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पत्नी के निलंबन से दुखी अधिवक्ता ने दे दी जान

कानपुर: शिक्षिका पत्नी के निलंबन से परेशान फीलखाना थाना क्षेत्र में कमला टावर निवासी अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने आत्महत्या कर जान दे दी| विनय की पत्नी उमा यादव फर्रुखाबाद ब्लाक राजेपुर के नयागांव प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका है। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए अधिकारी, कर्मचारियों संग फर्रुखाबाद के विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र अंटू को भी जिम्मेदार ठहराया है। विनय ने साफ लिखा है कि इन लोगों की अवैध धन वसूली ने तमाम जिंदगी बर्बाद कर दी हैं।

अधिवक्ता की बेटी गुंजन ने बताया कि मम्मी काफी दिनों से प्रयासरत थीं कि उनका तबादला कानपुर हो जाये लेकिन तीन माह पहले उन्हें निलंबित कर दिया गया था| इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र से भी संपर्क किया गया था। गुंजन ने बताया कि बीते दिन मम्मी फर्रुखाबाद ड्यूटी पर थीं और वह बगल के कमरे में पढ़ रही थी। बाबा डॉ. आरपी सिंह उसी कमरे में सो रहे थे। पापा कचहरी नहीं गये थे। शाम पांच बजे करीब पापा के कमरे में मोबाइल बज रहा था लेकिन वह उसे उठा नहीं रहे थे। वह दूसरे रास्ते से कमरे में पहुंची तो पापा का शव पंखे से झूल रहा था।

उमा को घटना की सूचना नहीं दी गयी और सिर्फ जल्दी घर पहुंचने को कहा गया। देर रात वह घर पहुंचीं। आत्महत्या की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस साढ़े सात बजे तक लौट गयी। देर रात तक शव घर में रखा रहा, लेकिन न तो उसका पंचनामा किया गया था, न मौके पर पुलिस मौजूद रही|

विनय आत्महत्या करने के लिए पहले से तैयार था। यह बात उसके सुसाइड नोट से पता चली है। उसका सुसाइड नोट 18 जनवरी का लिखा हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा है कि उसकी आत्महत्या एक हत्या न होकर सामाजिक व्यवस्था को बदलने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

सुसाईड करने की क्या जरूरत थी, निलंबित ही तो हुई थी

रात साढ़े ग्यारह बजे घर आयीं उमा को जानकारी हुई तो वह बच्चों से लिपट कर रो पड़ी। उमा रोते हुए बोली, निलंबित ही तो हुए थे, नौकरी से बाहर तो नहीं हो गये थे, ये करने की क्या जरूरत थी।

असली सुसाइट नोट की तलाश

परिजनों ने सुसाइट नोट तो पुलिस को दिया लेकिन मूल प्रति का पता नहीं है। परिजनों का कहना है कि आत्महत्या से पहले अधिवक्ता ने शासन को फैक्स किया फिर मूल प्रति कहीं छुपा दी और अपने पास फोटो कापी रख ली क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं पुलिस उसे जब्त कर फाड़ न दे।
( साभार दैनिक जागरण )

भ्रष्टाचार परिणिति- आत्महत्या, बबाल और कार्य वहिष्कार

फर्रुखाबाद: अपनी शिक्षिका पत्नी को प्रताड़ित किये जाने के मामले में न्याय न मिलने पर कानपुर के अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने से यहाँ के शिक्षकों में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया है| फतेहगढ़ व अम्रतपुर में जनगणना की ट्रेनिग करने बाले शिक्षको ने कार्य का बहिष्कार कर दिया| बीएसए व एसडीएम अम्रतपुर के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराने को लेकर सैकड़ों शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया|

तहसील अम्रतपुर के नया गाँव हुसैनपुर हडाई की निलंबित इंचार्ज प्रधानाचार्य शिक्षिका उमा यादव के पति विनय कुमार सिंह एडवोकेट ने बीते दिन कानपुर स्थित आवास पर आत्महत्या करके जान दे दी| उनके द्वारा लिखे गए सुसाइट नोट से प्रदेश में भूचाल आ गया है| सुसाइट नोट में अधिवक्ता ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र उर्फ अन्टू व फर्रुखाबाद के अधिकारियों को दोषी ठहराया है| सहायक अध्यापिका उमा करीब ५ वर्षों से इसी विद्यालय में तैनात थी तथा पड़ोस के गाँव भुवनपुर में शिक्षक रघुवीर सिंह के यहाँ अकेली किराये पर रहती थी|

