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चोरों ने ३ बाइकें व नगदी जेवरात उड़ाये, भगाने के लिए की फायरिंग

फर्रुखाबाद: चोरों ने आवास विकास कालोनी के विवेक कुमार गंगवार की यूपी ७६ जे / ५०९९ बाइक उड़ा दी|

विवेक बीती रात ११:४५ बजे स्वागतम गेस्ट हाउस समारोह में गए थे| इसी गेस्ट हाउस से आज दिन के २ बजे पड़ोसी जिला कन्नौज थाना तालग्राम के नक्कानाल निवासी मोहम्मद आरिफ की बाइक नंबर यूपी ७८ ए/ ४३०४ हीरो होंडा गायब कर दी गई| आरिफ अपने भाई मुस्तकीम के साथ ट्रक फायेंनेस की किस्त जमा करने गए थे|

* चोरों ने तीसरी घटना कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला हांथीखाना निवासी दीपक के घर से की| चोर उनकी यूपी ३० पी / ३२३ बाइक व दो मोबाइल निकाल ले गए| छत से आये चोर मेनगेट का ताला खोलकर बाहर निकले|

चोरों ने बीती रात प्रीतम नगला निवासी सेवा निवृत कर्मचारी शिवनरायन जाटव के घर से ६ हजार रूपये की नगदी व ५० हजार रुपये के जेवर उड़ाये| चोरों ने हांथीखाना निवासी चुनमुन के घर से दो मोबाइल उड़ाये| खटपट की आवाज सुनकर चुनमुन से लाएसेंसी बन्दूक से फायरिंग करके उन्हें भगाया|

रोडवेज बस ने मासूम को कुचला, भीड़ ने की पत्थरबाजी

गोरखपुर|| आज का दिन गोरखपुर जिले के लिए काफी परेशानी भरा साबित हुआ। पहले तो एक दुखद घटना ने शहर को रूला दिया , उसके बाद उस घटना के दर्द ने एक रौद्र रूप घारण कर लिया। जिले में सोमवार को एक राज्य परिवहन निगम की बस ने एक बच्चे को कुचल दिया|

बच्चे की मौत ने वहां के स्थानीय लोगों को बेहद आक्रोशित कर दिया, जिसके बाद भीड़ गुस्सा भड़क उठा उसने हिसंक रूप धारण कर लिया, गुस्सायी भीड़ ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की, आक्रोशित भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिले के चौरीचौरा कस्बे में आठ साल के एक बच्चे को रोडवेज बस ने उसके घर के ही पास कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक घटना के बाद मौके से फरार चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नाराज भीड़ ने बस व अन्य कई निजी और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव किया। भीड़ ने सरकारी संपत्ति को भी निशाना बनाया।

चौरी-चौरा थाना प्रभारी सी. पी. सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि उग्र भीड़ ने गोरखपुर-देविरया मार्ग को जाम कर दिया। हालात पर काबू पाने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस से भीड़ की हिंसक झड़क भी हुई। घटना के बाद इलाके में तनाव के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।

जयन्ती: याद किये गए पिछड़ों के नेता कर्पूरी ठाकुर

फर्रुखाबाद: ८८वी जयन्ती पर शोषित वंचित अति पिछड़ों के जन नायक कर्पूरी ठाकुर को याद किया गया|

जनवादी पार्टी सोशलिस्ट की ओर से कर्पूरी ठाकुर की शोभा यात्रा को आज प्रातः गुरुगाँव देवी मंदिर से जिलाध्यक्ष श्री धर्मपाल सिंह चौहान ने झंडी दिखाकर रवाना किया| उनके स्वागत में नगर में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ सिंह द्वार, कर्पूरी ठाकुर द्वार, अहिल्यावायी होलकर द्वार, विश्वकर्मा द्वार, भारद्वाज ऋषी द्वार, कश्यप महर्षि ऋषी द्वार, ब्रम्ह्दत्त द्विवेदी द्वार, हरीचरन लाल प्रजापति द्वार, महाराज संत्वन, महारानी सत्यवती द्वार, शब्दवेदी सम्राट प्रथ्वीराज चौहान द्वार बनाए गए थे वहां विजय सिंह चौहान, जगदीश सिंह चौहान, विकास कुमार गुप्ता, उत्तम मिश्रा आदि ने पुष्प वर्षा करके व फूल मालाओं से शोभायात्रा का स्वागत किया|

