत में १०० दिन काम देने का वायदा किया है| मजदूरों से गाँव की क्षतिग्रस्त सड़कों पर मिट्टी का भराव, नए चकरोड, तालाब की खुदाई आदि कार्य कराये जाते हैं|

तहसील कायमगंज में आज मनरेगा दिवस पर कोई भी मजदूर नहीं पहुंचा| जिसके कारण वहां कोई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद नहीं रहा|

७ बाईकें व गुजरात चोरी के जेवरात बरामद, ४ बंदी

फर्रुखाबाद: थाना मऊदरवाजा पुलिस ने २ वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनकी निशादेही पर चोरी की ७ बाईकें बरामद की हैं|

पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन ने बताया कि अंतर्जनपदीय शातिर वाहन चोर गिरोह के २ सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया जिनकी निशादेही पर लखनऊ व कानपुर से चुराई गई ७ बाईकें बरामद हुईं हैं|

एसपी ने बताया कि एक सर्राफ सहित २ शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया| जिनके पास से गुजरात से चोरी किये गए जेवरात व ७४ हजार रुपये नगद बरामद किये गए हैं| उन्होंने गुडवर्क करने वाली थाना मऊदरवाजा पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की है|

मऊदरवाजा एसओ कमरूल हशन ने बताया कि थाना शमसाबाद के ग्राम बक्सुरी निवासी पवन कुमार यादव पुत्र यदुनाथ व अवनेश कुमार यादव पुत्र जवाहर सिंह को पुरानी ईदगाह के पास गिरफ्तार किया गया| जिनके पास कानपुर नगर थाना चौवेपुर क्षेत्र से चुराई गई यूपी ७८ बीएल / ४२३३ हीरो होंडा सुपर स्प्लेंडर, यूपी ३२ सीसी / ०३८० हीरो होंडा पैसन, यूपी ७८ एस / १४४४ हीरो होंडा पैसन, थाना शिवराजपुर क्षेत्र की यूपी ७८ वीपी / ५६४९, थाना रनियां क्षेत्र की यूपी ७८ एएक्स / ३९०८ हीरो होंडा स्प्लेंडर, लखनऊ अमीनाबाद कोतवाली क्षेत्र से यूपी ३२ बीएच / ०५९० हीरो होंडा पैसन तथा यूपी ७८ बीएस / ९८०७ हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस बाइक बरामद की गईं|

* एसओ ने बताया कि थाना नवाबगंज के ग्राम दनियामानपुर निवासी हरिओम राजपूत पुत्र महाराम, नीलेश लोधी पुत्र रामशरन, फर्रुखाबाद के मोहल्ला जोगराज स्ट्रीट निवासी शिवनंदन वर्मा पुत्र दिवारी सर्राफ तथा हरदोई थाना साह्बाद के ग्राम दुबियारी निवासी राजवीर लोधी पुत्र विश्राम सिंह को गिरफ्तार किया गया|

गुजरात में कबाड़े का काम करने वाले हरिओम ने राजवीर व नीलेश के सहयोग से अहमदावाद के बापू नगर में १० दिन पूर्व एक बंद मकान से जेवरात चुराए जेवरातों को सर्राफ शिवनंदन के यहाँ बेंचा गया| इनके पास से ७४ हजार रुपये, ५ चांदी के सिक्के, ३ चांदी के गिलास, २ चांदी के तस्तरी, १ चांदी का लोटा व कटोरी, घड़ी, ४ मोबाइल फोन, आर्टीफिशियल ज्वैलरी, चूड़ी, तोडियां, बिछुआ, टोप्स, झुमके व सोने की बालीं बरामद की गईं|

हरिओम ने बताया कि मैंने २ किलो २५० ग्राम चांदी ९० हजार रुपये में शिवनंदन को बेंची थी| अवनीश ने बताया कि मैंने कन्नौज के ग्राम सलेमपुर निवासी रिश्तेदार ब्रजकिशोर से १६ हजार रुपये में बाइक खरीदी थी| पुलिस ने आरोपी नीलेश को पुलिस अधीक्षक के समक्ष नहीं पेश किया|

