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ट्रेन की छत पर यात्रा कर रहे कई छात्रों की मौत

शाहजहांपुर|| एक बड़ी और दुखद खबर उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर की है जहां बरेली में आईटीबीपी में भर्ती के लिए ट्रेन से सफर कर रहे कई छात्रों की मौत हो गई है। जो खबर मिल रही है उस से पता चल रहा है कि ये सभी छात्र जम्मूतवी ट्रेन की छत पर बैठे थे, जो कि हाईटेंशन तार की चपेट में आ गये, जिससे उनकी मौत हो गई। हादसे में कई छात्र घायल भी हो गए हैं, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मरने वालों की संख्या के बारे में अभी ठीक से पता नहीं चल पाया है क्योंकि जीआरपी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मरने वालों की संख्या 6 से 12 के बीच है। गुस्साए लोगों ने ट्रेन में आग लगा दी है, पूरी ट्रेन में आग फैल गई है। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन को खाली करा दिया गया है।

बरेली रेंज के आई जी ने बताया कि बरेली में आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) की भर्ती के चलते करीब 12 राज्यों से लाखों की तादाद में छात्र पहुंचे थे। भर्ती निरस्त किए जाने के बाद यह छात्र वापस अपने घरों को लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें सूचना मिली है कि शाहजहांपुर से लखनऊ के बीच हिमगिरी एक्सप्रेस की छत पर सवार कुछ छात्र करंट की चपेट में आए हैं।

सूचना के मुताबिक तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई लेकिन बाद में यह संख्या 12 हो गयी। यह संख्या और भी बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि यहां सेना में भर्ती के दौरान शामिल होने आए युवकों ने जमकर हंगामा किया है, मिली जानकारी के मुताबिक, इस भर्ती अभियान में 400 पोस्ट के लिए करीब 45 से 50 हजार युवक आए थे।इनके रजिस्ट्रेशन में देरी होने की वजह से युवक आक्रोशित हो गए।

लेखपालों की हड़ताल से तहसील दिवस प्रभावित

फर्रुखाबाद: जिले के सभी लेखपालों के हड़ताल पर होने के कारण तहसील सदर अम्रतपुर व कायमगंज के तहसील दिवस प्रभावित हुए| किसी भी लेखपाल ने तहसील दिवस में आये शिकायती पत्रों की जांच लेने से साफ़ मना कर दिया| तहसील दिवस में ६९ शिकायती पत्रों में मात्र दो का ही निस्तारण हो सका|

लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश तिवारी, तहसील सदर अध्यक्ष बलवीर सिंह यादव की अगुवाई में तहसील फर्रुखाबाद परिसर में लेखपालों ने धरना दिया| लेखपालों ने सुबह ही तय कर लिया था कि कोई भी साथी तहसील दिवस के शिकायती पत्रों को जांच के लिए नहीं लेगा|

लेखपालों ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि शासन एवं वित्त विभाग की सहमति के पश्चात भी पूर्व में हुए समझौते के परिपेक्ष में लंबे अंतराल के बावजूद भी राज आज्ञाएं जारीं नहीं की| बैठक में कहा गया कि जब तक राज आज्ञा जारी नहीं होगी तब तक तहसील व थाना दिवस का बहिष्कार किया जाएगा|

बैठक में ए आरके राजेन्द्र श्रीवास्तव, श्याम बाबू श्रीवास्तव, संजय प्रताप सिंह, पप्पू सक्सेना आदि लेखपाल मौजूद रहे|

लौट के बुद्धू घर को आये

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव में गडबडी के आरोप में जिलाधिकारी द्वारा कार्यमुक्त सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत श्रवण कुमार को निर्वाचन आयोग ने दोबारा फर्रुखाबाद के लिए ही वापस कर दिया|

जिलाधिकारी ने बहाली तो कर दी है लेकिन काम अभी एसडीएम अम्रतपुर रवीन्द्र वर्मा के पास ही है|

