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भाई की कुर्सी छीनने पर उतारू मुलायम

नई दिल्ली।। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के ‘आत्मसमर्पण’ के बाद भी उनके पुराने साथी आजम

खान ने पार्टी में वापसी का सार्वजनिक ऐलान नहीं किया है। अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि आजम चाहते हैं कि उन्हें यूपी विधानसभा में पार्टी विधायक दल का नेता बनाया जाए। लेकिन इसके लिए मुलायम को अपने छोटे भाई शिवपाल यादव नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाना होगा। इसी पर रस्साकशी चल रही है। हालांकि मुलायम के फैसले पर किसी ने सवाल नहीं उठाया है। लेकिन आजम को जरूरत से ज्यादा सम्मान दिए जाने से पार्टी के ज्यादातर मुस्लिम नेता नाखुश हैं।

एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि अगर मुलायम एक महीने रुक जाते तो आजम खुद उनके दरवाजे पर आ जाते क्योंकि यह साबित हो चुका है कि अब वे मुसलमानों के नेता नहीं, सिर्फ एक मुस्लिम नेता हैं। मुलायम ने आजम के मामले में जो असमय पहल की, उसके पीछे शाही इमाम की अहम भूमिका रही है। इमाम के कहने पर ही मुलायम ने आजम का निलंबन खत्म किया और उन्हें मनाने की बात कही।

क्या आजम को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाएगा? इस सवाल पर वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह बात मुलायम भी जानते हैं कि ज्यादातर विधायक आजम खान के खिलाफ हैं। जहां तक शिवपाल का सवाल है तो विधायक उनके साथ इसलिए नहीं है कि वह मुलायम के भाई हैं बल्कि इसलिए हैं क्योंकि वह उनसे गहराई से जुड़े हैं।

सच तो यह है कि यूपी में मुलायम की राजनीति को शिवपाल ही सही मायने में आगे बढ़ा रहे हैं। एसपी प्रवक्ता मोहन सिंह का कहना था कि शिवपाल तो पहले ही कह चुके हैं कि वह पद छोड़ने को तैयार हैं। पार्टी में मुलायम सिंह के फैसले पर कोई सवाल नहीं उठाता। फिलहाल भी ऐसी कोई बात नहीं है।

पार्टी के कुछ नेता इस खींचतान को मुलायम परिवार की अंदरूनी खींचतान से भी जोड़ रहे हैं। यूपी के एक नेता का कहना था कि शिवपाल कभी आजम खान के करीबी नहीं रहे जबकि रामगोपाल से उनकी दोस्ती जगजाहिर है। शिवपाल अमर सिंह की पसंद माने जाते हैं।

अमर सिंह के निकाले जाने के बाद से ही रामगोपाल आजम खान को वापस लाने की कोशिश में लगे थे। इमाम बुखारी के हस्तक्षेप ने उनकी मुहिम को मंजिल तक पहुंचा दिया है। वैसे फिलहाल यह साफ नहीं है कि आजम खान कब एसपी में लौटेंगे लेकिन उनकी वजह से मुलायम के परिवार में खींचतान मची हुई है।

पारदर्शिता लायेंगी नई जिलाधिकारी

फर्रुखाबाद: व्यवसायिक एवं प्रावधिक शिक्षा विशेष सचिव पद से तवादले पर आईं जिलाधिकारी मिनिस्थी एस ने आज सायं यहाँ जिले का कार्यभार ग्रहण कर लिया|

२००३ बैच यूपी कैडर की आईपीएस अधिकारी मिनिस्थी एस ने बताया कि वह सरकारी महकमे को चुस्त दुरुस्त कर पारदर्शिता लायेंगी| जिससे शस्त्र लाईसेंस, पेंशन आदि के आवेदकों को पता चले कि उनका आवेदन पत्र कहाँ किस स्थित में है| उन्होंने बताया कि वह महिलाओं के अलावा बच्चों की ओर विशेष ध्यान देंगी| खासकर कुपोषण पीड़ितों की जांच-पड़ताल करवाकर उनको दवाएं दिलवायेंगी|