पीड़ित बसपाईयों ने पुलिस कार्यालय घेरा, नारेवाजी

फर्रुखाबाद: रिश्वतखोर थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग को लेकर पीड़ित बसपाईयों ने पुलिस कार्यालय में नारेवाजी की| पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन ने आज शाम तक ही जांच कार्रवाई करने का आश्वासन दिया|

बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष अजय भारती उनके भाई अरविन्द कुमार तथा घायल माँ रेश्मा देवी बसपा समर्थकों की भीड़ को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे| बसपा जिलाध्यक्ष रामानंद प्रजापति आदि कई बसपा नेता भी थे| जब पीड़ित कार्यकर्ता नारेवाजी की योजना बनाने लगे तो जिलाध्यक्ष नाराज होकर चले गए|

पीड़ित बसपाईयों ने एसओ मऊदरवाजा हटाओ, भ्रष्टाचार मिटाओ| रिश्वतखोरी नहीं चलेगी, बीएसपी कार्यकर्ता सजग हैं, अब अत्याचार नहीं चलेगा| अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र ने आन्दोलन कारियों को शांत करके पुलिस अधीक्षक से मिलवाया|

अरविन्द ने एसपी को शिकायती पत्र देकर मुकद्दमे की विवेचना किसी अन्य अधिकारी से कराये जाने तथा रिश्वतखोर पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई किये जाने की मांग की| अरविन्द ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने अभियुक्तों से मोटी रकम लेकर मुकद्दमे के संगीन धारा ४५२ को हटा दिया|

अरविन्द ने आरोप लगाया कि विवेचक ने मेरे व मेरी घायल माँ के बयान तक नहीं लिए| विवेचक ने एक लाख रुपये लेकर धनवान हमलावरों की खुलेआम मदद की है| इसी लिए पुलिस अन्य हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर रही है| अरविन्द ने बताया कि बसपा जिलाध्यक्ष यह कहकर चले गए कि अपनी लड़ाई स्वयं लड़ो कार्यकर्ताओं की लड़ाई में मदद नहीं कर पायेंगें| मालूम हो कि बीते दिनों मोहल्ला नौ लक्खा निवासी अरविन्द ने परिजनों पर हमला करने वाले ओमप्रकाश व उसके पुत्र नरेन्द्र आदि के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी|

‘मामू’ बोलने पर भड़के सिपाही ने छात्र को धुना

मुंबई।। पुलिसवाले क्राइम कर भाग रहे अपराधियों का पीछा करें या ना करें, लेकिन अगर किसी छोटे बच्चे ने भी राह चलते उन्हें छेड़ा तो शामत आई समझो।

मुंबई में पांचवी के एक स्टूडेंट के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। इस बच्चे ने ट्रैफिक पुलिस के एक कॉन्स्टेबल को शरारत में ‘मामू’ कह डाला।

‘मामू’ शब्द सुनकर कॉन्स्टेबल का पारा इतना चढ़ा कि उसने पहले बाइक से 15 मिनट तक स्कूल बस का पीछा किया और फिर बस रुकवाकर उस बच्चे को थप्पड़ जड़ दिए। जानकारी के मुताबिक मुंबई के उत्पल सांघवी स्कूल के बच्चे अपनी स्कूल बस में जा रहे थे।

तभी एक बच्चे ने मजाक-मजाक में सीट से उछलकर ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल को ‘मामू’ कह दिया। बच्चे के इस कॉमेंट से कॉन्स्टेबल का पारा चढ़ गया। उसे बस का पीछा कर और उसे रुकवार कर छात्र की पिटाई कर डाली।

इस घटना से बस के बाकी बच्चे इतना डर गए कि वे रोने लगे। यह बस पांच से दस साल के बच्चों को लेकर जा रही थी। इस घटना की पुष्टि बस में बैठे दूसरे छात्रों ने भी की है।

उधर, स्कूल की प्रिंसिपल आभा धरम पाल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। ना ही बच्चे के पैरेंट्स और ना ही स्कूल बस के ड्राइवर ने मुझे इसके बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर इस मामले को देखेंगी।