होरीलाल कश्यप, कर्पूरी ठाकुर विचार मंच के अध्यक्ष डॉ सत्यनारायण सिंह, सतीश चौहान, निष्कर्ष दीक्षित, चिंतामणि पाठक, विजय भारद्वाज, निर्मला बाथम, मनोज कुमार राठौर आदि लोग शोभायात्रा के आगे-आगे चल रहे थे| शोभा यात्रा में कर्पूरी ठाकुर के चित्र को लगाया गया था| क्रिश्चियन इंटर कालेज पहुँचने पर शोभा यात्रा का समापन स्वागत समारोह से ही हुआ|

इस दौरान वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताये गए रास्ते पर चलने का आवाहन किया|

चौकीदार सोता रहा: चोरों ने ट्रेवल्स एजेंसी से बुलेरो उड़ाई

फर्रुखाबाद: वाहन चोर गिरोह ने बीती रात तिकोना चौकी पुलिस को ठेंगा दिखाते हुए ट्रेवल्स एजेंसी के फाटक में बंद बुलेरो उड़ा दी और वाहनों की रखवाली करने वाला सोता ही रहा|

थाना मऊदरवाजा की ग्राम पंचायत कुवेरपुर घाट ग्राम कुचलियाई के प्रधान संतोष यादव के चाचा बाबूराम अपनी बुलेरो यूपी ७६ जे / १२६३ को भाड़े पर चलवाते हैं| बुलेरो तिकोना पुलिस चौकी के निकट सभासद रामजी मिश्रा की रामजी ट्रेवल्स एजेंसी में खड़ी होती थी|

बीती रात एजेंसी में कई वाहनों को खड़ा कर चालक भी सो रहे थे| मध्यरात्रि के बाद चौकीदार ओमी बाथम भी सो गया| काम चलाऊ फाटक लगा होने के कारण रात में आने वाले ड्राईवर बाहा से ही हाँथ डालकर अन्दर की कुंडी खोलकर अन्दर चले जाते है और वाहन को खड़ा कर कुंडी लगाकर बाहर भी निकल जाते हैं|

इस अजीबो-गरीब व्यवस्था का जानकार व्यक्ति रात करीब २ बजे कुंडी खोलकर बुलेरो को निकाल ले गया| आज सुबह करीब ९ बजे ड्राईवर अनिल बाथम बुलेरो को लेने गया तब चोरी की घटना का खुलासा हुआ|

जहरखुरानों ने ट्रेन यात्री की नगदी व सामान उड़ाया

फर्रुखाबाद: जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों ने ट्रेन यात्री साविर को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और उनकी ३० हजार रुपये की नगदी अदि सभी सामान उड़ा ले गए|

थाना कमालगंज एक मोहल्ला जवाहर नगर निवासी ४० वर्षीय साविर पंजाब प्रांत में बेकरी चलाते हैं| वह कासगंज से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पर सवार होकर घर जा रहे थे| रास्ते में उनके पीछे जहरखुरान गिरोह के सदस्य लग गए जिन्होंने नशीला पदार्थ सुंघाकर साविर को बेहोश कर दिया और उनकी पेंट की जेब काटकर ३० हजार रुपये व कीमाती सामन से भरे दो थैले उठा ले गए|

अन्य यात्रियों ने साविर को बेहोश देखकर उनकी जेब से मिली डायरी से फोन मिलाकर परिजनों को जानकारी दी| बेटे फारुख ने कमालगंज स्टेशन पर बेहोश साविर को ट्रेन से उतारा| थोड़ा होश आने पर साविर ने बताया कि पेंट की जेब में ३० हजार रुपये व सामान से भरे दो थैले थे|

उन्हें स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया|

चाय ने ली 5 की जान

बदायूं|| उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले के उझियानी थाने में आने वाले नरसिंह पूर्व गांव में जहरीली चाय पीने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मृत्यु हो गई| मृतकों में पिता और चार बच्चें शामिल है. यह हादसा आज सुबह हुआ.