जिलाधिकारी ने बताया कि बेटी घर की रोशनी उनका नारा है| और इस नारे को साकार करने के लिए भरपूर कोशिश कर रही हूँ| गरीब बालिकाओं को नेड़ा से सौर्य ऊर्जा के लैम्प दिलवाए हैं, २ लाख बच्चों की आँखों का भी परीक्षण करवाया है|

पीएचडी करने वाली जिलाधिकारी ने बताया कि माह जनवरी तक उन्हें डाक्टर की डिग्री मिल जायेंगीं| उन्होंने बताया कि वह शासन के चार विभागों में सचिव पद पर, झांसी, आगरा में जोइंट मजिस्ट्रेट तथा शाहजहांपुर व् मैनपुरी में जिलाधिकारी पद पर तैनात रहीं| इससे पूर्व मुख्या विकास अधिकारी सीपी त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर, एसडीएम रवींद्र वर्मा आदि ने जिलाधिकारी का स्वागत किया|

नये SP का फरमान: जो कहता, वही करता

फर्रुखाबाद: पीएसी बटालियन इलाहाबाद से तवादले पर आये पुलिस कप्तान डॉ के एजिलरशन ने आज सायं यहाँ चार्ज ग्रहण कर लिया|

२००७ बैच तमिलनाडु कैडर के आईपीएस अधिकारी डॉ एजिलरशन ने बताया कि वह प्रदेश सरकार की मंशा को पूरी करके गरीबों को न्याय दिलाएंगे| अपनी प्राथमिकता के बारे में बताया कि अन्याय, अपराध व् भय मुक्त प्रशासन बनाने का उनका नारा है| इस नारे को लागू करने में सभी जगह सफल करने में सफलता मिली| और यहाँ भी यही उम्मीद करता हूँ| उन्होंने अपना तकिया कलाम सुनाया कि जो कहता हूँ वही करता हूँ|

उन्होंने बताया कि पुलिस आम व्यक्ति की मित्र है| मित्रों का सहयोग मिलेगा उनकी सेवा करूंगा| उन्होंने बताया कि वह बलरामपुर, शहजाह्नपुर, कन्नौज व् बागपत में पुलिस अधीक्षक पद पर कार्यरत रहे हैं| हार्डीकल्चर से पीएचडी किया है|

डॉ एजिलरशन के पुलिस मुख्यालय पहुँचने पर उन्हें सलामी दी गयी| इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र, सीओ सिटी डीके सिसोदिया, इन्स्पेक्टर बीके मिश्र, क्रष्ण कुमार, प्रसार निरीक्षक राजेन्द्र सिंह आदि कर्मचारी मौजूद रहे| पूजन होने के बाद नये कप्तान ने बंगले में प्रवेश किया|

नये कप्तान के सख्त रवैये के कारण पुलिस विभाग के कर्मचारियों में हडकंप मचा रहा|

कम से कम आज तो दो बार टूथपेस्‍ट करिये!

कहीं आज आप टूथपेस्‍ट करना भूले तो नहीं? आप सोच रहे होंगे ये कैसा सवाल है। इस बात का जवाब देने से पहले हम एक सवाल आपसे और करेंगे- अगर टूथपेस्‍ट न होता तो हम दांत किससे साफ कर रहे होते? साबुन, शैम्‍पू, विम बार, ग्रीस, थिनर, कार वैक्‍स…? खैर हम आपको यह इसलिए बता रहे हैं, क्‍योंकि आज (10 नवंबर) वर्ल्‍ड टूथपेस्‍ट डे है। यदि सुबह टूथपेस्‍ट कर भी चुके हैं, तब भी इस दिन को याद रखने के लिए रात में एक बार फिर करिए।

जी हां कम से कम आज के दिन आपको टूथपेस्‍ट करना नहीं भूलना चाहिए। बात अब टूथपेस्‍ट की चल पड़ी है, तो हम आपको बता दें, कि ये हमारे जीवन का अभिन्‍न अंग बन चुका है। जरा सोचिए अगर दांत साफ नहीं होंगे तो क्‍या होगा। उनमें कीड़े लगेंगे, और आगे चलकर दांत गिर भी जाएंगे। दांत गिरने का सीधा प्रभाव हमारी पाचन क्रिया पर पड़ता है, जिससे तमाम अन्‍य रोग उत्‍पन्‍न होते हैं। लिहाजा अपने दांतों के प्रति हमेशा सजग रहें। नियमित रूप से अपने दांतों का चेकअप करवाएं।

