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सेंट्रल जेल में सपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूका

फर्रुखाबाद: “इससे पहले भी जो गद्दी नशीं था, उसे भी खुदा होने का उतना ही यकीं था” ये शेर सपा कार्यकर्ताओ के मुख मंडल से उस वक़्त निकला जब वो सुबह सुबह मुख्यमंत्री मायावती का पुतला फूक सेंट्रल जेल में ही सभा कर रहे थे| फतेहगढ़ की सेंट्रेल जेल में 3 दिन से सपा कार्यकर्ता गुरूवार को अपनी रिहाई का इन्तजार कर रहे थे| सुबह सुबह ही उत्साही कार्यकर्ताओ ने जेल में मायावती का पुतला फूक डाला| जेल कर्मियों के बिना प्रतिरोध के पुतले को लगभग आधा घंटे सामने रख सपाइयों ने भड़ास निकाली उसके बाद इत्मिनान से पुतला फूका| पूर्व विधायक जमालुदीन सिद्दकी, चन्नू यादव, मुन्ना यादव, तरीक सेठ, घनश्याम, जीतेन्द्र यादव और प्रदीप यादव ‘टीटू’ ने बसपा सरकार के खिलाफ बोलते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत आजादी के बाद सबसे दयनीय हो चुकी है और भ्रष्टाचार चरम पर है| सरकारी मशीनरी बसपा की एजेंट बन गयी है| गरीबो की सुनने वाला कोई नहीं है| सपा के आन्दोलन को मायावती ने कुचलने का प्रयास किया नो नाकाम रहा|

सभा के बाद जिला जेल और केंद्रीय कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठ गए| खबर है एक आईजी द्वारा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता को गिरा कर पीटने और उसका मुह जूतों से कुचलने के विरोध में पूरे प्रदेश में जेलों में बंद सपाइयों ने भूख हड़ताल कर दी है|

विश्व किडनी दिवस: …अपनी किडनी का रखें ख्याल

जयपुर||  नियमित उच्च रक्तचाप, खाने में अधिक पोटैशियम, प्रोटीन व कैल्शियम की मात्रा कम उम्र में किडनी को बीमार कर रही है। हर साल देश में 90 हजार लोगों को गुर्दा प्रत्यारोपण की जरुरत होती है, जिनमें से केवल दो प्रतिशत लोगों को ही गुर्दा मिल पाता है। चिकित्सक के अनुसार मोटापा व मधुमेह पर नियंत्रण व संतुलित आहार से गुर्दे को बचाया जा सकता है। जिसके लिए हर छह माह में खून व पेशाब की एक बार साधारण जांच करानी चाहिए।
एसएमएस अस्पताल के अक्षीक्षक डॉ.एल.सी.शर्मा ने बताया कि गुर्दे की बीमारी से पीडि़त 50 फीसदी व्यक्ति हार्ट डिजीज के शिकार हो जाते है।

हाइपरटेंशन, डायबिटिज, ब्लड में कोलेस्ट्राल सेवल का ज्यादा होना, तंबाकू का सेवन, मोटापा एवं लाइफस्टाइल की वजह से गुर्दे की बीमारी में हार्ट डिजीज का खतरा 50 गुना अधिक हो जाता है। देश में हर साल 40 फीसदी से अधिक लोगों में मधुमेह के कारण किडनी खराब की शिकायत है।

डोनर नहीं होने के कारण दो प्रतिशत लोग डायलिसिस पर रहते हुए ही मर जाते है। जिस व्.क्ति के दिल की बीमारी नहीं है, वे एक किडनी देकर दूसरे की जान को बचा सकते है। इससे दान देने वाला व्यक्ति एक किडनी के सहारे भी स्वस्थ जीवन जी सकता गहै।

फैक्ट फाइल: 90 हजार मरीजों को हर साल गुर्दा प्रत्यारोपण की जरुरत
1.5 लाख मरीज डायलिसिस पर
2 प्रतिशत डोनर के अभाव में मत के मुंह में चले जाते है।

