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दबंगों की मदद करने वाले एसओ की एसपी से शिकायत

फर्रुखाबाद: थाना अध्यक्ष नवाबगंज के पक्षपात पूर्ण रवैये से पीड़ित दर्जनों ग्रामीण आज पुलिस मुख्यालय पहुचें तथा एसओ की कारगुजारी के बारे में एसपी से शिकायत की|

ग्राम पुठरी के अनिरुद्ध सिंह रामप्रकाश विजय सिंह रामऔतार प्रेमपाल आदि ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि गाँव के दबंगों ने बीते दिन पचासों फायरिंग करके दहशत फैलाई| जमीन पर खोखे पड़े होने के फोटो भी पुलिस अधीक्षक को दिए गए|

एसओ पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने दबंगों के साथ पक्षपात करके उनके विरुद्ध मारपीट की साधारण एनसीआर दर्ज कर ली और शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तारी दर्शा दी| जिसके कारण वह लोग जमानत पर छूट कर शाम को घर पहुँच गए|

एसपी को बताया गया कि दबंगों का गाँव में इतना खौफ है कि चौकीदार भी उनका नाम लेने से डरता है| आयेदिन फायरिंग किये जाने से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है गाँव में अवैध असलाहों को जब्त करने के लिए छापा मारने की मांग की गयी| एसपी डॉ के एजिलरशन ने फोन पर एसओ से जानकारी की तथा ग्रामीणों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया|

भ्रष्टाचार सम्मान समारोह में मुट्ठी भर भाजपाई जुटे

फर्रुखाबाद: भारतीय जनता पार्टी की आज एक कार्यकर्म के आयोजन में पोल खुल गई| वहां मुट्ठी भर ही भाजपाई एकत्र हो सके जिन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रियों को भ्रष्टाचार के मामले में जमकर कोसा|

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ भूदेव सिंह राजपूत ने आज लालगेट तिराहे पर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार सम्मान समारोह का आयोजन किया| जिसमे केंद्र सरकार द्वारा लगातार हो रहा भ्रष्ट मंत्रियो के सम्मान की खिल्ली उड़ाई गई|

वक्ताओं ने २जी स्पेक्ट्रम घोटाला, आदर्श सोसाईटी घोटाला एवं कामनवेल्थ गेम्स की आढ़ में करोंड़ो रुपये के घोटाले के लिए संवंधित मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को भी दोषी ठहराया| कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष आशुतोष अवस्थी, पूर्व प्रांतीय नेता आदित्य मिश्रा, शेलेश राठौर, संजय गर्ग, नितिन शाक्य आदि एक दर्जन लोग ही एकत्र हो सके| मुट्ठी भर भाजपाईयों को देखकर राहगीरों एवं खासकर कांग्रेसियों ने उनकी ही खिल्ली उड़ाई|

माध्यमिक शिक्षकों ने भ्रष्टाचारियों की पोल खोली

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आवाहन एवं शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन के नेतृत्व में जिले के माध्यमिक शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया|

जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, मंत्री नरेन्द्र पाल सिंह सोलंकी, मंत्री रमेश चन्द्र मिश्रा, सुधाकर चतुर्वेदी, भगवान् शरण पांडे, रमेश चन्द्र अग्निहोत्री आदि विभागीय कर्मचारियों के मनमाने रवैये से गुस्साए शिक्षकों का गुबार आज उबल पड़ा| शिक्षकों ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक आरपी शर्मा की रिश्वतखोरी प्रवत्ति के कारण उनके कार्यालय के कर्मचारी, कालेजों के प्रधानाचार्य एवं प्रवन्धक अनेकों तरीकों से शिक्षकों का शोषण कर रहे हैं|

शिक्षकों ने कहा कि अनेकों बार शिकायत करने के बाबजूद भी शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है| ऊगरपुर स्कूल के १७ शिक्षकों एवं जरारी कालेज के शिक्षकों की प्रोन्नति और टैगोर विद्यालय के कर्मचारियों का १३ माह का अनुदान आवंटन, एनए केपी की अध्यापक सीमा सिंह का बकाया वेतन भुगतान, रामानंद बालक कालेज के लिपिक कमलेश बाबू मिश्र के स्थान पर आश्रित की नियुक्ति, सिटी मिशन की अध्यापक रामापीटर की प्रोन्नति आदि स्नातक वेतनमान क्रम से प्रवक्ता वेतन क्रम में पदोन्नति आदि के अनेकों मामले विचाराधीन हैं|