टूथपेस्‍ट का इतिहास-

2000 ईसा पूर्व मिस्र के लोगों ने इसे बनाया था। उन्‍होंने प्‍यूमिक स्‍टोन को सिरके के साथ मिलाकर दांत साफ करना शुरू किया था। वो ब्रश की जगह पेड़ की डंडी इस्‍तेमाल करते थे। आगे चलकर रोम के लोगों ने अपने दांत अपने मूत्र से साफ करने शुरू किए। उनका मानना था कि मूत्र से दांत सफेद हो जाते हैं।

वैज्ञानिकों की मानें तो रोम के लोग सही थे। 18वीं सदी तक मूत्र को टूथपेस्‍ट और माउथवॉश बनाने में इस्‍तेमाल किया जाता रहा। आधुनिक काल में टूथपेस्‍ट में अमोनिया का इस्‍तेमाल किया जाता है। आज तमाम तरह के फ्लेवरों में टूथपेस्‍ट बाजार में उपलब्‍ध है। कई तरह की जड़ी बूटियां भी इस्‍तेमाल की जाती हैं।

धरना: आरएसएस ने कांग्रेस पर भड़ास निकाली

फर्रुखाबाद: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लोगों ने आज जिला मुख्यालय पर धरना देकर केंद्र सरकार के विरुद्ध जहर उगला|

बताया गया कि १९२५ विजय दशमी पर्व पर स्थापना के बाद आरएसएस ने पहली वार पूरे देश में केंद्र सरकार के विरुद्ध धरना के कार्यक्रम का आयोजन किया| वक्ताओं ने संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य इन्द्रेश कुमार का नाम राजस्थान एटीएस द्वारा घसीटे जाने के मामले में केंद्र सरकार खासकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दोषी ठहराया गया| आरोप लगाया गया कि देश भक्त आरएसएस को सुनियोजित ढंग से बदनाम करने की साजिश रची गयी| जबकि आरोप पत्र से यह स्पष्ट हुआ है कि इन्द्रेश कुमार के विरुद्ध कोई आरोप नहीं है और न ही उनको आरोपी बनाया गया है|

आरोप लगाया कि मीडिया के एक वर्ग ने जल्दबाजी दिखाते हुए किसी एक बैठक में सामिल होने के नाम पर इन्द्रेश कुमार के विरुद्ध दुष्प्रचार किया है| अजमेर व् हैदराबाद बम्ब विष्फोट की जांच राजनीति व् प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है| संविधान से प्रतिवद्ध एवं क़ानून व्यवस्था पर विश्वास रखने वाले संघ को कदापि दवाया नहीं जा सकता|

धरने में विभाग संघ चालक नरेन्द्र पाण्डे, विशम्भर जी, स्वदेश गंगवार, राजेंद्र पाल गुप्ता, अतुल अवस्थी, विजय मिश्रा, देवी सहाय पालीवाल, डॉ ब्रह्मदत्त अवस्थी, भाजपा नेता सुशील शाक्य,
मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, डॉ भूदेव राजपूत, डॉ प्रभात अवस्थी, डॉ रजनी सरीन, मन्नी सिंह आदि मौजूद रहे| पुलिस की भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही|

देर तक पाल्थी मारकर बैठने से आर्थराइटिस का खतरा

नई दिल्ली|| गठिया की चपेट में आने वाले अधिकांश लोग अपनी जीवनशैली में बदलाव कर इस बीमारी से बच सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक पाल्थी मारकर बैठने से आर्थराइटिस को बढ़ावा मिलता है। हिंदुस्तानियों में यह आम है। इससे बचना होगा। इसी तरह कुछ अन्य प्रचलित आदतों में भी बदलाव वक्त की जरूरत है।