सत्ता की सबसे बड़ी दलाली की कहानी

मनमाने तरीके से बदले नियमः 1995 में जब मोबाइल टेलीफोन सेवा शुरू हुई तो काल दर 16.80 रुपए प्रति मिनट थी। आज यह 25 पैसे तक आ गई है। इस बीच केंद्र में पांच सरकारें बदल गईं। तब मोबाइल ऑपरेटर रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर काम कर रहे थे। सरकार 1998 में नेशनल टेलीकॉम पालिसी लाई।

इसमें आपरेटरों को लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया। सरकार को अच्छा पैसा मिला। 2007 में सरकार ने 2जी स्पेक्ट्रम नीलाम करने का फैसला किया। इस नीलामी में सरकार को कुल नौ हजार करोड़ रुपए मिले जबकि सीएजी के अनुमान के अनुसार उसे एक लाख पचासी हजार करोड़ रुपए से अधिक की कमाई होनी चाहिए थी।

राजा पर आरोप है कि उन्होंने नीलामी की शर्तो में मनचाहे बदलाव किए। प्रधानमंत्री, कानून मंत्री और वित्त मंत्री की सलाह को अनदेखा किया। उन्होंने ऐसी कंपनियों को कौड़ियों के भाव स्पेक्ट्रम दिया जिनके पास न तो इस क्षेत्र में काम का कोई अनुभव था और न ही जरूरी पूंजी।

उन्होंने चंद कंपनियों को फायदा पहंचाने के लिए बनाई और बदली सरकारी नीतियां। लेकिन गठबंधन की राजनीति की दुहाई देते हुए प्रधानमंत्री राजा के खिलाफ विपक्ष, अदालत और सीएजी के आरोप, शिकायतें, टिप्पणियों और रिपोर्टो के बावजूद पूरे तीन साल तक चुप्पी साधे रहे।

क्या है 2 जी?

– सेकंड जनरेशन सेलुलर टेलीकॉम नेटवर्क को 1991 में पहली बार फिनलैंड में लांच किया गया था। यह मोबाइल फोन के पहले से मौजूद नेटवर्क से ज्यादा असरदार तकनीक है। इसमें एसएमएस डाटा सर्विस शुरू की गई।

– राजा ने 2 जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस आवंटन में भारतीय दूरसंचार नियमन प्राधिकरण ट्राई के नियमों की धज्जियां उड़ाईं।

क्या थे नियम

– लाइसेंस की संख्या की बंदिश नहीं

– इकरारनामे में कोई बदलाव नहीं

– प्रक्रिया के समापन तक विलयन और अधिग्रहण नहीं हो सकता

– बाजार भाव से प्रवेश शुल्क

राजा के कानून

– 575 आवेदनों में से 122 को लाइसेंस

– स्वॉन और यूनिटेक के अधिग्रहण को मंजूरी

– इकरारनामे को बदला गया

– 2001 की दरों पर

क्या तरीके अपनाए

– बिल्डर और ऐसी कंपनियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन लगाए, जिनका टेलीकॉम क्षेत्र में काम करने का कोई अनुभव नहीं था। रियल स्टेट क्षेत्र की कंपनियों को टेलीकाम लाइसेंस दिया।

– बाहरी निवेशकों को बाहर रखने के लिए अंतिम तिथि को मनमाने ढंग से पहले तय कर दिया गया।

– पहले आओ, पहले पाओ का नियम बना दिया, 575 में से 122 को लाइसेंस दे दिए।

– घोषणा की कि ट्राई की सिफारिशों पर अमल हो रहा है, लेकिन पांच में से चार सिफारिशें बदल दी गईं।

– केबिनेट, टेलीकॉम कमिश्नर और ईजीओएम को दरकिनार किया।

सीएजी रिपोर्ट में

– नुकसान का आंकड़ा 1,76,379 करोड़ रुपए

– लाइसेंस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों की अनदेखी

– नीलामी से जुड़ी वित्त मंत्री की जरूरी सिफारिशों को सुना नहीं

– 2 जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में टेलीकॉम सचिव के नोट को अनदेखा किया।