पुलिस अधीक्षक (देहात) के के पुष्कर ने बताया कि उक्त घटना आज सुबह उस समय हुई जब ४५ वर्षीय अमर सिंह की पत्नी ने अपने पति और चार बच्चे १६ वर्षीय अलावा पिंकी, १४ वर्षीय रिक्की, १० वर्षीय चम्पा और ६ वर्षीय पुत्र देवा शामिल हैं|

इन सभी को चाय पीने के लिए दी. चाय पीने के थोड़ी ही देर बाद इन्हें उल्टी और दस्त होने लगी, प्राथमिक उपचार के लिए इन्हें चिकित्सा केन्द्र ले जाया गया जहां उपचार के दौरान अमर सिंह उसकी तीन बेटी और एक बेटे ने दम तोड़ दिया|

पैर किसके, क्यों और कब छुएं?

सामान्यत अधिकांश लोग घर के बड़े-बुजूर्ग, संत-महात्मा, वृद्ध आदि के पैर अवश्य छुते हैं। पैर छुने की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। इस परंपरा के पीछे कई कारण मौजूद हैं। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि बड़े लोगों के पैर छुने से हमारे पुण्य में बढ़ोतरी होती है। साथ ही उनके आशीर्वाद स्वरूप हमारा दुर्भाग्य दूर होता है और मन को शांति मिलती है।
पैर छुना या प्रणाम करना, केवल एक परंपरा या बंधन नहीं है।

यह एक विज्ञान है जो हमारे शारीरिक, मानसिक और वैचारिक विकास से जुड़ा है। पैर छुने से केवल बड़ों का आशीर्वाद ही नहीं मिलता बल्कि अनजाने ही कई बातें हमारे अंदर उतर जाती है। पैर छुने का सबसे बड़ा फायदा शारीरिक कसरत होती है, तीन तरह से पैर छुए जाते हैं। पहले झुककर पैर छुना, दूसरा घुटने के बल बैठकर तथा तीसरा साष्टांग प्रणाम। झुककर पैर छुने से कमर और रीढ़ की हड्डी को आराम मिलता है।

दूसरी विधि में हमारे सारे जोड़ों को मोड़ा जाता है, जिससे उनमें होने वाले स्ट्रेस से राहत मिलती है, तीसरी विधि में सारे जोड़ थोड़ी देर के लिए तन जाते हैं, इससे भी स्ट्रेस दूर होता है। इसके अलावा झुकने से सिर में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो स्वास्थ्य और आंखों के लिए लाभप्रद होता है। प्रणाम करने का तीसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे हमारा अहंकार कम होता है। किसी के पैर छुना यानी उसके प्रति समर्पण भाव जगाना, जब मन में समर्पण का भाव आता है तो अहंकार स्वत: ही खत्म होता है। इसलिए बड़ों को प्रणाम करने की परंपरा को नियम और संस्कार का रूप दे दिया गया।

किसी भी कार्य की शुरूआत के पहले हमें घर के बड़े-बुजूर्ग, माता-पिता के चरण स्पर्श अवश्य करने चाहिए। इससे कार्य में सफलता प्राप्त होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है हमारा मनोबल बढ़ता है।पैर किसके, क्यों और कब छुएं?
सामान्यत: हम सभी घर के बड़े-बुजूर्ग, संत-महात्मा, वृद्ध आदि के पैर अवश्य छुते हैं। पैर छुने की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। इस परंपरा के पीछे कई कारण मौजूद हैं। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि बड़े लोगों के पैर छुने से हमारे पुण्य में बढ़ोतरी होती है। साथ ही उनके आशीर्वाद स्वरूप हमारा दुर्भाग्य दूर होता है और मन को शांति मिलती है।
पैर छुना या प्रणाम करना, केवल एक परंपरा या बंधन नहीं है।

