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चुनाव में धोखा खा गईं डॉ अनीता

फर्रुखाबाद: जनक्रांति पार्टी की प्रत्याशी डॉ अनीता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भीतर घात होने से धोखा खा गईं उन्हें मात्र 8 वोट मिले|


डॉ अनीता यादव सबसे पहले वोट डालने के लिए जिला पंचायत सदस्य सौभाग्यवती राजपूत, रीता राजपूत, चंद्रमुखी कठेरिया, ममता माथुर, रोहिताश वर्मा, ग्रीश चन्द्र यादव, अरविन्द शाक्य, पवन गौतम के साथ पहुँची|

डॉ अनीता की पैरवी में जनक्रांति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश राजपूत, जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कटियार, डॉ ज्ञानेंद्र शाक्य, डॉ एसपी बघेल, डॉ देवदत्त राजपूत, दीना राजपूत, डॉ जितेन्द्र सिंह यादव, डॉ अनार सिंह यादव, राजन राय जौली आदि दर्जनों समर्थक साथ गए| जिनको मात्र 8 वोट मिलने की जानकारी पर काफी गहरा सदमा लगा सभी लोगों के चेहरों पर मायूसी छा गयी| और वह आनन्-फानन में ही खिसक गए|

डॉ अनीता व उनके परिजनों को चुनाव हारने का काफी मलाल है| उनके सहित वोट डालने वाले किसी एक सदस्य ने भीतर घात कर दिया जबकि उनको 13 वोट मिलने की पूरी उम्मीद थी| 16 सदस्यों ने वोट देने का पूरा भरोसा दिलाया था| जिन्होंने वोट देने के लिए मोटी रकम भी ले ली थी|

जीत की खुशी में ध्वस्त हुई प्रशासनिक व्यवस्था

फर्रुखाबाद: बसपा प्रत्याशी तहसीन के चुनाव जीतते ही प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई| सुबह से मतदान के खत्म होने तक वोटरों के अलावा अन्य कोई भी व्यक्ति मतदान केंद्र के (जिलाधिकारी की अदालत) प्रांगण तक में नहीं पहुँच सका| विधायक कुलदीप, ताहिर हुसैन सिद्दीकी व मनोज अग्रवाल भी गेट के बाहर खड़े रहे|

जैसे ही तहसीन को चुनाव जीतने का प्रमाण पत्र मिला किसी ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर लगे फाटक को खोल दिया और अन्दर सैकड़ों लोग घुस गए|

तहसीन को फूल-मालाओं से लादकर कंधे पर उठाया गया| पुलिस ने लोगों को बाहर निकालने का असफल प्रयास किया|

खुशी में विधायक मनोज की तबियत खराब

विधायक मनोज अग्रवाल को भी लोगों ने खुशी में ऊपर उठा लिया तो उनको चक्कर आ गया जिसके कारण वह फर्स पर बैठ गए| कुछ लोगों ने अगौन्छा हिलाकर हवा की बाद में उन्हें कलेक्ट्रेट नाजिर के कार्यालय ले जाया गया| काफी देर बाद तबियत ठीक होने पर मनोज अग्रवाल बहर निकले इस दौरान नगर पालिका के लाइट अधीक्षक राजाबाबू आदि मौजूद रहे|

एसपी ने लिया सुरक्षा का जायजा

पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन ने सुबह मतदान होने से पूर्व ही मतदान केंद्र के बाहर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र को आवश्यक निर्देश देकर अपने कार्यालय चले गए|

एएसपी बीके मिश्र, सीओ सिटी डीके सिसोदिया, इंस्पेक्टर सिराज अहमद, पुलिस व पीएसी जवानों के साथ मतदान केंद्र के बाहर डटे रहे|

तहसीन पर की गई थी सख्ती

अन्य प्रत्याशी व वोटरों की तरह तहसीन की भी जबर्दस्त ढंग से तलाशी ली गई किसी को भी पेन, मोबाइल, बैग आदि सामान नहीं ले जाने दिया गया| एसडीएम रवींद्र वर्मा ने मतदाता सूची के फोटो से वोटरों का मिलान किया तथा एक वोट पड़ जाने पर दूसरे को अन्दर भेजा|