भारत में इस समय लगभग 13 फीसदी लोगों में अस्थि रोगों की समस्या है। इनमें से छह से सात फीसदी सिर्फ गठिया यानी आर्थराइटिस से पीडि़त हैं। एम्स में क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी एंड रूमेटोलॉजी की प्रमुख डॉ. उमा कुमार के मुताबिक इनमें से अधिकांश लोग अपनी जीवनशैली में थोड़े से बदलाव कर इससे बच सकते हैं। इस रोग के ज्यादातर मामलों में मरीज का वजन ज्यादा पाया गया है। इसलिए बढ़ते वजन को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। इसी तरह ध्यान रखें कि भोजन में कैल्सियम युक्त चीजों को पर्याप्त जगह दें। हड्डियों के लिए विटामिन-डी बेहद जरूरी है। इसके लिए आधे घंटे की धूप जरूरी है।

डॉ. कुमार के मुताबिक आधुनिक जीवन शैली में अधिकांश शहरी महिलाएं धूप से पूरी तरह परहेज करती हैं जबकि सिर्फ आधे घंटे अगर शरीर के चौथाई हिस्से को भी धूप मिलती रहे तो इनकी समस्या कम हो सकती है। लेकिन ध्यान रहे कि इस दौरान वे धूप से बचाव वाले (सन स्क्रीन) लोशन का इस्तेमाल न करें।

इसी तरह पूजा-पाठ से लेकर दिनचर्या के अधिकांश काम के दौरान पालथी में लंबे समय तक बैठने की आदत भी पैरों की हड्डियों के लिए समस्या पैदा करती है। कुर्सी या बिस्तर पर पैर लटका कर बैठें या जमीन पर पैर सीधे रखकर बैठें। भारतीय शैली के शौचालय की वजह से भी घुटनों पर ज्यादा जोर पड़ता है। पैरों की ही तरह कमर भी सीधी रख कर बैठना जरूरी है।

आदत नहीं हो तो एकाएक ज्यादा वजन का सामान उठाने से भी समस्या हो सकती है। कंप्यूटर पर ज्यादा समय तक काम करने वालों के लिए तो बैठने की मुद्रा पर ध्यान देना सबसे जरूरी होता है।

स्कूल से शिक्षक गायब, अधिकारी छुट्टी में मशगूल

फर्रुखाबाद: सर्वशिक्षा अभियान कहने को तो अभियान है लेकिन इस अभियान में न तो स्कूलों के मुखिया प्रधानाचार्य और न ही सहायक अध्यापक अपनी भूमिका निभाते हैं| और इनके ऊपर बैठे अधिकारी के पास लाख बहाने| 8 नबम्बर को जेएनआई ने जिले 512 ग्राम सभा में अपने 147 विशाल पत्रकारों की मदद से बेसिक शिक्षा के स्कूल के हालत जानने को दौड़ाया तो जो हकीकत आई वो शिक्षा विभाग के कागजी अक्न्दो से कोसो दूर नजर आई| इस मसले पर जब जिले में तैनात बेसिक शिक्षा अधिकारी से सम्पर्क करने का प्रयास किया तो पता चला वो दिवाली की छुट्टियों के बाद मुख्यालय पर नहीं लौटे है बाद में कुछ सूत्रों ने बताया की शायद उच्च न्यायालय गए है| जिले में तैनात 4 सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारियो को फ़ोन लगाया तो नागेन्द्र चौधरी, पुष्पराज और रामगोपाल वर्मा अपने अपने गाँव से दीवाली की छुट्टियाँ मनाकर रस्ते में लौट रहे थे ऐसा उन्होंने बताया जिले के हालात से वैसे भी इन्हें कोई लेना देना नहीं, बच्चे पढ़े या नहीं इनकी बला से, हाँ आज गायब शिक्षको की खबर से इनकी जेब जरूर गरम होगी| चौथे सहायक जे पी पाल जरूर मुख्यालय पर थे, शिक्षको के गायब होने के मसले पर उन्होंने बताया कि वो भी आज मोहम्दाबाद में सर्वेक्षण करा रहे है कल तक अपनी रिपोर्ट सौपेंगे|
पिछले दो महीने से पंचायत चुनाव के चलते यू पी में बेसिक शिक्षा कि वैसे भी धज्जियाँ उड़ रही है| मास्टर चुनाव में प्रधान चुनाव प्रचार में, बच्चे गली गली में नारे लगाते रहे जीतेगा भाई जीतेगा….?
अब अंत में सवाल जिले के जिलाधिकारी का जिन पर पूरे जनपद की जनता को बेहतर शिक्षा और स्वस्थ्य भोजन उपलब्ध करवाने की लोकतान्त्रिक/ सवैंधानिक जिम्मेदारी है| देखते है इस खबर के बाद देश के बच्चो के लिए वो क्या कदम उठाते है| क्यूंकि मीटिंग भले ही बंद कमरे में हो परिणाम गाँव देहात के माहौल से मिल ही जाता है|