यह एक विज्ञान है जो हमारे शारीरिक, मानसिक और वैचारिक विकास से जुड़ा है। पैर छुने से केवल बड़ों का आशीर्वाद ही नहीं मिलता बल्कि अनजाने ही कई बातें हमारे अंदर उतर जाती है। पैर छुने का सबसे बड़ा फायदा शारीरिक कसरत होती है, तीन तरह से पैर छुए जाते हैं। पहले झुककर पैर छुना, दूसरा घुटने के बल बैठकर तथा तीसरा साष्टांग प्रणाम। झुककर पैर छुने से कमर और रीढ़ की हड्डी को आराम मिलता है। दूसरी विधि में हमारे सारे जोड़ों को मोड़ा जाता है, जिससे उनमें होने वाले स्ट्रेस से राहत मिलती है, तीसरी विधि में सारे जोड़ थोड़ी देर के लिए तन जाते हैं, इससे भी स्ट्रेस दूर होता है।

इसके अलावा झुकने से सिर में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो स्वास्थ्य और आंखों के लिए लाभप्रद होता है। प्रणाम करने का तीसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे हमारा अहंकार कम होता है। किसी के पैर छुना यानी उसके प्रति समर्पण भाव जगाना, जब मन में समर्पण का भाव आता है तो अहंकार स्वत: ही खत्म होता है। इसलिए बड़ों को प्रणाम करने की परंपरा को नियम और संस्कार का रूप दे दिया गया।

किसी भी कार्य की शुरूआत के पहले हमें घर के बड़े-बुजूर्ग, माता-पिता के चरण स्पर्श अवश्य करने चाहिए। इससे कार्य में सफलता प्राप्त होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है हमारा मनोबल बढ़ता है।

”मिले सुर मेरा तुम्हारा, तो सुर बने हमारा” हुआ अमर

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नई दिल्ली|| देश के महान शास्त्रीय गायक और भारत रत्न से सम्मानित पंडित भीमसेन जोशी का आज सुबह 8.05 बजे पुणे के एक अस्पातल में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। पंडित भीमसेन जोशी का जन्म 4 फरवरी 1922 को कर्नाटक के गडक में हुआ था। इनको बचपन से ही संगीत का बहुत शौक था। वह किराना घराने के संस्थापक अब्दुल करीम खान से बहुत प्रभावित थे। 1932 में वह गुरु की तलाश में घर से निकल पड़े। अगले दो वर्षों तक वह बीजापुर, पुणे और ग्वालियर में रहे। उन्होंने ग्वालियर के उस्ताद हाफिज अली खान से संगीत की शिक्षा ली। घर वापसी से पहले वह कलकत्ता और पंजाब भी गए। सन् 1936 में पंडित भीमसेन जोशी ने पंडित रामभन कुंडगोलकर से गडग के पास कुंडगोल में संगीत प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहां उन्होंने खयाल गायकी की बारीकियां भी सीखीं।

पंडित भीमसेन जोशी ने अपनी विशिष्ट शैली विकसित करके किराना घराने को समृद्ध किया। उनको कई रागों को मिलाकर कलाश्री और ललित भटियार जैसे नए रागों की रचना करने का भी श्रेय जाता है। उन्हें खयाल गायन के साथ-साथ ठुमरी और भजन में भी महारत हासिल की है।

सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित

भीमसेन जोशी को 4 नवम्बर, 2008 को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से पुरस्कृत किया गया। इन्हें भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में सन् 1985 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। इसके साथ इन्हें पद्म विभूषण और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