जब मतगणना के लिए वोटर अन्दर जाने लगे तो एलआईयूं कर्मचारी के मौजूद न होने पर श्री वर्मा ने ही उनकी तलाशी ली| जब तहसीन कई बार अन्दर बाहर गए तो श्री वर्मा की हिदायत पर तहसीन मतदान केंद्र के अन्दर ही रहे|

वहां एक युवक ने डीएसओ कार्यालय की ओर से मोबाइल फोन से तहसीन की बात कराई तो वहां ड्यूटी करने वाले नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर ने तुरंत जाकर तहसीन से मोबाइल फोन वापस करवा दिया|

36 का आंकड़ा रहा तहसीन व अनीता में

बसपा प्रत्याशी तहसीन सिद्दीकी व जनक्रांति पार्टी की प्रत्याशी अनीता यादव में चुनाव प्रचार की तरह 36 का आंकड़ा रहा| दोनों प्रत्याशी मतदान केंद्र के बाहर डटे रहे लेकिन किसी ने भी एक-दूसरे से बात करना तो दूर नजरें तक नहीं मिलाईं|

डीएम ने की मतगणना की घोषणा

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने माईक पर घोषणा की कि प्रत्याशी तहसीन को 17 , अनीता को 8 तथा अतुल गंगवार व मंजूलता को कोई भी वोट नहीं मिला| मतगणना स्थल पर पर्यवेक्षक बीके सिंह के अलावा सीडीओ चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, एडीएम सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव मौजूद रहे|

सपा प्रत्याशी मंजू का वोट बसपा के खाते में

फर्रुखाबाद: समाजवादी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मंजूलता यादव उर्फ़ श्यामा देवी ने अपना कीमती वोट बसपा प्रत्याशी को दे दिया जिसके कारण ही उन्हें एक वोट तक नहीं मिला|

सपा विधायक नरेन्द्र सिंह यादव की भाभी मंजूलता, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष द्रुगपाल सिंह यादव बाबी, पार्टी के वरिष्ठ नेता राम प्रकाश उर्फ़ कल्लू यादव की पत्नी गुड्डी तथा रावेन्द्र उर्फ़ छुन्ने यादव के साथ वोट डाला| शरू से ही उनको चुनाव के हंसिये पर माना जा रहा था|

किसी ने यह सपने में भी नहीं सोंचा था कि सपा प्रत्याशी अपना वोट प्रबल विरोधी बसपा पार्टी को दे देगा| मतदान करने के बाद किसी भी वोटर के चेहरे पर रौनक नहीं थी| मंजूलता के साथ सपा नेता बाबी ने भी अपना वोट बसपा को दे दिया|

मंजू ने चुनाव हारने का भी रिकार्ड बनाया

प्रत्याशी मंजूलता ने लगातार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का तीसरी बार चुनाव हारने का रिकार्ड बनाया है| सपा की टिकट के लिए डॉ अनीता के आवेदन करने पर उन्ही का ही एक मात्र नाम पैनल में भेजा गया था|

बताया जाता है कि विधायक नरेन्द्र सिंह यादव सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को विधायक पद से इस्तीफा देने तक का दवाव डालकर भाभी के लिए टिकट ले आए थे|

मंजू ने झूंठा दिया था आशीर्वाद

सपा प्रत्याशी मंजूलता जब मतदान करने के लिए केंद्र के बाहर खड़ी थी उसी समय जनक्रांति पार्टी की प्रत्याशी डॉ अनीता यादव के पति डॉ अनार सिंह यादव ने मंजूलता के पैर छुये तो यही समझा गया कि मंजूलता ने उन्हें जीत का आशीर्वाद दे दिया|

इसी द्रश्य को देखने के बाद अधिकारियों से शिकायत की गयी कि वोटरों को प्रभावित किया जा रहा है| अधिकारियों के निर्देश पर वोटरों के पास मौजूद अन्य लोगों को हटा दिया गया| बाद में डॉ अनार सिंह यादव ने बताया कि मैंने सम्माननीय होने के कारण पैर छूए थे चुनाव के कारण नहीं|