मंदिर मस्जिद के निकट जलभराव को लेकर प्रदर्शन

फर्रुखाबाद: नगर के मोहल्ला तलैया फजल इमाम में ब्रह्मदेव मंदिर से लेकर प्राचीन मस्जिद तक महीनों से जलभराव के समस्या को लेकर मोहल्ले वालों का धैर्य टूट गया| सभासद श्याम सुन्दर उर्फ़ लल्ला ने मोहल्ले वालों के साथ तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी अनिल धींगरा को शिकायती पत्र दिया|

श्री धींगरा को अवगत कराया गया कि मंदिर में पूजन व मस्जिद में नवाज के लिए जाने वाले लोगों को गंदे पानी से निकलना पड़ता है|

स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों व वृद्धों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है| जलभराव के कारण डेंगू फ़ैल चुका है| ५ माह पूर्व चेयरमैन भी आकर गंदगी को देख गए हैं| जिन्होंने १५ दिन में समस्या का समाधान करने का वायदा किया था|

श्री धींगरा ने स्वास्थय निरीक्षक से घटना की जानकारी लेकर चेयरमैन से वार्ता करके समस्या का समाधान करने का आश्वाशन दिया| श्री लल्ला ने बताया कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मोहल्ले वालों के सहयोग से सड़क पर जाम लगाया जाएगा|

उधर कटरी धर्मपुर के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने सहायता धनराशि की चेक न मिलने की शिकायत की|

जनहित- बाढ़ राहत का शत प्रतिशत वितरण

फर्रुखाबाद: जनहित में ये सूचना प्रकाशित की जा रही है कि फर्रुखाबाद जिले में तहसीलवार बाढ़ राहत चेको का वितरण निम्न सूची अनुसार किया गया है| कृपया पाठक इस सूचना को बाढ़ प्रभावित इलाको में पूछ बताकर भौतिक स्थिति जो मिले उसे इसी खबर के नीचे अपने कमेन्ट बॉक्स में लिख दे| जे एन आई पाठको/जनता की सूचना को सरकार तक पंहुचा देगा|

तहसील सदर में सरकारी आंकड़ो के अनुसार शत प्रतिशत वितरण कर दिया गया है- इसमें बढ़पुर ब्लाक और कमालगंज ब्लाक के गाँव आते है|
तहसील- सदर- कुल राहत स्वीकृत- 37,48,000 वितरण- 37,48,000
तहसील-कायमगंज-कुल राहत स्वीकृत- 4,77,64,000 वितरण- 3,87,70,157
तहसील-अमृतपुर-कुल राहत स्वीकृत- 3,42,88,000 वितरण- 2,23,35,553

बाढ़ राहत में गोलमाल पर लेखपाल और प्रधानों पर DM का डंडा

फर्रुखाबाद: बाढ़ हो या सूखा राहत के नाम पर हमेशा गरीब ही मारा जाता है और सरकारी कर्मी व प्रधान मिलकर अपनी किस्मत चमकाते हैं| इस वर्ष आयी गंगा व रामगंगा की भीषण बाढ़ में तवाह हुए किसान और ग्रामीण बाढ़ राहत सहायता के लिए दर-दर भटक रहे हैं|

बढपुर ब्लाक के ग्राम सभा कटरी धर्मपुर में ग्रामीणों और किसानों ने लेखपाल पर बाढ़ राहत की चेकों के वितरण में धांधली के आरोप लगाए हैं| इस मामले की शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर प्रदर्शन किया|

जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एएसडीएम चन्द्र प्रकाश उपाध्याय को सौंप दी है| एएसडीएम ने फ़ौरन जांच शुरू करते हुए तहसीलदार से बाढ़ राहत से सम्बंधित सभी दस्तावेज तलब कर लिए हैं|

प्रधानों और लेखपालों की मनमानी पर डीएम का डंडा

जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने प्रधानो और लेखपालों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वह बाढ़ राहत की चेकें शिविर लगाकर सार्वजनिक रूप से बांटी जाएँ|

पेट्रोल के दाम फिर बढ़ सकते हैं!

पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी हो सकती है, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं| अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है|

सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियां फिर से दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. पिछले साल जून से पेट्रोल के दाम को बाजार के भरोस छोड़ दिया गया है. पहले पेट्रोल की कीमत सरकार तय करती थी|

कंपनियों का कहना है कि वे नुकसान उठाकर सस्ता पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं. पेट्रोल के हर लीटर पर 3 रुपए और डीजल पर 8 रुपए का नुकसान उठाकर बेचना पड़ रहा है|

कंपनियों का कहना है कि दाम तय करने के नए तरीके से पेट्रोल पर कुछ राहत हुई है लेकिन डीजल के दाम अभी भी सरकार तय करती है इसलिए उसपर कंपनियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है|

हालांकि सरकार डीजल किरोसिन तेल,एलपीजी को सस्ता रखने के लिए 8000 करोड़ रुपए की अनुदान देने जा रही है|

बढ़ोतरी के बाद तेल की आपूर्ति में रुकावट आने की आशंका के बाद तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है| सबसे ज्यादा आशंका स्वेज नहर और सम्द पाइपलाइन के जरिए होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति में ठहराव को लेकर है|

गौरतलब है कि सितंबर 2008 में कच्चे तेल का भाव 147 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था. कच्चे तेल में आए उछाल का असर भारत में दिखने लगा है|

बीती रात से सरकारी तेल कंपनियों ने हवाई ईंधन के दामों में 4.5% की बढ़ोतरी कर दी है. अब एक किलोलीटर हवाई ईँधन के लिए 50,958.79 रुपए चुकाने होंगे|

जिसका अंतिम भार अब यात्रियों को उठाना होगा. हवाई यात्रा की कुल लागत में 40 फीसदी हिस्सा ईंधन का है.मिस्र हर दिन 6,85,000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है|

दुनिया का 30वां सबसे ज्यादा तेल उत्पादन करने वाला देश है| मिस्र के तेल उत्पादन का ज्यादातर हिस्सा घरेलू जरूरतों को पूरा करने में चला जाता है, इसलिए मिश्र तेल निर्यातक देश के लिहाज से खास महत्व्पूर्ण नहीं है|

इसका मतलब है कि करीब 6000 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी. आम लोगों को सबसे ज्यादा आशंका खुदरा पेट्रोल के दाम को लेकर है|

सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियां फिर से दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. पिछले साल जून से पेट्रोल के दाम को बाजार के भरोस छोड़ दिया गया है. पहले पेट्रोल की कीमत सरकार तय करती थी|

अब तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के हिसाब से घरेलू दाम में बदलाव कर रही हैं. दाम तय करने की नई प्रथा के बाद अब तक 7 बार पेट्रोल के दाम बढ़ चुके हैं|

सीधे जनवरी 2010 से देखा जाय तो 48 रुपए प्रति लीटर के भाव पर मिलने वाला पेट्रोल अब 60 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुका है. गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है|

भारत इनमें से साउदी अरब,ईरान,ईराक,कुवैत और यमन से तेल आयात करता है. इस बीच ईरान से पेमेंट मॉडल को लेकर चल रहा विवाद इस संकट को और बढ़ा सकता है. सउदी अरब के बाद ईरान दूसरा सबसे बड़ा आपूर्ती करने वाला देश है|

कुल मिलाकर पश्चिम एशिया की हलचल के बाद कच्चे तेल का आयात बिल बढ़ना तय है.चालू कारोबारी साल के पिछले आठ महीनों में भारत कच्चा तेल खरीदने के लिए 57 अरब डॉलर खर्च कर चुका है|

पिछले कारोबारी साल यानी 2009-10 में यह लगात 38 अरब डॉलर थी.कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के बाद घरेलू कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है|

कंपनियों का कहना है कि वे नुकसान उठाकर सस्ता पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं. पेट्रोल के हर लीटर पर 3 रुपए और डीजल पर 8 रुपए का नुकसान उठाकर बेचना पड़ रहा है|

कंपनियों का कहना है कि दाम तय करने के नए तरीके से पेट्रोल पर कुछ राहत हुई है लेकिन डीजल के दाम अभी भी सरकार तय करती है इसलिए उसपर कंपनियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है|