जब भविष्य सुधारने वाले ये ज्ञानी ही अपने काम से जी चुरायेंगे तो आने वाला ये बालरूपी भविष्य क्या सुधरेगा? क्या होगा इस देश का भविष्य ? प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों का हाल तो ऐसा है की कहीं अध्यापक गायब तो कहीं बच्चे|
अभी हम बात मिड डे मील की नहीं करेंगे क्यूंकि जनपद में 89 प्रतिशत पुराने प्रधान हार गए है और नयों को अभी बही खाता सही मायने में नहीं मिला पाया है|
एक नजर आज के स्कूल पर-

जेएनआई द्वारा किये गए सर्वेक्षण से स्कूलों की रूपरेखा


ब्लाक मोहम्दाबाद

* प्राथमिक विद्यालय करानुर रेहा में प्रधानाचार्या कुमकुम सक्सेना अपने पति गोपाल सक्सेना के साथ आती हैं लेकिन वो भी महीने में २ या ३ वार| अपनी पिछली सारी छुट्टियों को एक बार आकर हाजिरी रजिस्टर पर बिना किसी रोक के प्रजेंट कर देती हैं| प्रधानाचार्या के पति गोपाल सक्सेना स्कूल में किसी भी पद पर नहीं हैं लेकिन बीबी की शह में स्कूल पर साम्राज्य स्थापित किये हुए हैं| शिक्षा मित्रों को हडकाते हुए कहते हैं की एक ही चुटकी में निकलवा दूंगा|  और तो और बच्चों से भी फूहड़ भाषा का प्रयोग करते हैं| आज दोनों ही स्कूल से गायब थे| स्कूल में मिड डे मील भी नहीं बनता है|

* प्राथमिक विद्यालय रेहा में दो शिक्षामित्र मौजूद हैं पूनम श्रीवास्तव, जितेन्द्र शाक्य दोनों ही स्कूल से गायब| मध्याह्न भोजन नहीं बना|

* प्राथमिक विद्यालय मदनपुर में प्रधानाध्यापक मौजूद और इसके अलावा मिड डे मील नहीं बना|

* प्राथमिक विद्यालय सह्बाबाद में पूरा स्टाफ मौजूद लेकिन मिड डे मील नहीं बना|

* जूनियर स्कूल जनैया सठैया में २२७ विद्यार्थियों में केवल ६० उपस्थित| प्रधानाचार्य बिना छुट्टी हाजिरी रजिस्टर में उपस्थित दर्शाकर कहीं गए है| सहायक अध्यापक मौजूद| मिड डे मील २१ अक्टूवर से अब तक नहें बना|

* प्राथमिक विद्यालय जनैया सठैया में केवल शिक्षामित्र उपस्थित बाकी स्टाफ गायब| मिड डे मील में केवल चावल बनता है|
* प्राथमिक विद्यालय रामनगर कुडरिया में शिक्षामित्र राजेश्वरी देवी गायब |* प्राथमिक किलमापुर में केवल एक ही सहायक उपस्थित मिला| मिड डे मील नहीं बना|

* जूनियर स्कूल नगला किसानन में सहायक अध्यापक छुट्टी पर| मिड डे मील में बच्चों को बिस्कुट दिए जाते है| ६९ बच्चों में केवल १० बच्चे ही मिले| प्रधानाध्यापिका कुसुमा देवी बोली मिड डे मील की हम नहीं जानते जो मिल जाता है हम बच्चों को वही खिला देते हैं|

* जूनियर लखरुआ में प्रधानाचार्या रूपरानी बोली कि मिड डे मील की हालत खस्ता है कोई सुनवाई नहीं होती| बच्चों ने बताया कि केवल चावल ही खिलाया जाता है|

* प्राथमिक लखरुआ में केवल सहायक अध्यापक ही मिले| वहां के शिक्षामित्र ने बताया कि हेड टीचर १२ बजे के बाद ही आती हैं|