चुनाव में पराजय से कल्याण को सदमा, मुकेश की फजीहत

फर्रुखाबाद: पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनक्रांति पार्टी के मुखिया कल्याण सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रत्याशी डॉ अनीता यादव की पराजय से सदमा पहुंचा| वहीं चुनाव के रणनीतिकार पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश राजपूत की फजीहत हुई है|

पार्टी प्रत्याशी को चुनाव जिताने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बीते तीन दिनों से मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज में डेरा डाले थे| वह आज सायं बुझे मन से चले गए जिला पंचायत अध्यक्ष सौभाग्यवती के पति मुकेश राजपूत ने पैरवी करके डॉ अनीता को पार्टी की टिकट दिलवाई और उन्हें जितवाने के लिए दिन रात एक कर दिया, तथा मतगणना तक वहीं डटे रहे|

जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर ५ वर्ष मुकेश राजपूत व ५ वर्ष उनकी पत्नी सौभाग्यवती का कब्जा रहा| मुकेश ने १९ लोगों को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया जिनमे उनकी पत्नी, चंद्रमुखी कठेरिया आदि चुनाव जीते| जिला पंचायत सदस्य पवन गौतम को जीतने के बाद लखनऊ में कल्याण सिंह के समक्ष पार्टी में सामिल कराया|

मुकेश ने कई बार पत्रकारों के समक्ष दावा किया था कि अनीता ११० प्रतिशत चुनाव जीतेंगीं| इस चुनाव में वह पिछला रिकार्ड भी तोड़ेंगें|

जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर तहसीन का कब्जा

फर्रुखाबाद: जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी पर बसपा सरकार के ही नुमाईंदे का परचम लहराया|

बसपा विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी के भाई तहसीन हुसैन सिद्दीकी ने १७ वोटो से जीत दर्ज कर जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सीट हथिया ली| तहसीन सिद्दीकी के मुकावले में जनक्रांति पार्टी से अध्यक्ष पद पर अनीता यादव ८ वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहीं|

वहीं अतुल गंगवार व सपा प्रत्याशी विधायक नरेन्द्र सिंह यादव की भाभी मंजूलता यादव को एक भी वोट नसीव न होने के कारण उनकी जमानत जब्त हो गई|

मुकावले के लिए हिन्दू अस्त्र-शस्त्र से लैस हों

फर्रुखाबाद: विश्व हिन्दू परिषद् उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के क्षेत्र संगठन मंत्री महावीर सिंह ने आज यहाँ ओजस्वी भाषण देकर हिन्दू समाज के लोगों को राम मंदिर बनवाने के लिए संघर्ष करने को उकसाया|

श्री सिंह भारतीय पाठशाला में हनुमति शक्ति जागरण समिति के द्वारा आयोजित यज्ञ एवं अनुष्ठान की समाप्ति पर धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे| उन्होंने कहा कि यदि आज अयोध्या में राम मंदिर न बना तो विरोधी भविष्य में वहां मंदिर नहीं बनने देंगे| हमारी ८० प्रतिशत आबादी के मुकावले विरोधी २०० फीसदी ही है| जिस दिन विरोधी ३५ फीसदी हो गए तो हमें होली और दीवाली जैसे त्यौहार मनाने के लिए उनकी अनुमति लेनी होगी|

श्री सिंह ने कहा कि अगर आज सरकार को हम मजबूर नहीं कर सकते तो कल हम मजबूर हो जायेंगे| उन्होंने कहा कि हिन्दू अगर आतंकी नहीं बन सकते तो कम से कम अस्त्र-शस्त्रों से अपने को सजा ही लें पता नहीं सरकार कब आतंकी बना दे|

धर्म सभा में डॉ ब्रह्मदत्त अवस्थी, देवी सहाय पालीवाल, रवींद्र सिंह भदौरिया, ज्ञान प्रकाश पाठक, हरिश्चंद्र पाठक, सुरेन्द्र अवस्थी, सूर्या प्रकाश द्विवेदी, लक्ष्मीकांत मिश्रा, भानु प्रताप सिंह, नारायण जी, विशम्भर दयाल जी, स्वामी परमानंद जी, देवाश्र्म जी स्वामी भारत चैतन्य, सदानंद जी, वीरेंद्र स्वरुप, महेश देव परमहंस, मिथिलेश ब्रह्मचारी आदि साधू-संतों ने विचार व्यक्त कर राम मंदिर को बनवाये जाने का आवाहन किया|

