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वाहवाही लूटने के लिए पुलिस ने गरीबों पर ढाया जुल्म

फर्रुखाबाद: वाहवाही लूटने के लिए शहर कोतवाली पुलिस ने बालू खनन के आरोप में चार बुग्गियों को कब्जे में लेकर एक ट्रक को सीज भी कर दिया है|

घटियाघाट नोनम गंज के व्यापारी ने जानवर बेंचने के लिए ट्रक मंगवाया| बीते दिन सायं ट्रक नंबर यूपी ८४ जे / ९०३५ में बुग्गियों से बालू डाली जा रही थी| पुलिस ने बालू खनन करने के आरोप में बुग्गियों को कब्जे में लेकर ट्रक को सीज कर दिया| चौकी कादरीगेट में खड़े ट्रक के ड्राईवर वेदराम ने बताया कि वह ट्रक से जानवर ले जाने के लिए आये थे| ट्रक में इसलिए बालू डाली गयी कि जानवरों के खुर खराब न हों|

ग्राम पंचायत सोता बहादुरपुर के प्रधान जमील खां ने बताया कि ट्रक में जानवरों के बचाव के लिए बालू डाली गयी थी| पुलिस ने बालू खनन का झूंठा आरोप लगाकर गरीब बुग्गी मालिकों पर अत्याचार किया है| इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि बालू खनन के आरोप में चार बुग्गियां व एक ट्रक कब्जे में लिया गया| ट्रक को सीज कर दिया गया है|

हाई टेंशन करेंट से छात्र की मौत होने पर मचा कोहराम

फर्रुखाबाद: हाई टेंशन लाइन लाइन के करेंट से छात्र दीपक वर्मा बुरी तरह झुलस कर मर गया| गुस्साए ग्रामीणों ने छिबरामऊ फर्रुखाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया|

दीपक थाना जहानगंज के ग्राम नगला दुर्ज निवासी नरेन्द्र सिंह लोधी का ११ वर्षीय पुत्र तथा जवाहरलाल प्रेमादेवी पब्लिक स्कूल में कक्षा २ का छात्र था| वह अपरान्ह ३ बजे गाँव के सामने मुख्यमार्ग से गुजर रहा था उसी समय हाई टेंशन लाइन के खम्भे में लगे सपोर्ट से छू जाने पर वह बुरी तरह झुलस कर मर गया|

ग्रामीण उसे बिजली के करेंट से तड़पते देखते रहे जब तक आपूर्ति बंद की गई तब तक उसकी मौत हो चुकी थी| खाल के साथ ही उसके कपड़े भी जल गए थे| गुस्साई ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रख दिया| परिवार एवं गाँव की महिलायें दीपक को देखकर बुरी तरह बिलखती रहीं|

बताया गया कि इन्शुलेटर न लगे होने के कारण खम्भे के सपोर्टर में करेंट आ रहा था| इन्सुलेटर न लगाए जाने के कारण ग्रामीणों में जबर्दस्त रोष व्याप्त था| ग्रामीण बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की जिद पर अड़े रहे|

रेलवे कर्मचारी का छात्र पुत्र निकला लुटेरा, पुलिस ने दबोचा

फर्रुखाबाद:4March||  शहर कोतवाली पुलिस ने नेहरू युवा केंद्र के कर्मचारी प्रशांत कुमार यादव की लूट के मामले में रेलवे कर्मचारी के छात्र पुत्र व उसके साथी को दबोच लिया है|

पुलिस ने बीती रात कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के रेलवे लोको कालोनी में छापा मारकर रेलवे गेटमैन नेत्रपाल गिहार के बेटे अमरपाल को पकड़ लिया| पुलिस ने उसकी निशादेही पर लकूला निवासी महेंद्र गिहार के बेटे हरेन्द्र को भी दबोच लिया| नेत्रपाल रेलवे स्टेशन कन्नौज क्षेत्र में गेटमैन हैं|

पुलिस ने दोनों युवकों से सख्ती से पूंछ-तांछ की तो अमरपाल ने बताया कि लूट की घटना में लकूला निवासी सागर गिहार भी सामिल था| अमरपाल ने बताया कि वह बिर्राबाग स्थित स्कूल कक्षा ७ में पढ़ता है| साथियों के पकडे जाने की भनक लगने पर सागर घर से भाग गया|

मालूम हो कि बीते दिन सायं आवास विकास कालोनी निवासी प्रशांत यादव साइकिल से घर जा रहा था| तभी लकूला में मारपीट कर मोबाइल, चैन व २५०० रुपये लूट लिए गए थे| जब पुलिस ने लूट की घटना में प्रयोग की गयी बाइक मालिक की जांच-पड़ताल की तब पता चला कि बाइक रेलवे कर्मचारी नेत्रपाल की है|