मायावती की मुलायम को धमकी- सड़कों पर उतरे तो ऐसे ही पीटेंगे

लखनऊ|| उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को साफ शब्दों में चुनौती देते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति चाहे वो कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो अगर प्रदेश की कानून व्यवस्था तोड़ने की कोशिश करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा।

इसी बीच समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव को आज रिहा कर दिया गया, लेकिन जेल के आस पास जमा समाजवादी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। सांसद अखिलेश यादव को बुधवार को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे दिल्ली से लौटकर लखनऊ हवाई अड्डे पहुंचे थे।

गौरतलब है कि यूपी में इनदिनों समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शन पर उत्‍तर प्रदेश पुलिस का कहर बरप रहा है। कार्यकर्ताओं की पिटाई तो हो ही रही है, मुलायम के सगों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। लखनऊ जेल में बंद किए गए सपा कार्यकर्ताओं ने आज रिहाई के दौरान मायावती सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और हंगामा किया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर उनकी हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान मुलायम के भाई शिवपाल सिंह यादव सहित कई सपा नेताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई। इससे पहले बुधवार को मुलायम के बेटे अखिलेश यादव को पुलिस ने अमौसी हवाई अड्डे से घसीटते हुए गिरफ्तार कर लिया था। अखिलेश यादव जैसे ही दिल्ली से लखनऊ पहुंचे, अमौसी हवाई अड्डे के बाहर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने सुबह सवा नौ बजे के करीब उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वे दिल्ली से लखनऊ पहुंच कर अमौसी हवाई अड्डे से बाहर आ रहे थे। उन्‍होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक बार फिर सरकार के निर्देश पर जानबूझकर सपाइयों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के लाठीचार्ज में एक दर्जन कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी द्वारा मायावती सरकार के विरूद्ध आंदोलन ‘बसपा हटाओ, प्रदेश बचाओ’ चलाया जा रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों के विरोध में समाजवादी पार्टी गत सात मार्च से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी जन-आंदोलन चला रही है। अखिलेश यादव को आज इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करना था। प्रदर्शन में हिस्सा लेने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

सपा द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का आज तीसरा और आखिरी दिन है। इससे पहले पिछले दो दिनों में राज्य के विभिन्न इलाकों में सपा द्वारा किए प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। समाजवादी पार्टी अपने आंदोलन को और अधिक उग्र बनाने के लिए सरकारी कार्यालयों में भी ताला लगा रही है|

नकली जेवर देख मंडप से उठी दुल्हन, कराया दूल्हे को कैद

कानपुर|| चढ़ाव का जेवर नकली देख दुल्हन मंडप से उठ गई और शादी करने से इंकार कर दिया। जेवरों के नकली साबित होने पर लड़की वालों ने दूल्हे समेत पूरी बरात को बंधक बना लिया। मामले को सुलटाने पहुंची पुलिस से लड़की के परिजनों ने साफ शब्दों नें कह दिया की दहेज और शादी के खर्च की पूरी रकम वापस मिलने के बाद ही सब को आजाद किया जाएगा। ]
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शाहपुर मलाहा गांव के गोविंद लाला ने अपनी बेटी आरती (दोनों नाम काल्पनिक) का विवाह फर्रुखाबाद के खादर सराय निवासी मोहन लाल के पुत्र संतोष से तय की थी। लड़के वालों की मांग के अनुसार दान-दहेज की बात भी तय हो गयी। तय समय के अनुसार 7 मार्च की रात बरात लड़की के दरवाजे पहुंची। अगवानी के बाद खाने-पीने के साथ ही धूम-धाम से जयमाल भी हो गया। इसके बाद चढ़ावे की रस्म का काम शुरू हो गया। उसी दौरान दुल्हन बनी आरती को जेवरों के नकली होने का शक हो गया। आनन-फानन में रात में ही एक सुनार को बुला कर जेवर चेक कराया गया तो नकली निकला।

बस इतना पता चलते ही दुल्हन मंडप से उठ खड़ी हुयी और शादी से इंकार कर दिया। आरती का मन मिलते ही परिजनों ने हंगामा काटते हुए दूल्हे समेत सभी बरातियों को बंधक बना लिया और शादी का पूरा खर्च वह दहेज वापस करने के बाद ही छोड़ने की बात कही। बरातियों के बंधक बनाए जाने की जानकारी होते ही पुलिस फोर्स गांव पहुंच गया।

पुलिस ने अपने तरीके से मामला निपटाने की कोशिश की तो परिजन बिगड़ गए और साफ शब्दों में कह दिया कि सारी रकम मिलने के बाद ही बरातियों को छोड़ा जाएगा। जिसके बाद पुलिस ने गांव में पंचायत लगा कर लड़की शादी के लिए राजी करने का प्रयास किया। इस लड़की ने कहा कि वह शादी नहीं कर सकती। जो लोग शादी में नकली जेवर ला सकते हैं वह मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं। कोई रास्ता न देख पुलिस ने वर पक्ष से लड़की वालों को 75 हजार रुपए और दिया गया सारा जेवर वापस कराया। जिसके बाद बरातियों को गांव वालों ने आजाद कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि लड़की का जेवर नकली लाने पर शादी टूटी है। समझौता करा कर सभी बरातियों को वापस भेज दिया गया है।

छात्रा को लेकर गुरूजी फुर्र

गाजियाबाद|| ट्यूशन देने वाला एक टीचर अपनी ही एक स्टूडेंट को लेकर फरार हो गया है। टीचर की पत्नी का आरोप है कि उसका पति उस पर तलाक देने का दबाव बनाता था और परिवार के लोग दहेज के लिए भी कहते थे। अब टीचर की पत्नी अपने पति को वापस पाने के लिए डीएम ऑफिस के चक्कर काट रही है।

साहिबाबाद के शहीदनगर में रहने वाली उषा का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। उसका विवाह 26 जून 1999 को हुआ था। उनकी दो बेटियां प्रियांशु (8)और प्रशा (6) फीस न दिए जाने की वजह से स्कूल भी नहीं जा पा रही हैं। उषा के अनुसार उसका पति दिलशाद गार्डन में एनडीएमसी में टीचर है। वह पड़ोस में रहने वाली 17 वर्षीय प्रियंका (परिवर्तित नाम) को बारहवीं क्लास का ट्यूशन देता था। उषा ने आरोप लगाया है कि उसका पति और उसके परिवार के लोग उसे दहेज लाने के लिए परेशान करते थे। वह अक्सर कहते थे कि वह (उषा) उसे तलाक दे दे। जिससे वह दूसरा विवाह कर सके।

इधर अप्रैल-10 को अचानक उसका पति गायब हो गया। बाद में पता चला कि उसका पति जिस स्टूडेंट को पढ़ाता था उसे ही लेकर फरार हो गया है। तब से वह लगातार पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के पास चक्कर काट रही है परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कलेक्ट्रेट में अपने पिता के साथ डीएम से मिलने पहुंची उषा ने डीएम के न मिलने पर वहां अपना मांग पत्र दे दिया।

डीएम के पैतरे से फंस गए लल्लन जी चक्कर में

फर्रुखाबाद:  राशन वितरण, मध्यान्ह भोजन व छात्रवृत्ति आदि के वितरण में लल्लन छाप अधिकारियों की अनदेखी और क्रियान्वयन से जुड़े कर्मचारियों की मनमानी के चलते गरीबों और मासूमो के साथ हो रहे अन्याय से निबटने के लिए नवांगतुक और तेज तर्रार जिलाधिकारी रिग्जिन सेंफेल ने जांच के आदेश कर दिए हैं|  जिलाधिकारी के पैतरे से ये लल्लन छाप अधिकारी चक्कर में पड़ गए हैं| डीएम ने गड़बड़ी मिलने पर भुगतने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है| उल्लेखनीय है कि इन शिकायतों के सम्बन्ध में JNI ने बीते दिन लेख प्रकाशित किया था|

जिलाधिकारी रिग्जिन सेम्फेल ने बताया कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान और कलेक्ट्रेट में आने वाले फरियादियों में से अधिकाँश की शिकायतें राशन, मध्यान्ह भोजन और छात्रवृत्ति वितरण से सम्बंधित होती हैं| उन्होंने बताया कि इन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए ब्लाकवार जांच के आदेश कर दिए गए हैं| प्रथम चरण में जनपद के १३५ ग्रामों का जांच के लिए चयन किया गया है| जांच आख्या २४ घंटे के अन्दर तलब की गयी है| जांच के लिए ग्रामों की सूची विकास खण्ड स्तर पर सभी सहायक विकास अधिकारियों को सौंपी गयी है| जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर सम्बंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी|

श्री सेम्फेल ने बताया कि यह क्रम लगातार जारी रहेगा और सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाएगा| उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है| इसमें ढिलाई बरतने वालों को बक्सा नहीं जाएगा|

राशन माँगने पर कोटेदार ने प्रधान व ग्रामीणों को तमंचे से धमकाया

फर्रुखाबाद: ब्लाक शमसाबाद की ग्राम पंचायत तुर्कीपुर के प्रधान व ग्रामीणों को राशन माँगने पर कोटेदार ने तमंचा दिखाकर धमकाया|

आज सुबह अनेकों ग्रामीण कोटेदार रहीश खां से राशन लेने गए| कोटेदार ने बड़ा हुआ राशन देने से मना कर दिया| ग्रामीणों की शिकायत पर प्रधान दिलशाद अहमद खा उनके साथ कई ग्रामीण कोटेदार के यहाँ गए| उन्होंने कोटेदार से पूरा राशन देने को कहा| इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया|

प्रधान ने कोटेदार को दुकान खत्म कराने की धमकी दी तो कोटेदार ने तमंचे से प्रधान व ग्रामीणों को धमकाया| भयभीत प्रधान ने थाने पर कोटेदार की लिखित शिकायत की| प्रधान ने जनी को बताया कि कोटेदार बीपीएल कार्ड व अन्त्योदय धारकों को कम राशन दे रहा था|

कोटेदार उपभोक्ताओं को राशन के गेंहूं व चावल को तौल के देने के बजाय टीन के डिब्बे में भरकर देता है| जिससे उपभोक्ताओं को ३५ किलो के बजाय २९ किलो ही राशन मिलता है|

हत्यारे प्रधानपति, अधिवक्ता व जेई को 18 वर्ष बाद उम्रकैद

जिस चाचा की हत्या में सजा हुई उसकी रिपोर्ट लिखाने वाले दूसरे चाचा की भी हत्या का आरोप भी इन्ही में एक हत्यारे पर है, जिस पर फैसला अभी अदालत को करना है
फर्रुखाबाद: विकासखंड राजेपुर के ग्राम भरखा में खानदानी खूनी रंजिश का इतिहास काफी पुराना है। ग्राम सभा की भूमि पर खड़ी पतेल काटने जैसे मामूली विवाद में 18 वर्ष पूर्व हुई क्रास फायरिंग में दोनों ओर से एक-एक लाश उठी थी। तब से आज तक रंजिश की फसल लहलहा रही है। तत्कालीन ग्राम प्रधान योगेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में बुधवार को अपर जिलाजज के न्यायालय से आरोपी शशिप्रताप सिंह, आनंद प्रताप सिंह व अजय प्रताप सिंह को आजीवन काराबास की सजा सुनाई गयी। तीनों को जेल भेज दिया गया है|

कहानी काफी दुर्भाग्यपूर्ण और रोमांचक है। ग्राम भरखा के तत्कालीन प्रधान योगेंद प्रताप सिंह ने ग्राम सभा की भूमि पर खड़ी पतेल को काटने का विरोधा किया तो सगे सम्बंधियों में 18 वर्ष पूर्व तीन दिसंबर 1993 को विवाद फायरिंग तक पहुंच गया। योगेंद्र सिंह की गोली से राघवेंद्र पताप सिंह की मौत हो गयी, जबिक दूसरी ओर से हो रही फयरिंग में योगेंद्र सिंह की भी मौत हो गयी। योगेंद्र के भाई देवेंद्र प्रताप सिंह ने शशि प्रताप सिंह व उनके दो भाइयों आनंद प्रताप सिंह और अजय प्रताप सिंह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करायी, तो दूसरी ओर से देवेंद्र प्रताप व उनके भाई कौशलेंद्र प्रताप के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। इस दौरान योगेंद्र की हत्या के मुकदमें के वादी उनके भाई देवेंद्र प्रताप सिंह का भी मात्र 11 माह बाद ही 16 नवम्बर 1994 को जिलापंचायत परिसर में दिन दहाड़े मर्डर कर दिया गया। यह मुकदमा भी शशिप्रताप सिंह उर्फ गुडडू के नाम लिखा गया। यह मुकदमा देवेंद्र के भाई कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने लिखाया। संयोग देखिये कि कौशलेंद्र प्रताप सिंह का पांच वर्ष पूर्व एक दुर्घटना में देहांत हो गया। मगर इसके बावजूद योगेंद्र की हत्या के मामले मे शशिप्रताप सिंह और उनके दो सगे भाइयों को उम्र कैद की सजा हो गयी। इसे संयोग ही कहा जायेगा कि पूर्व प्रधान की हत्या के मुख्य आरोपी शशिप्रताप सिंह की पत्नी मृदुला इस समय ग्राम प्रधान हैं। उनके भाई आनंद प्रताप सिंह वकील है और तीसरे भाई अजय प्रताप सिंह अवर अभियंता बताये गये हैं। न्यायालय के आदेश पर तीनों को जेल भेज दिया गया है|

डीएम, एसपी के जेल से जाते ही फूँका गया सीएम का पुतला

फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने सेन्ट्रल जेल स्थित बागी सुधार गृह में जाकर वहाँ की व्यवस्था देखी जब वह जेल से बाहर चले गए तभी तरीक सेठ के समर्थकों ने बैनर की आड़ में पुतला फूंक दिया| उस समय वहाँ सीओ सिटी डीके सिसोदिया व सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर आदि अधिकारी मौजूद थे|

पुतला फूंकते समय सपा कार्यकर्ताओं ने जोर दार नारे भी लगाए|

कैमरे की नजर में पुतला फूंके जाने के नज़ारे…


रिश्वत मांगने पर अधिवक्ताओं का ARTO कार्यालय में हंगामा, अधिकारी पर थूका

फर्रुखाबाद: अधिवक्ता से रिश्वत मांगना सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को काफी महँगा पड़ा| गुस्साए अधिवक्ताओं ने अधिकारी को गाली-गलौज कर उसके ऊपर थूक दिया| भयभीत एआरटीओ ने दरबाजा बंद कर अपनी जान बचाई|

अधिवक्ता जितेन्द्र यादव अपनी बाइक का रजिस्ट्रेशन कराने आज सायं एआरटीओ कार्यालय पहुंचे| लिपिक मनोज ने उनसे २०० रुपये मांगे| तब जितेन्द्र ने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह अधिवक्ता हैं और उनका ही व्यक्तिगत मामला है| लिपिक ने उनकी एक न सुनी और उनके हाँथ को धक्का देकर बाहर निकाल दिया|

जितेन्द्र की शिकायत पर अनेकों अधिवक्ता एआरटीओ कार्यालय पहुंचे जिन्होंने बाबू को हड़काते हुए उसे खरी-खोटी सुनायी गुस्साए अधिवक्ताओं ने एआरटीओ आरसी अतरौलिया के कार्यालय के बाहर हंगामा मचाया| कर्मचारियों ने कार्यालय के गेट को अन्दर से बंद कर लिया था| इस दौरान किसी ने उनके ऊपर जाली के बाहर से थूक दिया|

सूचना मिलने पर कोतवाली फतेहगढ़ के इंस्पेक्टर व नवाबगंज, जहानगंज के एसओ वहां पहुंचे| पुलिस ने झगड़ा कराने के आरोप में एआरटीओ कार्यालय के दलाल अरविन्द अग्निहोत्री उर्फ़ लाफ्फू को हिराशत में ले लिया|

पुलिस को गुस्साए अधिवक्ताओं को शांत कराने में काफी मसक्कत करनी पड़ी| जिला बार एसोसिएशन के सचिव संजीव पारिया भी मौके पर पहुँच गए जिनके साथ अधिवक्ता मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे|