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छात्र भाई बहन सहित माँ को घायल किया

फर्रुखाबाद: थाना नवावगंज क्षेत्र में खेत से मिट्टी उठाने की रंजिश में छात्र भाई बहन सहित माँ को घायल कर दिया|

थाना पुलिस ने नवावगंज निवासी अवधेश सिंह यादव की पुत्री हिमानी, पुत्र विमलेश कुमार व पत्नी सुशीला का लोहिया अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया| विमलेश नवावगंज के एसबीएस डिग्री कालेज में बीएससी का छात्र है जबकि हिमानी एके इंटर कालेज कक्षा ११ की छात्रा है|

विमलेश ने बताया कि वह माँ व बहन के सहयोग से खेत पर गेंहूं की खंधाई कर रहा था तभी ताऊ हाकिम सिंह ने मेरे खेत से मिट्टी उठाई जिसमे मैंने बीते दिन ही चारे के बुबाई की थी| मिट्टी उठाने से मना करने पर हाकिम व उनके बेटे अनार सिंह, अमरपाल, अजीत व दिनेश ने लाठी-डंडे व हंसिया से हमला बोल दिया|

रामदेव का 4 जून से आमरण अनशन

वरिष्ठ समाजसेवक अन्ना हजारे के बाद अब योगगुरु बाबा रामदेव भी भ्रष्टाचार के खिलाफ नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 4 जून से आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने आज यहां आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा की।

रामदेव ने कहा कि उनके समर्थन में अन्ना हजारे, संतोष हेगड़े और किरण बेदी भी साथ रहेंगे। लेकिन जब उनसे विवादों में घिरे शांति भूषण एवं प्रशांत भूषण के शामिल होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि वह उनके बारे में कुछ भी बोलकर नया विवाद खड़ा करना नहीं चाहते हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के जन लोकपाल विधेयक की कमेटी में दलित सदस्य को शामिल करने के सवाल पर भी चुप्पी साध ली। उन्होंने खुद ही सफाई देते हुए कहा कि वह योग का अतिक्रमण नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि काला धन के रूप में विदेशी बैंकों में भारतीयों के 300 लाख करोड़ रुपए जमा हैं, इन रुपयों को वापस लाकर राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया जाना चाहिए।

बाबा रामदेव ने कहा कि वह अपनी मांगों का एक पत्र प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को भेज रहे हैं। उनकी तीन मुख्य मांगें हैं- कालाधन जमा करने वाले दोषी पर देशद्रोह का मामला चलाया जाए, यूएन कन्वेंशन एगेंस्ट करप्शन को संसद में पास कराया जाए और जन लोकपाल विधेयक में भ्रष्टाचार के खिलाफ मृत्युदंड का प्रावधान हो। योगगुरु ने कहा भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके इस सत्याग्रह आंदोलन में हिन्दू और मुस्लिम धर्मगुरु भी शामिल होंगे।

बाबा रामदेव में दावे के साथ कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस आंदोलन के समर्थन में देश के 10 करोड़ लोगों के अलावा 100 से ज्यादा देशों में भी लोग अपने स्तर पर उतरेंगे। योगगुरु का कहना है कि भ्रष्टाचार के खत्म होने से ही आतंकवाद और नक्सलवाद भी समाप्त होंगे। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां भ्रष्टाचार में लिप्त है। बाबा रामदेव ने खुलासा किया कि वह सत्ता के लोभी नहीं हैं और उनका आंदोलन सत्ता पाने के लिए नहीं है बल्कि व्यवस्था बदलने के लिए है।

एडी ने अस्पताल में साईकिलों की हवा निकलवाकर भड़ास निकाली

फर्रुखाबाद: कानपुर मंडल के अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ बीके सिंह लोहिया अस्पताल के कामचोर कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए डरते हैं लेकिन आज उन्होंने अस्पताल में मौजूद साईकिलों की हवा निकलवाकर दिलेरी दिखाई|