प्रशांत ने बताया कि बीते दिन सिम देने की बात की जा रही थी| आज मोबाइल फोन भी मिल जाने की पुलिस ने जानकारी दी है| चौकी प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने बताया कि नेत्रपाल ने अपनी बेटे को लूटपाट की घटना में लगा रखा है|

रीता बहुगुणा के घर आग लगाने के आरोपी बसपा विधायक सहित 2 गिरफ्तार

लखनऊ|| उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के घर दो साल पहले हुई आगजनी और तोड़फोड़ मामले की जांच कर रही सीबी-सीआईडी ने आरोपी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक विधायक सहित पार्टी के दो नेताओं को गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया। सीबी-सीआईडी ने फैजाबाद की बीकापुर सीट से बसपा विधायक जितेंद्र सिंह बबलू और उप्र संस्थान के अध्यक्ष एवं पार्टी नेता इंतजार आब्दी को गिरफ्तार किया।

राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने कहा कि इस मामले में सीबी-सीआईडी की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। सीबी-सीआईडी ने महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ आगजनी, तोड़फोड़ और बलवा करने के आरोप हैं।

रीता बहुगुणा द्वारा बसपा प्रमुख एवं मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी के बाद 15 जुलाई 2009 को लखनऊ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र स्थित उनके घर में तोड़फोड़ कर आगजनी की गई थी। इस मामले में बबलू और आब्दी सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। कांग्रेस पार्टी द्वारा पूरी घटना को राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित करार देने के बाद मायावती सरकार ने इस मामले की सीबी-सीआईडी जांच के आदेश दिए थे।

30 दिनों में प्रदेश के 72 जिलों का सीएम दौरा, गुड बैड में गुजरा

इन तीस दिनों में सुश्री मायावती ने राज्य के सभी 72 जिलों का दौरा किया और 81अंबेडकर गांवों, अस्सी मलिन बस्तियों, 86 अस्पतालों,148 तहसील और थानों का निरीक्षण किया। इसके अलावा कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत मकान भी देखे। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में लापरवाही और कमी पाये जाने पर तत्काल सुधार के निर्देश भी दिये। सुश्री मायावती ने अच्छे काम के लिए अधिकारियों को प्रशस्तिपत्र दिया तो लापरवाह और ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अधिकारियों को फटकार भी लगायी। उन्होंने कहा कि अधिकारी आज जनता की समस्या का निराकरण पूरी संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि गरीब, पिछड़ों और असहाय लोगों को ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़े।

उन्होंने कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत बने मकानों में पानी, बिजली, स्कूल, इलाज तथा राशन की दुकानों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये।

उत्तर प्रदेश सरकार की यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि देश के इतिहास में किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के हर जिले में पहुंचकर इतने बड़े पैमाने पर निरीक्षण करने का कोई उदाहरण नहीं है। सुश्री मायावती सुबह नौ बजे निकल कर देर रात लौटती रहीं और निरीक्षण के दौरान हर बिंदु का बारीकी और गहराई से निरीक्षण किया।

इस बीच विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के निरीक्षण के लिए किये गये दौरे को पैसे की बर्बादी बताया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने आज यहां कहा कि सुश्री मायावती के दौरे से जिलों में कर्फ्यू जैसी स्थिति रहती थी, जिसमें आम आदमी कहीं आ जा भी नहीं सकता था। उन्होंने दावा किया कि गांव और तहसीलों में हेलीपैड तथा सुरक्षा के नाम पर तीन सौ करोड़ रुपये खर्च किये गये।

सिंह ने कहा कि सुश्री मायावती इसे औचक निरीक्षण कह रही हैं, जबकि अधिकारियों को यह पहले से पता होता था कि उन्हें कहां जाना है। इसलिए वे उन्हें उसी जगह पर ले जाते थे जहां काम अच्छा हो रहा होता था।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने सवाल उठाया कि सुश्री मायावती के एक महीने के निरीक्षण का परिणाम क्या निकला। वे इसे पैसे की बर्बादी मानते हैं।

उन्होंने कहा कि बतायी गयी जगहों पर जाना और अधिकारियों का इसका पहले से पता होना टेलीविजन के रियलिटी शो कार्यक्रम की तरह है। सुरक्षा के नाम पर अधिकारियों ने महिलाओं को मुख्यमंत्री से मिलने से रोका।

राज्य के राजनीतिक इतिहास में अब तक ऐसा नहीं हुआ था कि मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा सुनाने वाली महिलाओं को रोका गया और सुरक्षा के नाम पर गिरफ्तार किया गया हो।