सहायक के लिए बीमार हुये बसपा के १३ जिला पंचायत सदस्य

सहारनपुर: जिला पंचायत अध्यक्ष पद को मतदान करने वाले बसपा के 23 सदस्यों में से 13 बीमार पाए गए हैं। इन्हें मेडिकल बोर्ड ने अनफिट करार देकर मतदान के दौरान ‘सहायक’ देने की संस्तुति की है।

12 दिसंबर को जिपं अध्यक्ष पद के लिए मतदान होना है। बसपा ने अपने 24 सदस्यों को बीमार बताया और डीएम से आग्रह किया कि मतदान के समय इन सदस्यों को ‘सहायक’ दिया जाए। जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रविश गर्ग ने इसके लिए तीन चिकित्सा विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया। इसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. एसएस लाल, सर्जन डा. राजन डंग और फिजीशियन डा. पीके बंसल को शामिल किया गया।

सीएमओ दफ्तर के एक कक्ष में सुबह साढ़े नौ बजे से इन ‘बीमार’ सदस्यों का मेडिकल परीक्षण शुरू हुआ। सीएमओ डा. रविश गर्ग ने बताया कि पैनल ने 23 सदस्यों में से 10 को स्वस्थ और 13 को स्वास्थ्य कारणों से अनफिट बताया है। इन सभी अनफिट सदस्यों को मतदान के वक्त ‘सहायक’ देने की संस्तुति के साथ जिलाधिकारी रिपोर्ट भेज दी गई है।

अगले साल डिजीटल हो जाएगा सीआईसी का कामकाज

तेज और प्रभावी कार्य परिस्थितियां निर्मित करने की दिशा में उठाये गये एक बड़े कदम के तहत केंद्रीय सूचना आयोग अगले वर्ष एक जनवरी से कामकाज के डिजीटल स्वरूप की व्यवस्था को अपना लेगा।

आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली को उन्नत बनाकर उसे अर्द्ध न्यायिक गतिविधियों के लिये कागज रहित स्वरूप देने के मकसद से एक समय सीमा निर्धारित करें।

मुख्य सूचना आयुक्त ए.एन. तिवारी ने कहा है कि पहले कदम के तहत आयोग के केंद्रीय पंजीयक को मिलने वाली सभी शिकायतें और अपीलें स्कैन होने के बाद डिजीटल स्वरूप में परिवर्तित कर दी जायेंगी।

तिवारी ने निर्देश दिये कि इसके बाद केंद्रीय पंजीयक द्वारा यह डिजीटल स्वरूप संबंधित सूचना आयुक्तों के पंजीयकों को भेज दिया जायेगा और वे भी डिजीटल तरीके से ही उसका निपटारा करेंगे।

इस प्रक्रिया का सूचना आयुक्त शैलेष गांधी एक परियोजना के आधार पर इस्तेमाल कर रहे हैं। वर्तमान में अपीलों और शिकायतों को सूचना आयुक्तों के कार्यालय के मुताबिक छांट दिया जाता है और कागजी स्वरूप में उन्हें संबंधित कार्यालयों में भेज दिया जाता है। बड़ी तादाद में आने वाली अर्जियों का रिकॉर्ड बनाये रखने में काफी समय खर्च होता है और इससे शिकायतें तथा अपीलें संबंधित सूचना आयुक्तों के पास पहुंचने में देरी हो जाती है।

एक अक्टूबर को मुख्य सूचना आयुक्त बनने के बाद तिवारी ने आश्वस्त कराया था कि केंद्रीय पंजीयक की कार्यक्षमता को बढ़ाना उनकी शीर्ष प्राथमिकता में रहेगा।

आयोग ने अपनी हालिया बैठक में फैसला किया कि जब तक प्रक्रिया निर्बाध नहीं हो जाती तब तक केंद्रीय पंजीयक का विभाग रसीदें भौतिक स्वरूप में भेजना जारी रखेगा।