– ट्राई के उस पत्र को देखा तक नहीं, जिसमें उसकी सिफारिशों की उपेक्षा नहीं करने को कहा गया।

सात साल पुराने रेट पर स्पेक्ट्रम की बंदरबांट

राजा ने नौ टेलीकॉम कंपनियों को 122 सर्किल में सेवाएं शुरू करने का लाइसेंस दिया। लेकिन प्रक्रिया पर तभी सवाल उठे। आवेदन की अंतिम तारीख एक अक्टूबर घोषित की। बाद में कहा कि स्पेक्ट्रम सीमित होने के कारण 25 सितंबर के बाद मिले आवेदनों पर विचार नहीं होगा। हर कंपनी से 1658 करोड़ रुपए लेकर देश भर में सेवाएं शुरू करने की अनुमति दे दी गई। यह मूल्य सरकार द्वारा 2001 में तय रेट पर लिया गया जबकि 2007 तक टेलीकॉम क्षेत्र कई सौ गुना बढ़ चुका था।

1658 से 10,000 करोड़ बनाए चंद दिनों में

स्वॉन टेलीकॉम को लाइसेंस 1600 करोड़ रुपए में मिला। कुछ दिनों बाद उसने 45 प्रतिशत शेयर सऊदी अरब की इटिसलाट को 4500 करोड़ में बेच दिए। यानी लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी का मूल्यांकन 10,000 करोड़ रुपए हो गया। इसी तरह यूनिटेक ने 60 प्रतिशत हिस्सेदारी नार्वे की टेलीनॉर को 6000 करोड़ में बेच दी। तब तक इन दोनों के पास एक भी उपभोक्ता नहीं था। न ही सेवाएं शुरू हुई थीं।

हेल्थ: पचास फीसदी भारतीय बच्चों में दांत की बीमारी

गलत खानपान और जीवन शैली की वजह से अधिकांश भारतीय दंत समस्या से ग्रस्त होते हैं। पांच वर्ष से कम आयु वाले आधे से अधिक बच्चों को किसी न किसी प्रकार के दंत समस्या होती है।

चिंताजनक बात यह है कि 91 फीसदी भारतीयों को मसूड़े से संबंधित समस्याएं होती हैं। ये चौकाने वाले तथ्य मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस (मेडस) के एक अध्ययन में सामने आए हैं।

हालांकि, मेड्स के प्रिंसिपल डॉ. महेश वर्मा का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से अधिकांश दंत समस्याओं से बचा जा सकता है। वह कॉलेज परिसर में आयोजित पांच दिवसीय दंत स्वास्थ्य उत्सव के दौरान बोल रहे थे।

मंगलवार को इस उत्सव का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेड्स देश का पहला ऐसा संस्थान है जहां आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस है।

उन्होंने कहा कि इस एंबुलेंस में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तमाम जरूरी सुविधाएं, मसलन स्पाइन सपोर्ट बोर्ड, वेंटीलेटर, व्हील चेयर आदि मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि देश की 80 फसीदी आबादी दंत समस्याओं से ग्रस्त है।

राजधानी में बच्चों में दंत रोग बढ़ रहा है, लेकिन मामूली देखभाल से अधिकांश दंत समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोबाइल दंत चिकित्सा वैन विभिन्न इलाकों में जाएगी और लोगों में जागरूकता पैदा करेगी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री किरण वालिया ने कहा कि इस उत्सव में देश के विभिन्न डेंटल कॉलेजों से आए छात्र मुस्कान प्रतियोगिता, डेंटल क्विज, पेंटिग प्रतियोगिता, डांस आदि में भाग लेंगे। इस मेले में सभी को दांतों की विभिन्न जांच की सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने का कि दांतों के रखरखाव से संबंधित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस अवसर पर दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव राजेंद्र कुमार, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अशोक कुमार अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद थे।

दंत समस्याओं पर एक नजर

– 80 फीसदी आबादी व 84 फीसदी बच्चे दंत समस्या से ग्रस्त।

– 35 से 44 उम्र वाले 62 फीसदी लोगों को दंत समस्या।

– एक तिहाई बुजुर्ग के दांत नहीं होते हैं।

– एक लाख में 19 लोगों को कैंसर होता है।

– तंबाकू और पान खाने वाले छह फीसदी लोगों में कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं।

शोध: ’50’ पार बेवफ़ा हो जाता है ‘यार’ !