प्रधानाध्यापक न होने के कारण उन्ही के पास स्कूल का चार्ज था| २२ नवम्बर की शाम को एसडीएम रवींद्र कुमार वर्मा ने अचानक स्कूल का निरीक्षण किया था| स्कूल बंद मिलने पर उनकी रिपोर्ट पर उमा को सस्पेंड कर दिया गया था| कोई अन्य अध्यापक न होने के कारण उन्हें इसी स्कूल में अटैच किया गया था|

बीते दिन उनके पास पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भी चार्ज रहा प्रधानाध्यापक श्याम बाबू उन्हें चार्ज देकर जनगणना की ट्रेनिग लेने गए थे| शिक्षक रघुवीर सिंह ने बताया कि उमा मेरे यहाँ ३ शाल से किराए पर रह रही थी| उसके 1 पुत्र व १ पुत्री है| वेतन न मिलने से वह काफी परेशान थी| पति विनय कुमार सिंह उमा को बहाल कराने के लिए एसडीएम आदि अधिकारियों से मिले थे|

बताया गया है कि न्याय पाने के लिए अधिवक्ता विनय व उनकी मां ने क्षेत्र के विधायक एवं स्वास्थय मंत्री अनंत कुमार मिश्र अन्टू से भी भेट की थी| अधिवक्ता ने सामाजिक व्यवस्था बदलने के लिए आत्महत्या की है| उसका २ पेज का सुसाइट नोट अधकारियों के गले की हड्डी बन गया है| शिक्षिका के पति की कथित ह्त्या से शिक्षकों में जबरदस्त रोष व्याप्त है|

मुख्यालय पर जीआइसी इंटर कालेज में जनगणना प्रशिक्षण करने बाले ब्लाक मोहम्दाबाद, कमालगंज, बढ़पुर के शिक्षकों ने ट्रेनिंग का बहिष्कार कर दिया| उधर अम्रतपुर के दयानंद इंटर कालेज में जनगणना की ट्रेनिग करने बाले शिक्षक हड़ताल पर चले गए|

वार एसोशिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव व सचिव संजीव पारिया ने शिक्षकों द्वारा किये गए आन्दोलन में सहयोग देने की घोषणा की और कल से हड़ताल भी शुरू कर देंगें|

श्री यादव ने बताया कि कानपुर वार एसोशिएशन की भी हड़ताल शुरू हो गई है|

चोरों ने लाखों की नगदी व जेवरात उड़ाये

फर्रुखाबाद: चोर बीती रात २ मकानों के ताले तोड़कर लाखों रुपये कीमती जेवरात व नगदी निकाल ले गए|

चोरों ने बीती रात धोवियन नगला निवासी सतीश चन्द्र के मकान का ताला तोड़ दिया और मकान से एक लाख रुपये कीमती जेवरात व नगदी निकाल ले गए|

* कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला राजन निवासी सेवा निवृत सैनिक प्रेम सागर के घर के ताला तोड़कर ढाई लाख रुपये कीमती जेवरात व १ लाख रुपये कीमती जेवरात निकाल ले गए|

प्रेम सागर दिल्ली में रहते हैं पड़ोसी मोहल्ला प्रीतम नगला में उनकी ससुराल है| जब जनगणना वालों ने उनको तलाश किया तब पड़ोसियों को चोरी का पता चला| प्रीतम नगला के राम नाथ ने पुलिस को सूचना दी|

चौकी इंचार्ज अशोक कुमार ने मामले की जाँच-पड़ताल की|

बेसिक शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया शिक्षिका का पति

फर्रुखाबाद: जनपद में एक शिक्षिका का पति बेसिक शिक्षा कार्यालय के भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया| राजेपुर ब्लाक के प्राइमरी विद्यालय नयागांव की सहायक अध्यापिका उमा यादव के पति विनय कुमार ने बीती रात कानपुर में आत्महत्या कर ली| अपनी मौत के पीछे छोड़े गए सुसाइड नोट में विनय ने मौत की वजह उसकी पत्नी के रुके हुए वेतन के कारण आर्थिक तंगी बताया| उमा को गत वर्ष नवम्बर माह में तहसीलदार की रिपोर्ट पर राजेपुर एसडीएम रविन्द्र कुमार ने निलंबन के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी रामसागर त्रिपाठी को लिखा था,  उसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया| लेकिन बाद में उसे बहाल कर दिया गया था|मगर उसे निलंबन अवधि में नियमनुसार वेतन नहीं दिया गया| वेतन के लिए शिक्षिका और उसका पति कई बार बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला मगर उसे वेतन नहीं मिल सका| शिक्षिका उमा यादव ने बताया कि उसे वेतन के लिए रिश्वत की मांग की गयी जिसे वो पूरा नहीं कर सकी|