महीने, पखवारे व सप्ताह तक में चक्कर लगाने वाले डॉ सिंह आज फिर निरीक्षण के लिए लोहिया अस्पताल पहुंचे| अस्पताल में उन्हें गन्दगी, मरीजों के उपचार में लापरवाही देखने को मिली| महिला सोनकली का अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने पर बाजार से कराया गया तो डाक्टर ने उसे खराब बता दिया| एनआरसी बार्ड की व्यवस्था से गदगद हुए डॉ सिंह ने बच्चों की माताओं को अस्पताल की तरह ही घर पर शिशुओं की देखभाल करने का सुझाव दिया|

अस्पताल में नीचे व ऊपर के वार्डों के पास बाइकें व साईकिलें खड़ी थीं| श्री सिंह के कहने पर होमगार्ड जवान ने साईकिलों की हवा निकाली| श्री सिंह ने अस्पताल के अन्दर आने वाले वाहनों पर रोक लगाने को कहा| इमरजेंसी वार्ड का निर्माण न होने पर नाराजगी जताई| शीघ्र ही इमरजेंसी चालू कराने के निर्देश देते हुए कहा कि मुझे मैडम की बैठक में जवाब देना है|

ड्यूटी रूम में जगह की कमी व गर्मी से होने वाली परेशानी के लिए नर्सों ने डॉ सिंह को गहरे लिया और उन्हें ड्यूटी रूम दिखाते हुए पास ही अतिरिक्त कक्ष बनवाये जाने को कहा| एक नर्स ने हाँथ जोड़ते हुए जर्जर आवास की जानकारी देते हुए बताया कि आवास के ऊपर खड़े पेड़ की जड़ें कमरे के अन्दर घुस आईं हैं| यह बता सुनते ही सीएमओ डॉ पीके पोरवाल ने नाराजगी जताई कि उन्हें अभी तक इस समस्या के बारे में क्यों नहीं बताया गया|

डॉ सिंह ने सीएमओ को समस्याओं का शीघ्र ही निस्तारण करने को कहा| मालूम हो कि अनेकों शिकायतों व अव्यवस्थाओं के बावजूद अभी तक अस्पताल के किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुयी है| जिसके कारण कर्मचारी अब खुलेआम यह कहने लगे हैं कि एडी अस्पताल में होने वाले निर्माण कार्य की जांच के बहाने कमीशन लेने आते हैं|

नव विवाहिता ने जहर पीकर जान दी

फर्रुखाबाद: पति से कहासुनी होने से गुस्साई संगीता दुबे ने कीटनाशक जहर पीकर जान दे दी| पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया|

कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम सहसापुर निवासी विनीत दुबे ने बीती रात १०:४५ बजे संगीता को लोहिया अस्पताल पहुंचाया| डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया| संगीता मैनपुरी थाना बेबर के ग्राम दौआखेडा निवासी प्रमोद कुमार मिश्रा की २२ वर्षीय पुत्री थी|

उसका इसी वर्ष १६ जनवरी को नवीगंज में तहबाजारी की ठेकेदारी करने वाले विनीत से विवाह हुआ था| बताया गया कि बीती शाम संगीता का पति से विवाद हुआ नाराज होकर पति घर से बाहर चला गया| जब वह वापस लौटा तो उन्होंने पत्नी को कीटनाशक पीने से गंभीर अवस्था में देखा|

बेसिक शिक्षा अधिकारी की गिरफ्तारी का नोटिस

फर्रुखाबादः छात्र की पिटाई के मामले में जहानगंज क्षेत्र के मान्यता  प्राप्त विद्यालय के विरुद्ध दर्ज मुकदमें में न्यायालय की ओर से जांच के आदेशों का अनुपालन न किये जाने से नाराज जज ने बीएसए के विरुद्ध जिलाधिकारी को पत्र लिख दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायालय ने जिलाधिकारी लिखे पत्र में कहा है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी को 7 मई तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं, यदि सात तारीख को जांच रिपोर्ट न मिली तो उनके विरुद्ध कार्रवाई कर दी जायेगी।