2 फरवरी से प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन: सपा

लखनऊ|| विपक्षी दल समाजवादी पार्टी आगामी 2 फरवरी को पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भया, सपा सांसद शैलेन्द्र कुमार और पार्टी के कई विधायकों को कथित रूप से बदले की भावना के चलते जेल भेजे जाने तथा बांदा बलात्कार प्रक रण के खिलाफ प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन करेगी।

सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने सोमवार को कहा कि पार्टी की प्रादेशिक इकाई के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दल की सभी जिला इकाइयों के अध्यक्षों को पत्र लिखकर उन्हें प्रदेश की बसपा सरकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाईयों के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल बीएल. जोशी से मुलाकात कर उन्हें राजा भैया तथा सपा के विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ राज्य सरकार द्बारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने तथा उन्हें गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध करने का आदेश वापस लेने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने राज्यपाल से कहा कि राज्य सरकार इस वक्त बरेली जेल में बंद राजा भया और अक्षय प्रताप को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत निरुद्ध करने की भी तैयारी कर रही है। चौधरी ने कहा कि राजा भैया, सपा सांसद शैलेन्द्र कुमार, विधायक विनोद सरोज तथा विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंहप्रतापगढ़ के बाबागंज ब्लाक प्रमुख के चुनाव में बसपा नेताओं द्बारा सपा के क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अपहरण की शिकायत के लिए कुण्डा कोतवाली पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर उन्हें ही गिरफ्तार कर लिया।

आईटीबीपी मुख्यालय पर हंगामा

बरेली|| भर्ती के लिए बरेली आए युवकों ने आईटीबीपी मुख्यालय पर जमकर हंगामा किय| बताया जा रहा है कि आईटीबीपी की भर्ती के लिए आए हजारों युवकों ने बरेली में मथुरा-आगरा रोड पर बने आईटीबीपी मुख्यालय पर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की|

बदइंतजामी से नाराज़ युवकों ने परिवहन निगम की पांच बसों को आग के हवाले कर दिया और तमाम निजी वाहनों में भी तोड़फोड़ की|

गुस्साए युवकों ने पेट्रोल पंप में भी आग लगाने की कोशिश की|

बताया जा रहा है कि आईटीबीपी में भर्ती के लिए 11 राज्यों से युवक आए हैं. उनकी शिकायत है कि आईटीबीपी ने दूर से आए अभ्यर्थियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है|

मालूम हो कि कुल 416 लोगों की नियुक्ति होनी थी लेकिन बड़ी तादाद में अभ्यर्थी पहुंच गए| आईटीबीपी फार्म जमा करने की होड़ को नियंत्रित नहीं कर पाया| जिला प्रशासन का कहना है कि आईटीबीपी ने जिला प्रशासन से कोई संपर्क नहीं किया था और न ही सहयोग मांगा था|

बरेली परिक्षेत्र के उप-पुलिस महानिरीक्षक प्रकाश डा के मुताबिक आईटीबीपी की चतुर्थ श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने आये उम्मीदवारों ने इंतजामों से नाराज होकर सार्वजनिक वाहनों में तोड़फोड़, आगजनी और पथराव किया। उग्र युवकों ने कई दुकानों को भी अपना निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ प्रातीय सशस्त्र बल (पीएसी) की तैनाती की गई है। हालात पूरी तरह से नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण है।