शिक्षक नेताओं ने भ्रष्ट अधिकारी को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने एक पखवारे के अन्दर सभी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो उनके कारनामों से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा| शिक्षकों ने आश्वासन के बाबजूद भी प्रदेश स्तर पर शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं के निस्तारण हेतु राजआज्ञा जारी न होने के विरोध में २० जनवरी को लखनऊ में धरना प्रदर्शन किये जाने की घोषणा की| मुख्यमंत्री व जिला विद्यालय निरीक्षक को संवोधित ज्ञापन आरपी शर्मा को सौंपे गए|

1 करोड़ तक में बिका जनता का विश्वास!

चाणक्य नीति की एक सूक्ति में राजनीति को उस वेश्या के सामान बताया गया है जो कीमत के आगे हर रात अपना बिस्तर बदल लेती है| सुना था, पढ़ा था और आज देख भी लिया| 30 लाख से शुरू हुई राजनीति की वेश्याओं की बोली 1 करोड़ पर आकर ख़त्म हुई और नए राजा का चयन हो गया| देश के विकास के लिए गठित पंचायत, मीडिया और लोकप्रशासन किसी बेबस विधवा की तरह लोकतंत्र के चीरहरण जलसे को चाहे अनचाहे ख़ामोशी से देखता रहा|

जनता के विश्वास का क़त्ल हुआ था आज| वो नवांकुर नेता जिसे एक महीने पहले जनता ने अपने लिए जिले की पंचायत में प्रतिनिधि चुना था उसने एक बार भी पलट कर अपने मतदाता से नहीं पूछा, कि फैसले की घडी है उसे क्या करना चाहिए| जनता जानती थी ये नहीं आएगा और न ही वो आया| मतदाता खुद को लुटा महसूस कर रहा था| उसने सारे फैसले खुद कर लिए थे|राजनीती की वेश्याओं ने सब बेच दिया था, राजधर्म और वो विश्वास जिसका झूठा दिलासा दिलाकर वो जनता को बेबकूफ बनाकर आया था| आज उसने अपार दौलत बटोर कर बेशर्मी की चादर ओढ़ ली है|अब जब भी उसे कोई बिकने की बात को लेकर टोकेगा तो सुनने वाला कछुए की तरह भ्रष्टाचार की दौलत से बने मोटे खोल में बेशर्मी से मुह छुपाता नजर आएगा|

जनता की पंचायत में अब राजतिलक का जश्न होगा और भ्रष्टाचार का एक और अध्याय लिखा जायेगा| वेश्याओं की खरीददारी में आये खर्च को वसूलने को अगले पांच साल तक पंचायत के नुमायेंदे मिलकर लूटेंगे| सवाल इस बात का नहीं कि उस गद्दी पर कौन बैठ कर लूटेगा| कोई भी जीतता यही करता, दोनों के पैतरे एक जैसे ही थे| पांच साल के लिए जिले का प्रथम नागरिक बनने की लडाई में आये दावेदारों में दो का तो सम्राज्य ही चोरी और बेईमानी की बुनियाद पर खड़ा है, तीसरा जो कुछ इमानदार था उसने इस मंडी में बोली लगाने से इंकार कर दिया था और चौथा एक राजनैतिक दुश्मन हो हराने के लिए एक ही रात में कई करवट बदल कर दूसरे राजनैतिक दुश्मन से हाथ मिला बैठा|
नोट-लेख आज के राजनितिक परिद्रश्य पर आधारित चित्रांकन है न कि किसी व्यक्ति विशेष या स्थान से सम्बन्धित|

चुनाव हारने वाली डॉ अनीता के आवास पर छापा

फर्रुखाबाद: शहर क्षेत्र की पुलिस ने जनक्रांति पार्टी की टिकट पर जिला पंचायत का चुनाव हारने वाली डॉ अनीता के फतेहगढ़ स्थित आवास पर छापा मारा|