19 साल की आयु में आये सार्वजनिक मंच पर

किराना घराना के जोशी ने 19 वर्ष की आयु में पहली बार किसी सार्वजनिक मंच से अपनी गायन कला का प्रदर्शन किया था। उनकी अनवरत यात्रा आज समाप्त हुई है। उन्होंने पहली बार अपने गुरु सवाई गंधर्व के 60वें जन्मदिवस पर जनवरी 1946 में पुणे अपना गायन प्रस्तुत किया था।

गीत जो हो गए अमर

जोशी जी द्वारा गाए गए गीत लोगों के बीच समां बांध देते थे। उनके संगीत में गजब का जादू था। उनके द्वारा गाए गए गीत पिया मिलन की आस, जो भजे हरि को सदा और मिले सुर मेरा तुम्हारा संगीत के क्षेत्र में मील के पत्थर हैं। इस का सम्मोहन आज भी बरकरार है।

पथराव से भागे लेखपाल ने दबंगों के सामने घुटने टेकें

फर्रुखाबाद: चकरोड पर कब्जा करने वाले दबंगों ने पथराव करके मनरेगा मजदूरों सहित लेखपाल को भगा दिया| थाने में हुयी पंचायत के दौरान लेखपाल ने दबंगों के सामने घुटने टेंक दिए और चकरोड भूमि पर कब्जा कराने को तैयार हो गए|

थाना कमालगंज ग्राम पंचायत रसीदपुर के प्रधान राजकुमारी के पति अनूप कुमार राजपूत ने बताया कि गाँव के अखिलेश, अमर सिंह, जयवीर, ज्ञान सिंह व ध्यान सिंह ने चकरोड पर कब्जा करके दीवार बनाने लगे| शिकायत करने पर लेखपाल रमेश चंद्र, दरोगा राजेन्द्र सिंह के साथ चकरोड की पैमायीस की तो ५० कड़ियाँ के चकरोड पर मात्र १७ फुट चकरोड की जगर बची थी|

अनूप ने बताया कि लेखपाल ने मनरेगा मजदूरों को दीवार गिराने को कहा तो चकरोड पर कब्जा करने वालों ने छत पर खड़े होकर पथराव किया तथा अबैध शस्त्र दिखाकर धमकाया| पथराव होने पर मजदूर व लेखपाल ने भाग कर जान बचाई| करीब ५० मनरेगा मजदूरों को लेकर थाने पहुंचा| शिकायत करने पर लेखपाल ने समझौता कर लिया कि दीवार अपने स्थान से मात्र दो फुट पीछे बनायी जायेगी|

आलू आढ़ती सन्नू साइकिल पर हो गए सवार

फर्रुखाबाद: सातनपुर मंडी आलू आढ़ती एसोशिएशन के अध्यक्ष अजय गंगवार उर्फ़ सन्नू पर राजनीति करने का का भूत सवार हो गया है| उन्होंने आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है|

सपा विधायक नरेन्द्र सिंह यादव, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दृगपाल सिंह यादव बाबी, ग्रीश चन्द्र कटियार एडवोकेट, राजकुमार सिंह राठौर एडवोकेट आदि के साथ सन्नू लखनऊ में सपा मुख्यालय पर आयोजित जनेश्वर मिश्र की पुण्य तिथि के कार्यक्रम में शामिल हुए|

प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सन्नू को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई| सन्नू ने जिले के सपा नेताओं द्वारा किये जा रहे विरोध की जानकारी दी तो सपा मुखिया ने सन्नू को परेशान न होकर क्षेत्र में चुनाव की तैयारी करने को कहा, जिससे साफ़ हो गया कि फर्रुखाबाद सदर क्षेत्र से सन्नू ही चुनाव लड़ेंगें|

सन्नू के सपा में शामिल होने के दौरान संतोष चौधरी, लव यादव, सुधीर मिश्रा, देवेन्द्र यादव, आशीष यादव आदि मौजूद रहे| सन्नू ने अभी हाल में अपने छोटे भाई अतुल गंगवार को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताया है| उनके पिता राजेन्द्र सिंह गंगवार कायमगंज विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं| आलू का व्यापार करने वाले सन्नू ने पहली वार राजनीति में कदम रखा है|