जागरण छोड़ तफहीम खान जेएनआई के ग्रुप एडिटर बने

प्रिय पाठको,

दो साल पहले हमने कई सपने देखे थे| मैं हैदराबाद और दिल्ली एनसीआर छोड़ कर भारत के एक छोटे शहर उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में आकर बस गया| एक नयी मीडिया को जन्म देकर उसे चोटियो तक पहुचाने के लिए प्रयास शुरू हुए थे| राहे सघर्षमय थी मगर रास्ते उदीयमान थे| मैंने जेएनआई का गठन ग्रामीण भारत तक परम्परागत मीडिया की आम जनता तक पहुच को बढ़ाने का काम किया| ग्रामीण भारत तक मैं अकेले फर्रुखाबाद जनपद में 72 हजार मोबाइल धारको तक एसएमएस से पंहुचा वहीँ वेबसाइट http://jnilive.com को बनाकर ग्रामीण भारत की आवाज को दुनिया और सांसद तक पहुचाने का लक्ष्य रखा| दो साल के संघर्ष के बाद अब लगता है कि हम नयी दुनिया बसाने में कामयाब हो गए है| जिस वेबसाइट पर सिर्फ एक जिले से सम्बन्धित खबरे हो उसका पाठक 10000 की संख्या को पार कर 30000 से ज्यादा की प्रतिदिन की हिटिंग देता हो तो ऐसे में आप उसे क्या कहेंगे| चंद जिलों की ही खबर वाली वेबसाइट पर हिटिंग प्रतिदिन तीस हजार पार आकर जाए तो इसे उत्तर प्रदेश जैसे पिछड़े प्रदेश के छोटे जनपद से संचालन के रूप में कमतर नहीं आँका जा सकता| ये सब प्रयोग इस बात का संकेत देता है आने वाला वक़्त वेबमेडिया का ही है| आज मेरे वेबसाइट के कुल पाठको में से 22 प्रतिशत लोग अपने मोबाइल पर मेरा वेबसाइट खोल कर समाचार पढ़ते है| और चौकाने वाली बात ये है इनकी लोकेशन ग्रामीण इलाके से आती है जहाँ अख़बार नहीं पहुचता है| वर्ष २०११ में जे एन आई उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया जिसे हमारी नयी टीम बुलंदियों तक पहुचायेगी|

आज १ फरबरी २०१० से हमारी टीम में नए सदस्य जुड़ रहे है| मीडिया जगत और फर्रुखाबाद में उनकी पहचान बताने की जरुरत नहीं है| तफहीम खान हमारे नए सदस्य के रूप में ग्रुप एडिटर की जिम्मेदारी सम्भालेंगे| आशा है आपको जेएनआई की खबरों में नयापन और अपनापन भी महसूस होगा|

शुभकामनाओं सहित
पंकज दीक्षित
सी-इ-ओ
जोइंट न्यूज़ ऑफ़ इंडिया

श्री तफहीम का पत्र

साथियो

विगत लगभग दो वर्षों से मैं दैनिक जागरण में काफी घुटन महसूस कर रहा था। धार और तेवर कुंद पड़ने लगे थे। व्यवस्था के विरुद्ध लिख पाने की स्तंत्रता कहीं दम तोड़ रही थी। अपने साथियों को अपनी विवशता बता पाने में भी शर्म आती थी। परंतु 16 वर्षों का साथ था सो छोड़ने में तनिक झिझक भी हो रही थी। इसी उधेड़बुन में लगभग एक वर्ष का समय लग गया। आखिर निर्णय मैंने ले ही लिय। मुझे आज लगता है कि शायद यह फैसला मुझे कुछ और पहले कर लेना चाहिये था। मेरे कुछ साथियों को मेरे इस निर्णय से तकलीफ भी हुई है, मैं उन सब की भावनाओं का सम्मान करता हूं।

निर्णय से पूर्व इस विषय पर मैंने कई बार अपनी पीड़ा अपने दोस्त पंकज दीक्षित से बांटी। दैनिक जागरण छोड़ने के बाद आगे के सफर के विषय में भी चर्चा हुई। उन्होंने मुझे अपने न्यूज पोर्टल जेएनआई से जुड़ने का आफर दिया। शायद इस तरह मुझे इस निर्णय पर पहुंचने में उन्होंने ने मेरी मदद की।

दोस्तो हम लोग जेएनआई के माध्यम से मिलते रहेंगे। पत्रकारिता के इस सफर में हम आपके साथ थे और आगे भी साथ रहेंगे।

तफहीम खान

तफहीम ने एक पत्र सार्वजनिक भेजा है जो उनकी  भासा में प्रकाशित किया जा रहा-