हँसने के विवाद में हसियें से माँ-बेटियों पर किये प्रहार

फर्रुखाबाद: युवती के भाग जाने पर हँसने को लेकर हुए विवाद में हंसिये से हमला करके माँ व उसकी दो बेटियों को घायल कर दिया गया|

थाना शमसाबाद के ग्राम परसादी की मडैया में सुबह करीब १० बजे हंसिये से हमला कर रामबरन लोधी की पत्नी रामप्यारी व २० वर्षीय पुत्री श्रीमती नेमा व १७ वर्षीय पुत्री कुमारी नीतू को घायल कर दिया गया|

घायलों को फैजबाग पीएचसी में भर्ती कराया गया| देर सायं रिफर कराकर लोहिया अस्पताल ले जाया गया| राम प्यारी ने बताया कि पड़ोसी शिवनंदन की पुत्री विनीता एक सप्ताह पूर्व एक रात गायब रही|

सुबह मेरी बेटी जब हंस रही थी तो उन्होंने समझा कि यह लोग हमारी विनीता को लेकर हंस रहे हैं| इसी विवाद में शिव नंदन की पत्नी शिवरानी पुत्री विनीता मकरंद, महेश, शिव नंदन, शिवनाथ नाथ आदि ने लात-घूंसों से पिटाई की तथा मार डालने के लिए हंसिये से प्रहार किया|

फांसी लगाकर मरने का प्रयास

फर्रुखाबाद: थाना मेरापुर के ग्राम सिथौली निवासी ४५ वर्षीय राधेश्याम तेली ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया| हालत बिगड़ने पर उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

लंच के बाद शुरू हुई सफाई कर्मियों की भूख हड़ताल डिनर से पहले समाप्त हो गयी

फर्रुखाबाद: आधा दर्जन से ज्यादा मांगो को लेकर विकास भवन के प्रांगन में भूख हड़ताल पर बैठे जिले के सफाई कर्मियों की हड़ताल कुछ घंटो के बाद ही संघ में फूट के चलते धडाम हो गयी| सुबह से दोपहर तक प्रांगन में हो हल्ला काटने के बाद सफाई कर्मियों के एक धड़े को मुख्य विकास अधिकारी ने जनवरी के वेतन के लिए सरकार को लिखने के आश्वासन के साथ ही हड़ताल समाप्त करने के लिए राजी कर लिया| सुबह नास्ता पानी और भरपेट भोजन के बाद शुरू हड़ताल अगली भूख लगने से पहले ही समाप्त हो गयी|

हड़ताल की अगुआई कर उत्तर प्रदेश पंचायत सफाई कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष अरविन्द सिंह ने जेएनआई को बताया कि सरकार समय से वेतन नहीं देती जिससे परिवारों के भरण पोषण में परेशानी होती है| अगर सरकार समय से पेट नहीं भर सकती तो नौकरी ही क्यूँ देती है| जरा जरा सी बात पर सफाई कर्मियों को निलम्बन और दूसरी कारवाही हो जाती है जबकि प्रधान और ग्राम सचिव तो झाड़ू पंजा का पैसा तक खा जाते है और जिला पंचायत राज अधिकारी उनके खिलाफ कारवाही नहीं करते| लगातार सफाई कर्मियों का उत्पीडन हो रहा है इसे बर्दास्त नहीं किया जायेगा अबकी बार लडाई आर पार की है| जिला पंचायत राज अधिकारी ने गैर आबाद ग्रामो में भी सफाई कर्मिओं की तैनाती कर रखी है वे सफाई कर्मी इन अधिकारिओं के घरो पर काम करते है या फिर काम पर न जाने के एवज में इनके काले धन में इजाफा करते है| वहीँ पंचायत राज अधिकारी कार्यालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है|
मगर शाम होते ही आर पार की लड़ाई समाप्त होने की खबर विकास भवन के गलियारों से आई है|
सफाई कर्मियों ने कुल नौ मांगे रखी थी|

नेहरू युवा केंद्र के कर्मचारी की पिटाई कर रुपये चैन व मोबाइल लूटा

फर्रुखाबाद: नेहरू युवा केंद्र के कर्मचारी प्रशांत कुमार यादव की पिटाई कर उनकी जंजीर, मोबाइल व २५०० रुपये लूट लिए गए| पीछा किये जाने पर लुटेरे बाइक छोड़कर भाग गए|

आवास विकास कालोनी सेक्टर ५ में विजय कुमार जाटव के मकान में किराए पर रहने वाले प्रशांत कुमार यादव कादरीगेट में सब्जी खरीदकर सायं ७ बजे साइकिल से घर जा रहे थे| रास्ते में लकूला मार्ग पर खड़े बाइक सवारों ने प्रशांत की पिटाई की और सभी सामान लूट ले गए| प्रशांत ने बाइक का नंबर नोट कर लिया था|

उनके मित्र बिट्टू आदि ने लुटेरों को तलाश किया तो बाइक सवार युवक दिख गए पीछा करने पर लुटेरे प्लेटिना बाइक नंबर यूपी ७६ एल/ ६१७१ छोड़कर भाग गए| जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि बाइक नेत्रपाल गिहार की है| जिसके बेटे ने दोस्त की मदद से लूट की घटना को अंजाम दिया| दरोगा अनेक सिंह ने जब नेत्रपाल पर दवाव बनाया तो उन्होंने वादा किया कि सुबह तक लूटा हुआ सामान वापस कर देगें| प्रशांत थाना नवावगंज के ग्राम दुर्गा नगला का मूल निवासी है|

खूब लड़े व्यापारी, पकडे जाने पर कर लिया राजीनामा

फर्रुखाबाद: रुपये बसूलने को लेकर दो दुकानदारों में जमकर मारपीट होकर दुकान में तोड़-फोड़ भी की गयी| सोने की चैन लूटने का आरोप लगने पर दुकान ने सुलह कर ली|

कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला अपर दुर्गा कालोनी निवासी सुशील गुप्ता की भोलेपुर में मिठाई की दुकान है| नगर फर्रुखाबाद के मोहल्ला खड़ियायी निवासी नीरज मिश्रा अपने घी के बकाया रुपयों का तगादा करने दुकान पर पहुंचे तो सुशील ने कहा कि मै तुम्हारे मुनीम नीरज गुप्ता को रुपयों का भुगतान दे चुका हूँ जबकि सुशील घी के ३५ हजार रुपये बकाया बताकर भुगतान लेने के लिए अड़ गए| इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुयी|

इस दौरान दुकान का सामान भी तोड़ा गया| सुशील व उनके परिजनों ने नीरज को पकड़कर चौकी पुलिस के हवाले कर दिया| चौकी प्रभारी ने जब जांच-पड़ताल की तो नीरज ने सोने की चैन व ५५०० रुपये लूट लिए जाने की आरोप लगाया| जबकि सुशील ने दबंगई से जबरन रुपये बसूलने की शिकायत की| बंद होने की नौवत आने पर दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया

गायब रहने वाले शिक्षक और शिक्षा मित्रों पर डीएम का पहला चाबुक

फर्रुखाबाद: जिले में आदतन स्कूल से गायब रहने और हाजिरी रजिस्टर पर मनमाने तरीके से हाजिरी भर वेतन आहरित करना शिक्षा मित्रो और शिक्षको को अब महगा पड़ जायेगा| शिक्षक और शिक्षा मित्र अब एक ही हाजिरी रजिस्टर पर स्कूल में उपस्थिति दर्ज करेंगे| जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को तत्काल ये आदेश लागू करने का फरमान सुना दिया है|

तैनाती के एक सप्ताह के भीतर ही जिलाधिकारी के कानो में बड़े बड़े नेताओ तथा अधिकारिओं की पत्निओं एवं रिश्तेदार शिक्षक और शिक्षा मित्रों के गायब रहने की बात पहुच गयी है| ज्ञात हो कि जिले में विधायक तथा पूर्व विधायक की पत्नी बेटे और रिश्तेदार शिक्षक तक स्कूल जाना अपनी शान के खिलाफ समझते है मगर वेतन इन्हें हर हाल में समय से चाहिए| यही नहीं कई शिक्षक प्रदेश में बड़े मंत्रियो और नेताओ सहित आला अधिकारिओ के सम्बन्ध भी इस्तेमाल कर स्कूल जाना पसनद नहीं करते और नौनिहालों के भविष्य के साथ जमकर खिलवाड़ कर रहे है|

इस खेल में सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारिओ की भी मिलीभगत रहती है| दूरदराज ग्रामीण अंचलों में तैनाती करवाकर बिना स्कूल गए शिक्षको से आधा वेतन रिश्वत के रूप में इन सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारिओ की जेब में पहुचता है| जिले में लगभग एक सैकड़ा से अधिक शिक्षक शिक्षा की अर्थी निकल रहे है| ज्यादातर शिक्षक फर्रुखाबाद से बाहर के जनपदों के निवासी है| मगर जिलाधिकारी सेम्फेल के नए दूरदर्शी आदेश के बाद इन पर शिकंजा कसना आसन हो जायेगा| अभी तक हाल ये है कि हर गायब शिक्षक का हाजिरी रजिस्टर उसके पास रहता है और गायब शिक्षा मित्र का उसके पास| दो चोर टाइप शिक्षक अपना अपना हाजिरी रजिस्टर बगल में दबाये घूमते है और इन्हें दस्ताबेजो में गायब पकड़ना मुश्किल या यूं कहें नामुमकिन रहता है|