* प्राथमिक अरसानी में सहायक अध्यापक मौजूद| शिक्षामित्र गायब मिले| २८ बच्चों में केवल १ बच्चा उपस्थित |

* प्राथमिक मौधा में हेड टीचर अवकाश पर १२६ में ४ बच्चे मिले|

* कन्या प्राथमिक मौधा में २ शिक्षामित्र तैनात दोनों ही गायब मिले| सहायक अध्यापिका अनुपमा राठौर दूसरे स्कूल में करती मिलीं मौज मस्ती| सहायक अध्यापक विनय वर्मा मौजूद मिले|

ब्लाक बढपुर

* प्राथमिक विद्यालय मसेनी शिक्षामित्र आशा शाक्य गायब मिड डे मील नहीं बना|

* ग्राम पंचायत सोता बहादुरपुर के प्राथमिक विद्यालय नोनमगंज में सहायक अध्यापक रेनू कश्यप के अलावा पूरा स्टाफ गायब| ७० बच्चों की मौजूदगी में चल रहा शिक्षण कार्य |

* प्राथमिक विद्यालय अमेठी कोहना में प्रधानाचार्य व् १ सहायक अध्यापक को छोंड बाकी स्टाफ गायब| चुनाव के पहले से अब तक मिड डे मील नहीं बना|

ब्लाक राजेपुर

* जूनियर विद्यालय साथरा में प्रधानाध्यापक कुशलपाल सिंह गायब| केवल २ सहायक अध्यापक श्याम सिंह राठौर व सतेन्द्र कुमार मौजूद| मिड डे मील नहीं बना|
* प्राथमिक साथरा में इंचार्ज गीता देवी गायब| शिक्षामित्रों में राजेश कुमार मौजूद और ममता देवी गायब मिलीं| मिड डे मील नहीं बना|
* ग्राम पंचायत जिठौली प्राथमिक रामपुर में प्रधानाध्यापक स्कन्द कुमार सिंह मौजूद, सहायक अध्यापिका प्रीती कठेरिया गायब व शिक्षामित्र में रश्मी शुक्ला मौजूद भगवान् स्वरुप गायब मिले| मिड डे मील नहीं बना| शिक्षण कार्य राम भरोसे कक्षा ४ के बच्चे उत्तर प्रदेश की राजधानी नहीं बता सके|
* जूनियर विद्यालय जिठौली में प्रधानाध्यापक राजाराम दीक्षित गायब| सहायक अध्यापक मदन सिंह उपस्थित | मिड डे मील नहीं बना|

* प्राथमिक विद्यालय जिठौली में पूरा स्टाफ गायब केवल अकेली शिक्षामित्र अनीता देवी पर निर्भर बच्चों का भविष्य| इंचार्ज सीमा तिवारी गायब, सहायक अध्यापिका पूर्णिमा गायब व शिक्षामित्र सर्वेश कुमार बने गूलर के फूल| मिड डे मील नहीं बना|

* प्राथमिक विद्यालय पट्टी दारापुर में प्रधानाध्यापक रामक्रष्ण पाल गायब मिले| सहायक अध्यापक दीप सिंह गायब, उपस्थित मिले तो केवल शिक्षामित्र नंदा मिश्रा और रंजना पाण्डेय| शिक्षामित्रों ने बताया की कार्यालय की चाभी इंचार्ज के पास है| इसलिए शिक्षण कार्य ठ़प रहता है|

* जूनियर पट्टी दारापुर में यहाँ का तो हाल है कि सैयां हैं कोतवाल तो फिर डर काहे का यानिकि इन्द्रेश कुमार प्रधानाध्यापक के साथ-साथ ऍनपीआरसी है चाहें स्कूल आयें या छुट्टी पर रहे| शिक्षण कार्य केवल देख रहे हैं वहां के सहायक अध्यापक शिव राम सिंह व राम गोपाल| मिड डे मील नहीं बना|