पता चला है कि उमा यादव को निरीक्षण के दौरान पहले एसडीएम ने और फिर बाद में तहसीलदार ने अनुपस्थित पकड़ा था| अनुपस्थित के सम्बन्ध में उमा यादव का वेतन रोकते हुए स्पस्टीकरण मागा गया था| वेतन रुक जाने के कारण शिक्षिका का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था|इस बीच उमा यादव के पति बेसिक शिक्षा विभाग ने कई बार सम्पर्क कर वेतन आहरण की मांग भी की थी| घटना के बाद शिक्षको ने मुख्यालय पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया| इतना ही नहीं मतगणना कार्य का भी वहिष्कार कर दिया है|
जानकारी के अनुसार पहली शादी टूटने के बाद उमा यादव ने विनय कुमार सिंह से अंतर्जातीय विवाह किया था| उमा वर्ष २००७ में विशिष्ट बीटीसी में चयन हुआ था| फिलहाल पुलिस शिक्षिका के मृत वकील पति के सुसाइड नोट की भी जाँच कर रही है| उधर शिक्षा उमा यादव ने मौत के पीछे वजह में मंत्री अनंत कुमार मिश्र का भी नाम लेकर सनसनी फ़ैला दी है|

यूपी बोर्ड: हाईस्कूल के डेढ़ लाख परीक्षार्थी फर्जी

यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के डेढ़ लाख से अधिक संदिग्ध परीक्षार्थी पकड़े हैं। तमाम का पूर्व पंजीकरण नंबर फर्जी है तो तमाम के नाम बदल दिये गये हैं। कालेजों ने नौवीं में पंजीकृत संख्या से दो तीन गुना तक नाम भेजे हैं। संदेह है कि कालेजों ने दूर के जिलों से छात्रों का फर्जी पंजीकरण किया है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को उनकी जांच करने को कहा गया है।

यूपी बोर्ड पिछले कुछ सालों से नौवीं की ओएमआर सीट पर पंजीकरण करा रहा है। पंजीकरण के बाद सभी छात्रों को एक नंबर आवंटित होता है। हाईस्कूल परीक्षा की परीक्षार्थी नामावली में परीक्षार्थियों के नाम के आगे यही पंजीकरण नंबर अंकित करना होता है। बोर्ड नौवीं में पंजीकृत छात्र, हाईस्कूल में फेल व डीआईओएस की अनुमति से अधिकतम 10 बाहरी कालेजों के हाईस्कूल में सीधे प्रवेश पाये छात्रों की संख्या जोड़कर कुल परीक्षार्थी तय करता है।

बोर्ड ने जब हाईस्कूल परीक्षा फार्मो की जांच व कालेजवार कुल परीक्षार्थी संख्या का मिलान किया तो 1. 52 लाख परीक्षार्थी संदिग्ध मिले। उनके पंजीकरण नंबरों की जांच की तो पता चला कि इन तमाम छात्रों के नंबर बोर्ड ने जारी ही नहीं किए हैं। बड़ी संख्या में पंजीकरण नंबर पर छात्रों के नाम बदले मिले। संदेह है कि संबंधित कालेजों के प्रधानाचार्यो ने नौवीं की ओएमआर शीट पर फर्जी कोड व नाम भरवाकर परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ा ली और बाद में उनके स्थान पर फर्जी छात्रों के नाम नामावली में भेज दिये। नौवीं में जितनी छात्र संख्या थी उससे अधिक भेज दिये।

दरअसल, फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए इस बार बोर्ड ने विद्यालय निरीक्षकों को आवेदन पत्रों की जांच के लिए पंजीकृत परीक्षार्थियों के नामों की सीडी भेजकर जांच करने को कहा था। बड़ी संख्या में फर्जी छात्रों के मिलने से विद्यालय निरीक्षकों को सभी छात्रों की भौतिक जांच करने को कहा गया है। कानपुर जनपद के भी दो दर्जन कालेज जांच में फंसे हैं।

फर्जी छात्रों का आंकड़ा

फंसे कुल कालेज : 907

कानपुर के कालेज : 24

फर्जी छात्रों की संख्या: 1.52 लाख नौवीं पास कर दसवीं में पहुंचे : 33 लाख

हाईस्कूल फेल का प्रवेश : 03 लाख

हाईस्कूल के कुल परीक्षार्थी : 36 लाख

विशाल ऑटो मूवर्स: उपहारों की झड़ी

फर्रुखाबाद: विशाल ऑटो मूवर्स ने टाटा २०७ आरएक्स पिकअप के बेहतर माईलेज जानने के लिए कांटेस्ट आयोजित किया गया|