सूचना आयुक्त एम.एल. शर्मा और शैलेष गांधी ने केंद्रीय पंजीयक के कामकाज के बारे में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि केंद्रीय पंजीयक विभाग में पर्याप्त कर्मचारी हैं और डाक से संबंधित सभी डायरी कार्य मौजूदा कर्मचारियों द्वारा नहीं कर पाने का कोई कारण नहीं है। विभाग में औसतन प्रतिदिन 300 डाक आती हैं।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजूदा कर्मचारी डेटाबेस में 400 से 475 डाक प्रतिदिन दर्ज करा सकते हैं। समिति की सिफारिशों को मंजूर कर लिया गया था और केंद्रीय पंजीयक विभाग को निर्देश दिये गये थे कि सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करायी जायें।

चुनावी रंजिश में फायरिंग, पूर्व प्रधान सहित 7 गिरफ्तार

फर्रुखाबाद: प्रधानी चुनाव की रंजिश में ग्रामीण को मारपीट कर घायल कर के विवाद में हुई फायरिंग से गांव में दहशत फ़ैल गई|

थाना नवाबगंज के ग्राम पुठरी निवासी प्रेमपाल गांव के ही राजेंद्र सिंह की दुकान पर मोबाइल का रीचार्ज कूपन खरीदने गये थे। वहीं रावतपट्टी (पुठरी) निवासी सुरेश चंद्र दुकान से प्रेमपाल को गाली दी| विरोध करने पर सुरेश व उनके पुत्र श्याम सिंह ने मारपीट कर दी।

झगड़े की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान सुधाकर सिंह साथियों के साथ प्रेमपाल का पीछा करते रावतपट्टी पहुंचे तथा गाली गलौज करने लगे। प्रेमपाल को बचाने उनके समर्थकों के आ जाने पर फायरिंग शुरू हो गयी| भयभीत ग्रामीण घरों में दुबक गये, तीन दर्जन से अधिक हुई फायरिंग की जानकारी किसी ने फोन पर एसपी को दे दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने पूर्व प्रधान सुधाकर सिंह, राकेश, सर्वेश, बब्लू तथा दूसरे पक्ष में विक्रांत, रवी तथा उमेश निवासी जनपद हरदोई को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया| प्रेमपाल ने बताया कि चुनाव में प्रधान की सीट अनुसूचित जाति की आरक्षित होने के कारण उसने रामऔतार का समर्थन किया था जिसके कारण सुरेश चंद्र रंजिश मानते हैं।

रंजिश के कारण उनके साथ गाली गलौज तथा मारपीट की तथा भागते समय पीछा करने पर फायरिंग की गयी। पुलिस ने प्रेमपाल की ओर से सुरेश चंद्र व उनके पुत्र श्याम सिंह के विरुद्ध एनसीआर दर्ज कर ली| तथा घायल का डाक्टरी परीक्षण कराया।

जेल से मुर्दा कैदी को ले जाया गया इलाज के लिए

फर्रुखाबाद: केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़ में बीमारी आदि के कारणों से कैदियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है|आज तड़के जेल में बंदी की मौत हो गयी, तब उसके शव को इलाज कराने के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया|

सेन्ट्रल जेल के बंदी रक्षक भानुप्रताप व रामसेवक मिश्रा ८१ वर्षीय एक मृत कैदी श्रीकृष्ण को लेकर इस तरह सुबह ५:१० बजे लोहिया अस्पताल पहुंचे और कहा कि कैदी की हालत बहुत गंभीर है| डॉक्टर ने एक नजर में ही ताड़ लिया कि जेल से मुर्दे को लाया गया है|फिर भी उन्होंने चेकअप करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया|

श्रीकृष्ण जिला हरदोई थाना मल्लावां के ग्राम विशेश्वरपुर के रहने वाले थे|हत्या के मुक़दमे में उन्हें २५ मई २००७ को आजीवन कारावास की सजा हुई थी|वह १० जून २००७ को सेन्ट्रल जेल लाये गए थे|जेल कर्मचारी श्रीकृष्ण की बीमारी के बारे में जानकारी नहीं दे सके|