* प्राथमिक और जूनियर स्कूल दहेलिया ११ बजे खुलते हैं और ३ बजे बंद हो जाते हैं|

ब्लाक कायमगंज

* प्राथमिक विद्यालय नगला तराई में प्रधानाध्यापक आदित्य प्रकाश गायब| सहायक अध्यापक विनय कुमार दीक्षित भी गायब| सारे कागजात व रजिस्टर अलमारी में बंद कर गए| वहां के शिक्षामित्र रूप सिंह शाक्य ने रजिस्टर दिखाने से मना कर दिया| मिड डे मील तो जुलाई से नहीं बना|
* प्राथमिक विद्यालय चिकनैया में स्कूल बंद था| वहां के ग्रामीणों ने बताया कि यह स्कूल तो साल में १ या २ वार ही खुलता है|  यहाँ केवल २ शिक्षक ही तैनात है|
* प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर आगू में प्रधानाध्यापक विद्याराम गायब बताया गया कि वह छुट्टी पर हैं| सहायक अध्यापक शैलेश चन्द्र मिश्र व विनोद यादव ने हाजिरी रजिस्टर दिखाने से मना किया| मिड डे मील १३ अक्टूबर से नहीं बना है|

* प्राथमिक विद्यालय शादनगर चिरसा में स्टाफ नदारद वहां के ग्रामीण जोगेंद्र सिंह यादव, रामबाबू यादव  ने बताया कि यहाँ शिक्षा का हाल बुरा है| स्कूल बहुत ही कम खुलता है|  मिड डे मील की बात तो बहुत दूर की है|

* प्राथमिक विद्यालय कमरुद्दीन नगर में स्कूल बंद था|
ब्लाक शमसाबाद
* ग्राम पंचायत खुडिना वैध के PS महमदपुर धानी में स्टाफ गायब केवल ३४ बच्चे उपस्थित मिड डे मील बना| रिपोर्ट देने वाला नंबर ९५०६३**३८६|

ब्लाक नवाबगंज
* प्राथमिक विद्यालय जैसिंग्पुर में ताला लटका मिला|
* PS फरीदपुर समय से पहले ही बंद हो गया| सूचना देने वाला नंबर ९४५०२०***२|
* PS बुड्नापुर में नहीं बना २ महीनो से मिड डे मील|
ब्लाक कमालगंज
* प्राथमिक विद्यालय सबलपुर में स्टाफ मौजूद| लेकिन मिड डे मील नहीं बना|
* जूनियर विद्यालय चंदनपुर में मिड डे मील सिर्फ रजिस्टर में बनता है|
* प्राथमिक विद्यालय भटपुरा में प्रधानाध्यापक देवेश यादव गायब| मिड डे मील नहीं बना|
* प्राथमिक विद्यालय कुण्डपुरा में १३९ बच्चों में केवल ५० बच्चे मौजूद| मिड डे मील १ महीने से नहीं बना|

शिक्षक लटक गया फांसी पर

फर्रुखाबाद: शिक्षक प्रदीप कुमार शाक्य बीती रात फांसी पर लटक गया| रहस्यमय परिस्थितयों में हुई उसकी ह्त्या का रहस्य उजागर नहीं हुआ है|

प्रदीप कोतवाली कायमगंज के ग्राम झब्बूपुर निवासी रवींद्र कुमार का २३ वर्षीय पुत्र था| वह कायमगंज के मोहल्ला मेहंदीबाग में विहारी सिंह यादव के मकान में किराए पर रहकर शांति निकेतन पाठशाला में शिक्षण कार्य करता था|

रवींद्र आज सुबह ६ बजे शौंच करने गए तो उन्होंने प्रदीप को आम के पेंड़ पर अगौन्छे से लटकता देखा| पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया| रवींद्र ने बताया कि प्रदीप का ४ दिन बाद शनिवार को तिलक चढ़ना था| नगला गोधन से उसका विवाह तय हुआ था| ७ नंबर को प्रदीप ने याकूतगंज निवासी अपने बहनोई चन्द्र प्रकाश को सधबाड़ा कायमगंज छोंडा था| उसी के बाद से वह गायब था|

बताया गया कि प्रदीप का विवाह उसकी मर्जी से हो रहा था|

प्रशासन झुका, पत्रकारों की मांगे पूरी, आन्दोलन वापस

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोशिएशन की सघर्ष समिति के नेत्रत्व में पत्रकारों के हुए जबर्दस्त आन्दोलन के सामने प्रशासन झुक गया| प्रशासन ने घटना के प्रति माफी मांगकर पत्रकारों की मांगे पूरी कर दी| तो पत्रकारों ने आन्दोलन वापस लेने की घोषणा कर दी|