ब्रिटेन में किए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि 50 साल की दहलीज लांघ चुके लोगों में से करीब एक-चौथाई लोगों ने अपने जीवनसाथी से बेवफाई की है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, 51 से 55 आयु वर्ग में हर तीन में से एक व्यक्ति ने बताया कि उसने किसी और के साथ एक रात बिताई और शारीरिक संबंध कायम किए, जबकि हर चार में से एक व्यक्ति ने स्वीकार किया है कि उसके एक से अधिक व्यक्ति के साथ संबंध बदस्तूर कायम हैं।

साथ ही, इन लोगों के छठे हिस्से ने नए व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाते वक्त गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल नहीं किया, जो किसी भी आयु वर्ग में सबसे अधिक है। ‘द डेली टेलीग्राफ’ में छपी खबर के मुताबिक, इस सर्वेक्षण के तहत लगभग 3,000 लोगों से उनके यौन संबंधों के बारे में पूछा गया था।

वहीं, 16 साल से अधिक उम्र के किशोरों में से 20 फीसदी ने खुद को तब तक संयमित कर रखा, जब तक वे बालिग नहीं हो गए। द को-ऑपरेटिव फार्मेसी की फार्मासिस्ट लीजा मैकक्रीस ने बताया, ‘हमारे अध्ययन से उस मान्यता को चुनौती मिलती है, जिसके तहत यह कहा जाता है कि किशोर उम्रदराज पीढ़ी के लोगों की तुलना में ज्यादा स्वच्छंद हैं।’

वाराणसी धमाका : इंडियन मुजाहिदीन ने मुंबई से भेजा था ई-मेल

वाराणसी: मंगलवार शाम को हुए बनारस के शीतला घाट बम धमाके की जिम्मेदारी लेने वाला आतंकी संगठन इंडियम मुजाहिदीन ने जो ई-मेल भेजा था वो मुम्बई के मलाड स्थित एक कॉल सेन्टर से भेजा गया था।

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत मे लिया था । हालांकि पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने बताया कि आतंकियों ने असुरक्षित वाईफाई को हैक करके यह मेल भेजा। जिस एड्रेस से ईमेल भेजा गया इससे पहले उसे सिर्फ दो बार इस्तेमाल किया गया है। आतंकी संगठन ने अपने संदेश में कहा है कि उसने यह धमाका साल 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने का बदला लेने के लिए किया है।

आपको बता दें कि मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे वाराणसी के घाट पर हुए बम धमाके में एक बच्ची की मौत हो गई थी जबकि 37 लोग घायल हो गए थे। घायलों में 3 की हालत नाजुक है। घायलों में छह विदेशी सैलानी शामिल हैं। इंडियन मुजाहिदीन ने मुंबई से मीडिया संगठनों को भेजे ई-मेल में विस्फोट का जिम्मा लिया था।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव को घोटाले में 4 वर्ष की सजा

सीबीआई के गाजियाबाद स्थित इस विशेष न्यायालय के इस निर्णय को भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले की जांच कर सीबीआई ने अपनी दलील को साबित करने के लिये उन दस्तावेजों अदालत में जमा किया जिनके आधार पर नीरा का बच निकलना मुश्किल था। सीबीआई अधिकारियों ने नीरा यादव द्वारा लिये गये निर्णयों की फाइलों की नोटिंग को भी अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया था जिसमें नीरा यादव ने अपनी कलम से नियमों को तोड़ा था और उस पर मनमानी टिप्पणियां करके अपनी पसंद के लोगों को कौड़ियों के भाव जमीन का आवंटन कर दिया था।