शिक्षक नेता के स्कूल पर छापा, ताले लटकते मिले

फर्रुखाबाद, नगर शिक्षा अधिकारी जेपी पाल ने मंगलवार को प्रातः 7 बजकर 20 मिनट पर प्राथमिक पाठशाला नवदिया पर छापा मारा तो यहां स्कूल पर ताले लटकते मिले। विद्यालय में तैनात शिक्षक नेता संजय तिवारी व शिक्षा मित्र दोनों अनुपस्थित मिले। बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के लिये रिपोर्ट भेजी गयी है।

विदित है कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष संजय तिवारी को स्कूल समय में एसडीएम को ज्ञापन देने जाने के मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी कौशल किशोर ने नोटिस देने की घोषणा की थी। मंगलवार को ही नगर शिक्षा अधिकारी ने उनके स्कूल पर छापा मार दिया। मंगलवार से ही परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा प्रारंभ होनी थीं। परंतु निर्धारित 7 बजे के बीस मिनट बाद भी विद्यालय में ताले लटकते मिले। श्री पाल ने बताया कि इस आशय की रिपोर्ट बीएसए को भेज दी गयी है।

तहसील दिवस से अनुपस्थित आधा दर्जन का वेतन काटा

फर्रुखाबाद: एसडीएम अमृतपुर आरबी वर्मा ने तहसील दिवस पर अनुपस्थित आधा दर्जन अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।

मुख्या विकास अधिकारी व अपर जिलाधिकार की मौजूदगी में संपन्न तहसील दिवस अमृतपुर पर विद्युत अवर अभियंता शिवकुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामनरायन, प्रधान दुग्ध संघ अध्यक्ष ओपी सिंह, आर चंद्र प्रभारी यूपी स्टेट एग्रो, विनोद कुमार जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, हरपाल सिंह जिला गन्ना अधिकारी आदि अधिकारी अनुपस्थित रहे। उपजिलाधिकारी अमृतपुर आरबी वर्मा ने तहसील दिवस पर अनुपस्थित इन अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिख दिया है। पुलिस अधीक्षक ओपी सागर ने तहसील दिवस तथा थाना दिवस की शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण करने के निर्देश दिये।

इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए अक्ल से बड़ी भैंस…

फर्रुखाबाद|| अक्ल बड़ी कि भैंस यह कहावत यहाँ बिलकुल सटीक बैठती है| अगर छोटे बच्चे गलती करें यह तो समझ में आता है लेकिन जब इंटरमीडिएट के छात्र ही बच्चों से भी गयी गुज़री हरकतें करें तो यह बात गले नहीं उतरती|

वाक्या कुछ ऐसा है कि इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बोल-बोलकर करायी गयी नकल भी कापियां जांचने वाले गुरूओं की पैनी नजर से नहीं बच पा रही है। अंग्रेजी में भी बोल-बोलकर नकल के मामले एक-एक कर प्रकाश में आ रहे हैं। परीक्षार्थियों ने नक़ल के कारण जो सही उत्तर दिया था उसको काटकर गलत उत्तर पर सही का निशान ठोंक दिया|

जिले के ग्रामीण केंद्रों में बोल-बोलकर नकल का जो फंडा अपनाया गया वही फंडा कमोवेश पूर्वांचल के जिलों में भी खूब चला। अंग्रेजी परीक्षक डा.संजीव त्रिवेदी ने बताया कि कई प्रश्नोत्तर में सेंस सही है पर शब्दों की स्पेलिंग गलत है। SO की स्पेलिंग SHOW तथा SEE की SHE लिख दिया| अंग्रेजी के लेटर में एक केंद्र पर MY DEAR POOJA से सभी कापियों में पत्र की शुरुआत की गयी।

हिंदी में भी नकल चली। वीरकांत अग्निहोत्री कहते हैं कि वाचाल शब्द को सभी ने वाचार व बातूनी को बातून लिखा गया।

परिषदीय स्कूलों की परीक्षा: ब्लैक बोर्ड पर ही सवाल और जवाब दोनों

फर्रुखाबाद: मंगलवार से शुरू हुई परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा मखौल बनती नज़र आयी| अ अध्यापकों ने ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न और उत्तर लिख दिए और बच्चों को झुंड में बैठाकर कॉपियां। कुछ स्कूलों में तो यह औपचारिकता भी नहीं निभाई गयी| प्राथमिक पाठशाला बर्रा व भात्कुररी के तो ताले तक नहीं खुले|