पत्रकारों के जबरदस्त आन्दोलन को गंभीरता से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने संघर्ष समिति के सयोंजक पंकज दीक्षित आदि से वार्ता कर पत्रकारों की तीनों मांगे मान लीं| अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र ने महुआ चैनल के पत्रकार बंटी कटियार को वीडिओ कैमरा तोड़ने के हर्जाने में २५ हजार, पत्रकार मोहन लाल गौड़ को कैमरे व् मोबाइल के लिए १२ हजार रूपये दिए| साधना चैनल एटा के पत्रकार रामनरेश चौहान की क्षतिपूर्ति सुरक्षित है|

कलमकार भवन में आज फोटोग्राफर रवींद्र भदौरिया की अध्यक्षता में उपजा की बैठक हुई| बैठक में सयोंजक पंकज मिश्रा ने आन्दोलन की सफलता के लिए पत्रकारों को बधाई दी| उपजा के सयोंजक प्रदीप गोश्वामी, जिलाध्यक्ष अरुण कटियार, महामंत्री वेदपाल सिंह, उपाध्यक्ष सर्वेन्द्र कुमार अवस्थी इन्दू, आनंदभान शाक्य, गगन शेट्टी, अजय प्रताप सिंह, नीतेश सक्सेना टीटू, राजेश निराला, मोहन लाल गौड़ ने भी आन्दोलन की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए एकजुट रहने को कहा| आन्दोलन को फेल कर प्रशासन की वाहवाही लूटने वाले कथित पत्रकारों की आलोचना करते हुए आन्दोलन को खत्म करने की घोषणा की गयी|

इस दौरान फिरोज खान, अनिल वर्मा शेखर, राजेश हजेला, अंशुल गंगवार, आलोक सिंह, शकील, सुरेश गुप्ता, ओमप्रकाश शुक्ला मटल्लू, अंबरीश दीक्षित संतू, अरुण परिहार, रोविन कपूर आदि पत्रकार मौजूद रहे|

अंधी मुर्गी के अधिक अंडे

मुर्गी पालन कारोबार में अंधी मुर्गी बड़े काम की चीज है। अंधी मुर्गी को नजरअंदाज करना घाटे का सौदा हो सकता है।

प्राकृतिक रूप से अंधी मुर्गियां दृष्टिवान मुर्गियों के मुकाबले ज्यादा अंडे देती हैं। बेंगलूर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एनिमल न्यूट्रीशन एंड फिजियोलाजी द्वारा किए गए एक शोध में यह निष्कर्ष निकला है।

शोध रपट के अनुसार संस्थान के वैज्ञानिकों ने पाया कि ’स्मोकी जोस’ प्रजाति की मुर्गियां, जो पैदाइश से ही दृष्टिहीन होती है, जल्दी अंडे देना शुरू कर देती हैं और औसत मुर्गियों की तुलना में अधिक अंडे देती हैं।

मुर्गियों में अंडा देने की प्रकृति पर प्रकाश के प्रभाव पर केंद्रित यह अध्ययन 2008 के अंत शुरू किया गया और इस वर्ष जुलार्इ तक चला।

यह अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक आर्इजी रेड्डी, जी. रविकृष्णन और एस मोंडल द्वारा किया गया और परिणाम में पाया गया कि विविध रंग के प्रकाश का मुर्गियों की प्रजनन क्षमता पर प्रभाव पड़ता है।

परिणाम में देखा गया कि सफेद बल्ब की रोशनी में रखी गर्इ एक मुर्गी ने 52 सप्ताह में करीब 300 अंडे दिए, जब उसे लाल रंग की रोशनी में रखा गया तो पांच प्रतिशत अधिक अंडे दिए। नीली रोशनी में रखे जाने पर मुर्गी तीन प्रतिशत अधिक अंडे दिए।

इस अध्ययन की पुष्टि के लिए एक और परीक्षण किया जाएगा जिसमें एक साल लगेंगे। इसके बाद संस्थान के जरिए रपट कृषि मंत्रालय को भेजी जाएगी।