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हो जाईये तैयार शाम तक 2 रुपये महंगा हो सकता है पेट्रोल

नई दिल्ली। पहले मिस्र और उसके बाद लीबिया में सुलग रही बगावत की आग ने पूरी दुनिया को झुलसाना शुरू कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। कच्चे तेल के दाम 30 महीनों में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। अब इस आग की असर हमारी आपकी जेब पर भी पड़ सकता है। सरकारी सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक पेट्रोल के दाम में 2 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इस बारे में आज अहम फैसला हो सकता है।

दरअसल पेट्रोल के दाम सरकारी नियंत्रण से बाहर हैं इसलिए किसी भी वक्त तेल कंपनियां पेट्रोल के दाम बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं। तेल कंपनियों को प्रति लीटर सवा दो रुपए का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा डीजल और रसोई गैस सिलिंडर के भी दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक फिलहाल उन्हें एक लीटर डीजल पर 10 रुपये 74 पैसे और एक एलपीजी सिलिंडर पर 356 रुपये का नुकसान हो रहा है। जबकि केरोसिन पर प्रति लीटर 21 रुपये 60 पैसे का नुकसान हो रहा है। राजस्व सचिव ने आज इस बात के संकेत भी दिए। लेकिन तेल की कीमतें बढ़ने के फैसले पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा है कि अभी कुछ भी फैसला नहीं हुआ है।

भैंस का खोया करने में गिरा विद्युत विभाग का निर्माणाधीन छज्जा

फर्रुखाबाद, 1 मार्चः वित्तीय वर्ष का अंत है, विभागों में बजट के बंदर बांट की होड़ मची है और ठेकेदार मोटा कमीशन निकालने के लिये भैंस का ही खोया करने में जुटे हैं। इस कवायद में न गुणवत्ता का ध्यान है उनको और न ही मासूमों की जान का दर्दे। इस कवायद में विद्युत विभाग के निर्माणधीन कार्यालय का छज्जे ने तो बेचारे ठेकेदार के भुगतान हो जाने तक का इंतजार नहीं किया,और धड़ाम से नीचे आ रहा। वह तो खैर यह हुई कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

विदित है कि विद्युत विभाग का भवन वैसे भी काफी जीर्ण-शीर्ण है। नगर क्षेत्र के उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर बरामदा का निर्माण हो रहा है। निर्माणाधीन बरामदे के ऊपर बन रहा छज्जा मंगलवार प्रातः कार्यालय समय के दौरान ही एक धमाके के साथा भरभरा गिरा तो कार्यालय में हड़कंप मच गया। धूल का गुबार छटा तो लोगों ने करीब जा कर देखा और किसी के हताहत न होने की जानकारी होने पर राहत की सांस ली।

अधिशासी अभियंता विद्युत (नगक्षेत्र) सुरेश चंद्र ने बताया कि निर्माण कार्य कनपुर स्थित सिविल सेक्शन के द्वारा कराया जा रहा है। उन्होंने परियोजना की अनुमानित लागत आदि की जानकारी से भी अनभिज्ञता प्रकट की है। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माण वीरेंद्र कटेरिया द्वारा कराया जा रहा है।

बेटे ने केस में बाप को फंसाया

फर्रुखाबाद:1March||  थाना मऊदरवाजा के ग्राम मातादीन की मडैया कटरी धर्मपुर निवासी प्रदीप कुमार ने पिटाई करने वाले अपने बाप रामबक्स को भी केस में फंसा दिया|

प्रदीप सुबह मशीन से चारा काट रहा था| चक्का टूट जाने को लेकर हुए विवाद में रामबक्स व उनके बेटे उदयवीर व अलवर ने प्रदीप की जमकर पिटाई कर दी| प्रदीप ने हमलावरों के विरुद्ध सूचना दर्ज कराई|

ग्राम कुवेरपुर घाट में घर में पत्थर फेंकने के विवाद में लाठी-डंडे चलने से गुरू प्रसाद की पत्नी गिरिजा देवी तथा पिता भिखारी लाल तथा दूसरे पक्ष के नरेश चन्द्र व उनकी पत्नी रेशमा देवी घायल हो गयीं| गिरिजा देवी ने हमलावर हरीराम व उनकी पत्नी गुड्डी बेटे विपिन, बादामसिंह के विरुद्ध सूचना दर्ज कराई| जबकि नरेश ने राजेन्द्र व उनकी पत्नी विमला, हरीराम व उनके पुत्र विपिन के विरुद्ध सूचना दर्ज कराई|