नीरा यादव पर आरोप था कि 1994-96 में जब वह नोएडा प्राधिकरण की अध्यक्ष थीं तब तब उन्होंने प्लॉट आवंटन के मामले में नियमों का उल्लंघन कर अपने चहेते लोगों को उपकृत किया था। इनमें फ्लेक्स इंडस्ट्रीज़ के मालिक अशोक चतुर्वेदी के अलावा नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल के मालिक महेश शर्मा का भी नाम है। 1997 में Noida Entrepreneurs Association की प्रार्थना पर सीबीआई ने 1997 में इस मामले की जांच का मामला दर्ज किया था। और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 1998 में इस मामले में नीरा यादव के खिलाफ जांच शुरू की थी। सन 2002 में इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

इस मामले में 1971 बैच की यूपी कैडर की इस सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ फ्लेक्स कंपनी के सीईओ अशोक चतुर्वेदी को भी दोषी करार दिया गया है। नीरा यादव और अशोक चतुर्वेदी दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस मामले में नोएडा के कैलाश अस्पताल के मुखिया महेश शर्मा भी आरोपों के घेरे में है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से हमेशा से चर्चा में रही हैं। नीरा यादव को मुलायम सिंह का भी करीबी माना जाता है। मुलायम सिंह ने अपने कार्यकाल में नीरा यादव को बचाने की काफी कोशिशें भी की थी। जब सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल रोमेश भण्डारी से नीरा यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी तब मुलायम सिंह ने ही रोमेश भण्डारी को ऐसा करने से रोक दिया था। मुलायम की सलाह के बाद रोमेश भण्डारी ने सीबीआई को मुकदमा दर्ज करने की अनुमति देने के बजाय इस मामले की जांच के लिये अलग समिति ही बना दी थी।

नीरा यादव देश की पहली ऐसी आईएएस अफसर हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुख्य सचिव के पद से हटना पड़ा था।

यहां पर उल्लेखनीय बात यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख सचिव रह चुकी इस भ्रष्ट महिला आईएएस अधिकारी को उसके अंजाम तक एक तेज तर्रार महिला आईपीएस अधिकारी ने ही पहुंचाया है। सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की महिला आईपीएस अधिकारी तिलोत्तमा वर्मा ही इस मामले को देख रही थीं।

तिलोत्तमा वर्मा खुद भी यूपी कैडर से आती हैं और इस समय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली सीबीआई में हैं। सन 2000 में हाथरस का पुलिस अधीक्षक रहने के दौरान एक मुठभेड़ में दो बैंक लुटेरों को मार गिराने के लिये तिलोत्तमा वर्मा को राष्ट्रपति का शौर्य पदक भी मिल चुका है।

वोट डालने के लिए सदस्यों को नया आईडी कार्ड

फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान सुविधा की दृष्टि से पहचान पत्र की व्यवस्था लागू की है। इसी क्रम में आज दस जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मतदान के लिए पहचान पत्र के लिए आवेदन किया हैं।

पंचायत निर्वाचन कार्यालय में अभी तक पहचान पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने वालों में दृगपाल यादव (23),श्यामा यादव उर्फ मंजूलता (वार्ड 15), सौभाग्यवती (4), गिरीश चन्द्र (3), रामविलास (24), चंद्रमुखी कठेरिया (17), अरविंद शाक्य (12), ममता (8), डॉ.अनीता यादव (वार्ड 14) और रोहिताश वर्मा (21) ने आवेदन किया है|
पहचान पत्र पर आयोग का पक्ष-
ज्ञात हो कि उपायुक्त राज्य निर्वाचन आयोग एलबी पाण्डेय के अनुसार आयोग की ओर से किसी निश्चित पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं रखी गयी है। जिला पंचायत सदस्य की पहचान के लिए कोई भी फोटोयुक्त पहचान पत्र पर्याप्त है। सहायक निर्वाचन अधिकारी / उपजिलाधिकारी आरबी वर्मा ने बताया कि अभी तक किसी भी सदस्य ने सहायक के लिए कोई आवेदन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि अभी आयोग से भी इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।