क्षेत्राधिकारी नगर डीके सिसोदिया, इंस्पेक्टर फतेहगढ़ सिराज अहमद, इंस्पेक्टर फर्रुखाबाद क्रष्ण कुमार व एसओ मऊदरवाजा कमरूल हसन के साथ सिविल लाइन क्षेत्र में डॉ अनीता के आवास पर गए| काफी संख्या में पुलिस को देखकर परिजन अनहोनी की आशंका में भयभीत हो गए|

सीओ सिटी डीके सिसोदिया ने परिजनों को हिदायत दी कि वह अब किसी भी जिला पंचायत सदस्य को वोट न देने के लिए परेशान नहीं करेंगें| चुनाव हारने के सदमे में डूबे परिजनों ने बताया कि वह शरीफ लोग हैं| अध्यापन कार्य करने के कारण उनकी समाज में काफी इज्जत है| ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे उनकी शान में बट्टा लगे|

9 वोटों से चुनाव जीत इतिहास रचा बसपा के तहसीन ने

फर्रुखाबाद: बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी तहसीन सिद्दीकी ने 9 वोटों से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया| तहसीन को 17 वोट मिले उन्होंने जनक्रांति पार्टी के प्रत्याशी डॉ अनीता यादव को 9 वोटों से पराजित किया| जिलापंचायत में पहली बार बसपा का कब्जा हुआ है|

बसपा विधायक कुलदीप गंगवार ने वोट डलवाने के लिए सबसे ज्यादा भागदौड़ की| वह जिला पंचायत सदस्य अभय प्रदीप गंगवार, प्रमोद कटियार, मिनहाज, ममता चतुर्वेदी, राघवेन्द्र मिश्रा नवीन को लेकर मतदान केंद्र तक पहुंचे|

प्रत्याशी तहसीन सिद्दीकी वोटर सिया देवी को लेकर गये,

जबकि प्रत्याशी अतुल गंगवार स्वयं पहुंचे| सूबे के स्वास्थय मंत्री अनंत कुमार मिश्र के प्रतिनिधि जितेन्द्र ओझा जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ़ घुन्नू को मतदान केंद्र तक पहुंचाया|

जबकि विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी अंत में जिला पंचायत सदस्य निर्मला राठौर, व सरोजनी कुशवाह को लेकर गये|

बसपा नेताओं ने प्रत्याशी तहसीन के अलावा मात्र 10 सदस्यों के खुलेआम वोट डलवाये, उनके वोट पड़ने की रफ़्तार भी काफी धीमी रही जिससे यह कयास लगाया गया कि उनके वोटरों की स्थित डावांडोल है| विधायक कुलदीप गंगवार ने तो मतगणना से पूर्व ही तहसीन को जीत की एडवांस में ही बधाई दे दी थी| जितेन्द्र ओझा ने भी जीतने पर मीडिया को अखवार के पूरे पन्ने का विज्ञापन देने का वायदा किया| सभासद उमेश अग्रवाल, बसपा नेता यूनुस अंसारी आदि बसपाई सक्रिय रहे|

चुनाव में धोखा खा गईं डॉ अनीता

फर्रुखाबाद: जनक्रांति पार्टी की प्रत्याशी डॉ अनीता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भीतर घात होने से धोखा खा गईं उन्हें मात्र 8 वोट मिले|


डॉ अनीता यादव सबसे पहले वोट डालने के लिए जिला पंचायत सदस्य सौभाग्यवती राजपूत, रीता राजपूत, चंद्रमुखी कठेरिया, ममता माथुर, रोहिताश वर्मा, ग्रीश चन्द्र यादव, अरविन्द शाक्य, पवन गौतम के साथ पहुँची|

डॉ अनीता की पैरवी में जनक्रांति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश राजपूत, जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कटियार, डॉ ज्ञानेंद्र शाक्य, डॉ एसपी बघेल, डॉ देवदत्त राजपूत, दीना राजपूत, डॉ जितेन्द्र सिंह यादव, डॉ अनार सिंह यादव, राजन राय जौली आदि दर्जनों समर्थक साथ गए| जिनको मात्र 8 वोट मिलने की जानकारी पर काफी गहरा सदमा लगा सभी लोगों के चेहरों पर मायूसी छा गयी| और वह आनन्-फानन में ही खिसक गए|