बर्रा व भात्कुररी के तो ताले तक नहीं खुले

मंगलवार से शुरू हुई परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा ने सर्वशिक्षा अभियान की जमीनी हकीकत को सामने ला दिया है। अधिकांश विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न-उत्तर लिखकर बच्चों से कॉपियां लिखाकर परीक्षा की खानापूरी की जा रही है। गुरूजी से पूछा तो उलटे शिकायत करने लगे कि प्रश्नपत्र व परीक्षा पुस्तिकाएं तक विभाग ने उपलब्ध नहीं कराई हैं| शिक्षकों ने बताया कि किसी भी बच्चे को फेल न करने के निर्देश हैं। नगर क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय भोलेपुर में झुंड बनाकर बैठे बच्चे ब्लैकबोर्ड पर लिखे प्रश्न-उत्तर कॉपी पर उतारने में मशगूल थे। विद्यालय में  मौजूद अध्यापिका ने बताया कि कॉपियां बाजार से खरीदी हैं।

प्राथमिक विद्यालय बर्र्रा और भात्कुर्री  में तो स्कूल के ताले तक नहीं खुले| कई विद्यालयों में तो अकेले शिक्षा मित्रों ने ही परीक्षा निबटाई|

बनिये की दूकान की तरह चलता मिला एआरटीओ दफ्तर

फर्रुखाबाद: मंगलवार को एआरटीओ में छापे के दौरान एसडीएम चंद्रप्रकाश उपाध्याय और सहायक लेखाधिकारे बेसिक शिक्षा साहित्य कटियार एक सरकारी कार्यालय को बनिये की तरह चलता देख कर हैरान रह गए। पत्रावलियों का रखरखाव व प्राप्ति रजिस्टर न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जतायी।

सरकारी अभिलेखों की प्रमाणिकता सदिग्ध दिखी

जांच में एसडीएम और लेखाधिकारी खुद हैरान

जिलाधिकारी के निर्देश पर विगत १५ अप्रैल को एसडीएम चंद्रप्रकाश उपाध्याय ने छापा मार कर अनेक अनियमितताएं पकड़ी थीं| डीएम ने तीन दिन में जांच पूर्ण करने के निर्देश दिए थे| श्री उपाध्याय व श्री कटियार मंगलवार दोपहर एआरटीओ पहुंचे। उन्होंने वाहन पंजीयन पत्रावलियों की जांच कर कर्मचारियों से पूछताछ की। उन्होंने वाहन पंजीयन की नियमावली पूछकर पत्रावलियों की रिसीविंग पंजिका न होने पर नाराजगी जताई की। लिपिक अजय सिंह व मनोज शर्मा से उन्होंने पत्रावलियां मंगाकर जांच करने के बाद विभिन्न मामलों की जानकारी मांगी। जांच के दौरान प्रस्तुत रजिस्टर पर न तो प्रष्ठ संख्या अंकित थी और न ही वोह किसी अधिकार द्वारा प्रमाणित था| अधिकार यह देख कर हैरान रह गए कि साफ़ नज़र आरहा था कि रजिस्टर को खोल कर दुबारा सिला गया है| लिपिकों ने बताया कि नये पंजीकृत होनेवाले वाहनों का सभी कार्य कंप्यूटर से किया जाता है जबकि पुराने वाहनों का कार्य हाथ से होता है। पत्रावलियों की फीडिंग व साफ्टवेयर न आने से ऐसे ही कार्य हो रहा है। जांच के दौरान नाजिम शम्सी ने वर्ष 2003 में अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी होनेवाले ट्रक पर बकाया दिखाकर आरसी जारी करने की शिकायत की। उनका कहना था कि बकाया होने पर किसी वाहन की अनापत्ति जारी ही नहीं हो सकती है। इस संबंध में जब डिप्टी कलेक्टर ने जानकारी की तो सम्बंधित लिपिक के कानपुर जाने की सूचना दी गई। श्री उपाध्याय ने बताया कि जांच कल भी जारी रहेगी|