यह कांटेस्ट सेन्ट्रल जेल चौराहे पर टाटा मोटर्स के अधिकारी पदम् सिंह व विशाल ऑटो मूवर्स की तरफ से अरविन्द कटियार, अरविन्द बाथम की उपस्थित में किया गया| इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को टाटा २०७ आरएक्स पिकअप के माईलेज के बारे में जागरूक करना|

इस आयोजन में ड्राईवर रमाकांत ने १५ किलोमीटर प्रति लीटर का माईलेज निकाला और जीत में १४ इंच की कलर टीबी अपने नाम करवाकर जीत पक्की की| ड्राईवर रमाकांत के साथ ५ अन्य ड्राईवरों ने इस प्रतियोगिता में बढ़ चढ़कर भाग लिया|

विशाल मूवर्स द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में लोगों को टाटा मोटर्स द्वारा इस महीने शुरू की गई नई स्कीम के बारे में भी बताया गया कि लोगों को टाटा आरएक्स पिकअप की खरीद पर निश्चित उपहार दिया जाएगा|

मनरेगा मजदूर हुए मालामाल, चांदी के सिक्कों से भरा घड़ा मिला

बदायूं|| मनरेगा के मजदूरों को सड़क खुदाई के दौरान चांदी के सिक्कों से भरा घड़ा मिला,जिसके मिलते ही मजदूरों में लूटपाट मच गई और देखते ही देखते चांदी से भरा पूरा घड़ा खाली हो गया| सूचना पर पहुंची पुलिस मनरेगा मजदूरों की तलाश कर रही है|

बिसौली के गांव मुबारकपुर परसेड़ा के पास बीते दिन मनरेगा के कुछ मजदूर सड़क खुदाई का कार्य कर रहे थे| खुदाई के दौरान ही एक मजदूर को चांदी के सिक्को से भरा घड़ा दिखाई दिया. जब तक सिक्कों की बात अन्य मजदूरों में पहुंची तो वहां लूट मच गई और जिस मजदूर के हाथ में जितने सिक्के आए वो लेकर चलते बने|

सिक्कों की लूटपाट के चलते कार्य भी बाधित हो गया, पुलिस को घटना की सूचना मोहम्मदपुर की ग्राम प्रधान सुनीता सागर ने दी| सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर देखा तो घड़ा फूटा हुआ पड़ा था. पुलिस मजूदरों को तलाश कर रही है|

राष्ट्रगान लिखने में गुरू जी के छूटे पसीने

गोरखपुर|| जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ‘डायट’ में आज आयोजित बीआरसी की परीक्षा में गुरु जी लोगों की पोल खुल गयी। नौनिहालों की परीक्षा लेने वाले शिक्षक जब खुद परीक्षा कक्ष में बैठे तो उनकी दशा देखने लायक थी। उन्हें ‘राष्ट्रगान’ लिखने में पसीना छूट रहा था। 136 परीक्षार्थियों में लगभग 40 फीसदी अभ्यर्थी बगले झांक रहे थे।

यहां बता दें कि डायट में ब्लाक संसाधन केन्द्र समन्वयक ‘बीआरसी’ के 19 पद के लिए 136 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे। प्रश्नपत्र कुल 45 अंक का था, जिसमें 30 छोटे, 7 लघु उत्तरीय तथा 5 बड़े सवाल पूछे गये थे। प्रश्न पत्र हल करने का समय 2. 30 घंटा निर्धारित था। प्रश्न पत्र के एक सवाल में ‘राष्ट्रगान’ लिखना था।

अधिकांश शिक्षक पूरा राष्ट्रगान सही- सही नहीं लिख सकें। कई तो समय समाप्त हो जाने के बाद भी पूरा राष्ट्रगान नहीं लिख सके। उनकी दशा देखकर कक्ष निरीक्षक और केन्द्र व्यवस्थापक भी हैरान थे। मालूम हो कि याय पंचायत संसाधन केन्द्र समन्वयक ‘एनपीआरसी’ की परीक्षा 21 जनवरी को पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगी। 227 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।

बांदा रेप केस: ‘नपुंसक’ विधायक के समर्थन में उतरी पत्‍नी, 5 अफसर सस्‍पेंड

लखनऊ|| उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने आज बांदा रेप कांड में चार पुलिस अधिकारियों और एक जेल अधिकारी को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया।

इसी बीच बहुजन समाज पार्टी के विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी की पत्नी ने भी दोहराया है कि उनके पति शारीरिक रूप से बलात्कार करने में समर्थ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं पत्नी होने के नाते यह बात दावे के साथ कह सकती हूं।

विधायक की पत्नी आशा द्विवेदी लिखित बयान पढ़ते हुए अपने पति का पूरी तरह से बचाव किया और कहा कि मेरे पति पिछले 18 साल से मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं. उनका बायां गुर्दा भी बेकार है. उनकी मौजूदा शारीरिक हालत ऐसी नहीं है कि वह किसी का बलात्कार कर सकें. उनकी पत्नी होने के नाते मैं यह बात दावे के साथ कह सकती हूं.