डॉ अनीता व उनके परिजनों को चुनाव हारने का काफी मलाल है| उनके सहित वोट डालने वाले किसी एक सदस्य ने भीतर घात कर दिया जबकि उनको 13 वोट मिलने की पूरी उम्मीद थी| 16 सदस्यों ने वोट देने का पूरा भरोसा दिलाया था| जिन्होंने वोट देने के लिए मोटी रकम भी ले ली थी|

जीत की खुशी में ध्वस्त हुई प्रशासनिक व्यवस्था

फर्रुखाबाद: बसपा प्रत्याशी तहसीन के चुनाव जीतते ही प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई| सुबह से मतदान के खत्म होने तक वोटरों के अलावा अन्य कोई भी व्यक्ति मतदान केंद्र के (जिलाधिकारी की अदालत) प्रांगण तक में नहीं पहुँच सका| विधायक कुलदीप, ताहिर हुसैन सिद्दीकी व मनोज अग्रवाल भी गेट के बाहर खड़े रहे|

जैसे ही तहसीन को चुनाव जीतने का प्रमाण पत्र मिला किसी ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर लगे फाटक को खोल दिया और अन्दर सैकड़ों लोग घुस गए|

तहसीन को फूल-मालाओं से लादकर कंधे पर उठाया गया| पुलिस ने लोगों को बाहर निकालने का असफल प्रयास किया|

खुशी में विधायक मनोज की तबियत खराब

विधायक मनोज अग्रवाल को भी लोगों ने खुशी में ऊपर उठा लिया तो उनको चक्कर आ गया जिसके कारण वह फर्स पर बैठ गए| कुछ लोगों ने अगौन्छा हिलाकर हवा की बाद में उन्हें कलेक्ट्रेट नाजिर के कार्यालय ले जाया गया| काफी देर बाद तबियत ठीक होने पर मनोज अग्रवाल बहर निकले इस दौरान नगर पालिका के लाइट अधीक्षक राजाबाबू आदि मौजूद रहे|

एसपी ने लिया सुरक्षा का जायजा

पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन ने सुबह मतदान होने से पूर्व ही मतदान केंद्र के बाहर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र को आवश्यक निर्देश देकर अपने कार्यालय चले गए|

एएसपी बीके मिश्र, सीओ सिटी डीके सिसोदिया, इंस्पेक्टर सिराज अहमद, पुलिस व पीएसी जवानों के साथ मतदान केंद्र के बाहर डटे रहे|

तहसीन पर की गई थी सख्ती

अन्य प्रत्याशी व वोटरों की तरह तहसीन की भी जबर्दस्त ढंग से तलाशी ली गई किसी को भी पेन, मोबाइल, बैग आदि सामान नहीं ले जाने दिया गया| एसडीएम रवींद्र वर्मा ने मतदाता सूची के फोटो से वोटरों का मिलान किया तथा एक वोट पड़ जाने पर दूसरे को अन्दर भेजा|

जब मतगणना के लिए वोटर अन्दर जाने लगे तो एलआईयूं कर्मचारी के मौजूद न होने पर श्री वर्मा ने ही उनकी तलाशी ली| जब तहसीन कई बार अन्दर बाहर गए तो श्री वर्मा की हिदायत पर तहसीन मतदान केंद्र के अन्दर ही रहे|

वहां एक युवक ने डीएसओ कार्यालय की ओर से मोबाइल फोन से तहसीन की बात कराई तो वहां ड्यूटी करने वाले नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर ने तुरंत जाकर तहसीन से मोबाइल फोन वापस करवा दिया|

36 का आंकड़ा रहा तहसीन व अनीता में

बसपा प्रत्याशी तहसीन सिद्दीकी व जनक्रांति पार्टी की प्रत्याशी अनीता यादव में चुनाव प्रचार की तरह 36 का आंकड़ा रहा| दोनों प्रत्याशी मतदान केंद्र के बाहर डटे रहे लेकिन किसी ने भी एक-दूसरे से बात करना तो दूर नजरें तक नहीं मिलाईं|

डीएम ने की मतगणना की घोषणा

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने माईक पर घोषणा की कि प्रत्याशी तहसीन को 17 , अनीता को 8 तथा अतुल गंगवार व मंजूलता को कोई भी वोट नहीं मिला| मतगणना स्थल पर पर्यवेक्षक बीके सिंह के अलावा सीडीओ चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, एडीएम सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव मौजूद रहे|

सपा प्रत्याशी मंजू का वोट बसपा के खाते में

फर्रुखाबाद: समाजवादी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मंजूलता यादव उर्फ़ श्यामा देवी ने अपना कीमती वोट बसपा प्रत्याशी को दे दिया जिसके कारण ही उन्हें एक वोट तक नहीं मिला|

सपा विधायक नरेन्द्र सिंह यादव की भाभी मंजूलता, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष द्रुगपाल सिंह यादव बाबी, पार्टी के वरिष्ठ नेता राम प्रकाश उर्फ़ कल्लू यादव की पत्नी गुड्डी तथा रावेन्द्र उर्फ़ छुन्ने यादव के साथ वोट डाला| शरू से ही उनको चुनाव के हंसिये पर माना जा रहा था|

किसी ने यह सपने में भी नहीं सोंचा था कि सपा प्रत्याशी अपना वोट प्रबल विरोधी बसपा पार्टी को दे देगा| मतदान करने के बाद किसी भी वोटर के चेहरे पर रौनक नहीं थी| मंजूलता के साथ सपा नेता बाबी ने भी अपना वोट बसपा को दे दिया|

मंजू ने चुनाव हारने का भी रिकार्ड बनाया

प्रत्याशी मंजूलता ने लगातार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का तीसरी बार चुनाव हारने का रिकार्ड बनाया है| सपा की टिकट के लिए डॉ अनीता के आवेदन करने पर उन्ही का ही एक मात्र नाम पैनल में भेजा गया था|

बताया जाता है कि विधायक नरेन्द्र सिंह यादव सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को विधायक पद से इस्तीफा देने तक का दवाव डालकर भाभी के लिए टिकट ले आए थे|

मंजू ने झूंठा दिया था आशीर्वाद

सपा प्रत्याशी मंजूलता जब मतदान करने के लिए केंद्र के बाहर खड़ी थी उसी समय जनक्रांति पार्टी की प्रत्याशी डॉ अनीता यादव के पति डॉ अनार सिंह यादव ने मंजूलता के पैर छुये तो यही समझा गया कि मंजूलता ने उन्हें जीत का आशीर्वाद दे दिया|

इसी द्रश्य को देखने के बाद अधिकारियों से शिकायत की गयी कि वोटरों को प्रभावित किया जा रहा है| अधिकारियों के निर्देश पर वोटरों के पास मौजूद अन्य लोगों को हटा दिया गया| बाद में डॉ अनार सिंह यादव ने बताया कि मैंने सम्माननीय होने के कारण पैर छूए थे चुनाव के कारण नहीं|

चुनाव में पराजय से कल्याण को सदमा, मुकेश की फजीहत

फर्रुखाबाद: पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनक्रांति पार्टी के मुखिया कल्याण सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रत्याशी डॉ अनीता यादव की पराजय से सदमा पहुंचा| वहीं चुनाव के रणनीतिकार पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश राजपूत की फजीहत हुई है|

पार्टी प्रत्याशी को चुनाव जिताने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बीते तीन दिनों से मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज में डेरा डाले थे| वह आज सायं बुझे मन से चले गए जिला पंचायत अध्यक्ष सौभाग्यवती के पति मुकेश राजपूत ने पैरवी करके डॉ अनीता को पार्टी की टिकट दिलवाई और उन्हें जितवाने के लिए दिन रात एक कर दिया, तथा मतगणना तक वहीं डटे रहे|

जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर ५ वर्ष मुकेश राजपूत व ५ वर्ष उनकी पत्नी सौभाग्यवती का कब्जा रहा| मुकेश ने १९ लोगों को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया जिनमे उनकी पत्नी, चंद्रमुखी कठेरिया आदि चुनाव जीते| जिला पंचायत सदस्य पवन गौतम को जीतने के बाद लखनऊ में कल्याण सिंह के समक्ष पार्टी में सामिल कराया|

मुकेश ने कई बार पत्रकारों के समक्ष दावा किया था कि अनीता ११० प्रतिशत चुनाव जीतेंगीं| इस चुनाव में वह पिछला रिकार्ड भी तोड़ेंगें|