दबंग मुर्गे ने युवती पर किया हमला, भगाने पर किया घायल

फर्रुखाबाद:1March||  दबंग मुर्गे ने युवती पर हमला कर दिया जब युवती ने जान बचाने के लिए मुर्गे को भगाया तो युवती यासमीन को पीटकर घायल कर दिया गया|

युवती यासमीन मोहल्ला कटरा बू अली निवासी रफीक की युवा पुत्री है| वह अपने माँ-बाप छोटे भाई बहनों के साथ मुजफ्फर रहमानी के मकान में किराए पर रहती है| वह बीते दिन हैण्ड पम्प पर पानी भरने गई तभी पड़ोसी अहमद के मुर्गे ने हमला कर दिया| अक्सर काट लेने के कारण यासमीन ने ईंट मारकर मुर्गे को भगाया| इसी बात पर अहमद व अल्ला रक्खा ने गाली-गलौज कर यासमीन के साथ बदसलूकी की|

यासमीन को जरदोजी कारीगरों ने बचाया| आज सुबह ६ बजे यासमीन नमाज के लिए हैण्ड पम्प से पानी लेने गई तभी वहां अहमद उसके बेटे अल्ला रक्खा, पत्नी मुख्तरी व पुत्री रेशमा ने मार पीटकर घायल कर दिया| पुलिस ने हमलावरों के विरुद्ध सूचना दर्ज कर ली|

दुर्घटना में मौलवी सहित तीन घायल

फर्रुखाबाद: मार्ग दुर्घटना में दो मौलवी सहित तीनों घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

थाना अमृतपुर पुलिस ने थाना कमालगंज के ग्राम ईशापुर निवासी मौलाना आफताब व मौलाना जैनुल आबदीन तथा पड़ोसी जिला शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर के ग्राम उदयपुर निवासी भोडा निवासी कलीमुद्दीन के १६ वर्षीय पुत्र फरेयूद्दीन को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया|

पुलिस को तीनों घायल कुठला ताल के निकट घायल पड़े मिले| मौलाना जैनुल अपनी बाइक पर मौलाना आफताब व फरेयूद्दीन को बिठाकर आज सुबह गाँव ईशापुर जा रहे थे| जब वह कुठला ताल के निकट से गुजर रहे थे तभी ट्रैक्टर चालक ने जोरदार टक्कर मार दी| आफताब मोकुलपुर में तथा जैनुल उदयपुर भूडा के मदरसे में बच्चों को पढ़ाते है|

दुर्घटना में जैनुल के कूल्हे व पैर की हड्डी टूट गयी खून बंद न होने से उनकी हालत गंभीर हो गयी| उन्हें रिफर कराकर अस्पताल ले जाया गया| अमृतपुर थाने के एसो बाईपी शर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त बाइक, ट्रैक्टर सहित चालक कब्जे में है|

चौकी के निकट फायरिंग में 10 विरोधी फंसे, दूसरे पक्ष की FIR

फर्रुखाबाद:1 march|| शहर कोतवाली पुलिस बीते दिन घटियाघाट पुलिस चौकी के निकट ही दिन दहाड़े फायरिंग करने वाले लोगों पर मेहरवान हो गई| पुलिस ने आज सुलतान की ओर से १० विरोधियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली|

रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए हमलावरों ने मुंह माँगी रुपये देकर पुलिस को संतुष्ट किया| मोहल्ला खाताक्पुरा सिद्दीकी निवासी मुल्तान ने मुकद्दमे की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आज दोपहर कार्यवाहक के इंस्पेक्टर श्री शुक्ला को तहरीर दी| श्री शुक्ला ने मुंशी को तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया|

मुल्तान ने बताया कि उनको सोता बहादुरपुर के शकील ने सुलतान की तहरीर दी थी| तहरीर पर सुलतान का अंगूठा लगा था लेकिन तहरीर में लेखक का नाम नहीं लिखा था और न ही तहरीर में सुलतान में रिपोर्ट दर्ज किये जाने की मांग की थी|

तहरीर के मुताबिक़ भगुआ नगला नयी बस्ती के लियाकत एवं उनके भाई नूर हसन, लियाकत के पुत्रों अमीर हसन व जहीर, शमसाद तथा मुस्ताक, इस्तियाक, नन्हे, अवरार व नसरुद्दीन को आरोपी बनाया गया|

अभियुक्तों पर पंचायत घर के सामने गाली गलौज करते हुए लाठी, डंडों व असलहों से मारपीट व जान से मारने के लिए फायरिंग करने का आरोप लगाया गया| हमले में लोगों को घायल दर्शाया गया लेकिन किसी एक के भी नाम का खुलासा नहीं किया गया| तहरीर के मुताबिक़ सुलतान जान बचाकर भाग निकला और कोतवाली पहुंचा|

बीते दिन नूर हसन ने हमलावर १० ग्रामीणों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था|

बम बिस्फोट के केस में पुलिस ने नौकर को बनाया गवाह

फर्रुखाबाद:1March|| शहर कोतवाली पुलिस ने बम बिस्फोट के केस में नौकर अजय सिंह ठाकुर को गवाह बनाकर फैक्ट्री मालिक व उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया| जबकि बिस्फोट में घायल सुमित अग्रवाल को उपचार के लिए आगरा ले जाया गया|

कादरीगेट चौकी के दरोगा अनेक सिंह ने मोहल्ला घमंडी कूंचा निवासी गोपाल नरायन अग्रवाल व उनके बेटे शरद व सुमित के विरुद्ध बिस्फोटक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई| रिपोर्ट के मुताबिक़ बिस्फोट के बाद गोपाल व शरद को मौके से ही पकड़ा गया| जिन्होंने स्वीकार किया कि वह बिस्फोटक सामिग्री गंधक पोटास से बम बना रहे थे| घायल सुमित ने पुलिस को बताया कि वह बिस्फोट से घायल हुए हैं| पुलिस को बिस्फोटक सामिग्री के स्टाक एवं बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया|

गंगा नगर कालोनी निवासी मजदूर अजय सिंह ने बताया कि वह धान मिल में १२० रुपये प्रतिदिन पर मजदूरी करता है| जब बिस्फोट हुआ था तब वह हाँथ-पैर धोने चला गया था| किसी धातु का टुकड़ा कान में लगने से खून निकला| शरद ने बताया कि बिस्फोटक सामिग्री बेंचने के लाएसेंस के नवीनीकरण के लिए कोतवाली से रिपोर्ट लगवाई थी| कोतवाली के पैरोकार ने रिपोर्ट को गायब कर दिया था| उसके बाद पंचायत चुनाव आदि के कार्यक्रम होने के कारण वर्ष २००९ में लाएसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका|

कार्यवाहन इंस्पेक्टर श्री शुक्ला एसएस आई ने बताया कि गोपाल नरायन व शरद को गिरफ्तार कर लिया गया है| उन्होंने स्वीकार किया कि नौकर अजय को मुकद्दमे का गवाह बनाया गया है| फायर सर्विस आफीसर आरके बाजपेयी ने जांच-पड़ताल करने के बाद बताया कि गोदाम में ३२ बोरी गंधक व १ बोरी पोटास मिली है| एक बोरी का बजन ५० किलो है|

आग से झुलसी महिला की मौत, 2 और झुलसे

फर्रुखाबाद:1March||  आग से झुलसी नव विवाहिता अंजुम बानों की बीती रात लोहिया अस्पताल में मौत हो गई|

अंजुम थाना व कस्बा हरपालपुर निवासी छुट्टन की २५ वर्षीय पत्नी थी| उसका ९ माह पूर्व ही सलमान के साथ निकाह हुआ था| सलमान थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला नौलक्खा में सफी के यहाँ किराए पर रहकर जरदोजी का कार्य करता था|

९ फरवरी को जलती कुप्पी गिर जाने से अंजुम बुरी तरह झुलस गई थी| ससुर नवाव हुसैन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था| पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया|

* कमालगंज निवासी गंगाराम दिवाकर का २५ वर्षीय पुत्र अमरसिंह संदिग्ध परिस्थितियों में बुरी तरह आग से झुलस गया| बताया गया कि जलती कुप्पी उसके ऊपर गिर पडी|

थाना नया गाँव के ग्राम सुर्खीपुर निवासी विजयपाल सिंह की गंभीर रूप से झुलसी २८ वर्षीय पत्नी तारावती को प्राईवेट अस्पताल से रिफर कराकर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया| तारावती १४ जनवरी को झुलस गई थी|

सौतेले बच्चों को जहर देकर नई नवेली दुल्हन जेवरात, नगदी लेकर फरार

बिजनौर।। उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के नांगल सोती गांव में एक नई नवेली दुल्हन अपने तीन सौतेले बच्चों को जहर खिलाने के बाद घर में रखी नकदी और जेवरात लेकर भाग गई।

पुलिस ने आज बताया कि नांगल सोती गांव में रहने वाले अनिल जोशी की पहली पत्नी की तीन साल पहले मृत्यु हो गई थी। पहली पत्नी से उसके 5 बच्चे थे। बच्चों की देखभाल और घर के रखरखाव के लिए जोशी ने काशीपुर की निवासी एक महिला से शादी की थी।

सूत्रों ने बताया कि गत 26 फरवरी को वह नवविवाहिता विदा होकर जोशी के घर आई थी। अगले दिन जोशी अपने दो बेटों के साथ किसी काम के सिलसिले में बाहर गया था।

उन्होंने बताया कि जोशी के जाने के बाद उसकी पत्नी ने खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर घर में मौजूद तीन बच्चों को खिला दिया जिससे वे बेहोश हो गए। मौका देखकर महिला घर में रखी नकदी और जेवरात लेकर भाग गई। पड़ोसियों ने बेहोश बच्चों को नजीबाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कर उस महिला की तलाश शुरू कर दी है।

गोधरा कांड में अदालती फैसला: 11 को मौत, 20 को उम्र कैद की सजा

गोधरा कांड में दोषी ठहराए गए 11 आरोपियों को विशेष अदालत ने मौत की सजा और 20 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साल 2002 की इस घटना में 59 कारसेवकों के मारे जाने के बाद गुजरात में फैले दंगों में 1,200 से भी ज्यादा लोग मारे गए थे।

विशेष न्यायाधीश पीआर पटेल ने इस मामले को दुर्लभ में भी दुर्लभतम की श्रेणी में रखते हुए 11 दोषियों को मौत की सजा सुनाई, जबकि दोषी ठहराए गए 20 अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई।

लोक अभियोजक जेएम पंचाल ने कहा कि गोधरा के पास साबरमती एक्सप्रेस के एस6 कोच में आग लगाने की साजिश में उनकी सक्रिय भूमिका देखते हुए अदालत ने 11 लोगों को मौत की सजा दी है।

अदालत ने उम्रकैद की सजा पाने वाले दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है, जो उनकी कैद के साथ—साथ चलेगा। अभियोजन पक्ष का कहना था कि यह बहुत जघन्य अपराध था और इसलिए सभी 31 दोषियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए।

इसके पहले 22 फरवरी को अदालत ने 31 लोगों को इस मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस बात को स्वीकार किया था कि इस घटना के पीछे एक साजिश थी। अदालत ने 31 आरोपियों को धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था।

इन सभी को धारा 147, 148 (घातक हथियारों के साथ हमला करना), 323, 324, 325 और 326 (नुकसान पहुंचाना), और 153ए (धार्मिक आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाना) के अलावा भारतीय रेलवे अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निरोधक अधिनियम और बंबई पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया था। अदालत ने इस मामले में 63 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

इससे पहले गोधरा नरसंहार मामले के 31 दोषियों को सजा सुनाए जाने के बारे में विशेष अदालत ने शुक्रवार को फैसला एक मार्च तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने दोषियों को प्राणदंड देने का आग्रह किया।

न्यायाधीश आरआर पटेल ने सजा को लेकर साबरमती जेल में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला मंगलवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने 22 फरवरी को इस मामले में 31 लोगों को दोषी करार दिया था और 63 अन्य को बरी कर दिया था। अपने फैसले में अदालत ने माना था कि 2002 में हुए गोधरा कांड के पीछे एक साजिश थी, जिसमें साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में 59 कारसेवकों को जिंदा जला दिया गया था।

गोधरा कांड के बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे हुए, जिनमें 1200 से अधिक लोग मारे गए थे। दंगों में मरने वालों में अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग थे। सरकारी वकील जेएम पांचाल ने अदालत से बाहर आकर कहा था कि हमने सभी 31 दोषियों को फांसी की सजा देने का आग्रह किया। हमने अपनी मांग के समर्थन में सबमिशन किया।

दूसरी तरफ बचाव पक्ष के वकील एडी शाह ने कहा था कि न्यायाधीश ने दोषियों को सुना। शाह ने कहा कि उन्होंने सजा में नरमी बरते जाने का आग्रह किया। नरसंहार के मामले में दोषी साबित इन लोगों को भादंसं की धाराओं 147, 148 (घातक हथियारों के साथ दंगा करने), 323, 324, 325, 326 (नुकसान पहुंचाने), 153ए (विभिन्न समूहों के बीच धार्मिक आधार पर वैमनस्य बढ़ाने) तथा भारतीय रेल अधिनियम और बंबई पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया।

अदालत ने अपने फैसले में यह स्वीकार किया कि कारसेवकों को लेकर अयोध्या से लौट रही साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 डिब्बे में आग का लगना कोई हादसा नहीं, बल्कि इसके पीछे एक साजिश थी। अदालत ने वैज्ञानिक सबूतों, पारिस्थितिजन्य और दस्तावेजी साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर अपने 850 से अधिक पृष्ठ के फैसले में घटना के पीछे षडयंत्र के सिद्धांत को स्वीकार किया।