उन्होंने कहा कि मैं मांग करती हूं कि मेरे पति का तुरंत डीएनए परीक्षण और मेडिकल जांच कराई जाए.

अपने पति के खिलाफ उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए आशा ने विधायक द्विवेदी को बलात्कार के मामले में फंसाने के षड्यंत्र की भी सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की.

मायावती ने आज लखनऊ में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि बांदा बलात्कार मामले में उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक लालाराम, अतर्रा थाना प्रभारी राधेश्याम शुक्ला, उप निरीक्षक अब्दुल जब्बार और बांदा के जेलर ज्ञानप्रकाश को निलंबित कर दिया है।

बांदा के बीएसपी विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी पर एक नाबालिग लड़की ने दिसंबर में बलात्कार का आरोप लगाया। लड़की का आरोप है कि विधायक और  उनके सहयोगियों ने 10 और 12 दिसंबर को उसके साथ बलात्कार किया। लड़की ने यह भी आरोप लगाया कि उसे चोरी के आरोप में भी झूठा फंसाया है। चोरी के आरोप में पुलिस ने पीड़ित को जेल में डाल दिया था लेकिन बाद में उसे रिहा किया गया। विधायक बलात्कार के आरोप में बांदा जेल में बंद हैं।

विधायक की पत्नी आशा ने आज मीडिया के सामने आकर एक लिखित बयान पढ़ा। इसमें उन्‍होंने दावा किया कि विधायक का डीएनए और दूसरे मेडिकल टेस्ट करवाने से यह पूरी तरह साबित हो जाएगा कि वे बलात्कार करने में अक्षम हैं। उन्‍होंने कहा कि उनके पति को 18 साल से शुगर और ब्लड प्रेशर की बीमारी है। उनकी एक किडनी भी खराब है। ऐसे में वे बलात्कार कैसे कर सकते हैं? मैं उनकी पत्नी हूं और दावे के साथ कह सकती हूं कि वे बलात्कार करने लायक नहीं हैं।

इसके पहले विधायक खुद भी कह चुके हैं कि वे नपुंसक हैं। लेकिन मामले की जांच कर रही सीबी-सीआईडी ने सरकार को सौंपी प्राथमिक जांच रिपोर्ट में विधायक और उनके तीन सहयोगियों को बलात्कार का दोषी माना है। सीबीसीआईडी ने आज इस मामले में आरोपपत्र भी दायर कर दिया।

आशा ने कहा कि उनके पति के राजनीतिक विरोधियों ने उन्हें फंसाने का षडयंत्र किया है। उन्होंने दावा किया कि जिस लड़की ने बलात्कार का आरोप लगाया है वह चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई थी और करीब 500 लोगों के सामने उसके पास से चोरी का मोबाइल भी जब्त हुआ। आशा के अनुसार चोरी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस के सामने दिए बयान में विधायक पर कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि उसने अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने दावा किया कि युवती के मेडिकल परीक्षण में भी बलात्कार साबित नहीं हुआ। आशा ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच करवा कर षडयंत्र करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

स्कूल वैन और बस में टक्कर, दो छात्रों की मौत

बांदा|| उत्तरप्रदेश के बांदा में एक बस और स्कूली वैन में टक्कर होने से दो बच्चों की मौत हो गई है. जबकि 18 बच्चे घायल हैं.

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आज सुबह राज्य परिवहन निगम की एक तेज रफ्तार बस ने स्कूल वैन को टक्कर मार दी. इस हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई और 18 बच्चे घायल हो गये. इनमें पांच की हालत नाजुक बताई जा रही है

हादसा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र में बांदा-फतेहपुर मार्ग पर सुबह उस समय हुआ जब एक रोडवेज बस स्कूल वैन से जा भिड़ी. वैन में दयाल पब्लिक स्कूल (तिंदवारी) के छात्र सवार थे. पीड़ित छात्रों की आयु आठ से दस साल के बीच है.

तिंदवारी थाना प्रभारी आर.के.मिश्रा ने बताया कि दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 18 बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं.