वाटर प्लांट संचालक की मनमानी से बूंद_बूंद पानी के लिए भटक रहे मरीज व तीमारदार

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फर्रुखाबाद: वैसे तो लोहिया अस्पताल आये दिन चर्चा में बना ही रहता है, कभी बाहर से दवाइयों को लेकर, कभी डाक्टरों की लापरवाही को लेकर, लेकिन जिलाधिकारी मुथु कुमार स्वामी के अथक प्रयासों के बावजूद भी लोहिया अस्पताल के अधिकारी अपने में किसी तरह का सुधार लाने की बजाय समस्या को लेकर आंखों पर पट्टी सी बांध लेते हैं। जहां धूप और तेज गर्मी में तापमान लगभग 45 डिग्री से ऊपर तक पहुंच जा रहा है।

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गर्मी की बजह से एक-एक बूंद पानी के लिए लोहिया अस्पताल में मरीज व तीमारदार भटक रहे हैं। लोहिया अस्पताल में आर ओ वाटर प्लांट जोकि पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्रा अंटू के द्वारा लगवाया गया था। जिसको 24 घंटे खोलने के निर्देश दिये गये थे। प्लांट के माध्यम से मरीजों को शुद्ध और ठंडा पानी उपलब्ध हो सके। लेकिन प्लांट संचालकों और लोहिया अस्पताल के अधिकारियों की लापवाही के चलते प्लांट मन मनमाने ढंग से खुलता व बंद किया जा रहा है।

तेज दोपहरी में जब मरीजों को दो बूंद पानी की आस होती है और वह अपने तीमारदार से पानी पिलाने की बात कहता है लेकिन तीमारदार घंटों लोहिया अस्पताल आपातकालीन चिकित्सालय के बाहर लगे सरकारी हैन्डपम्प का हत्था हिला हिलाकर पानी निकाल पाता है। वहीं दूसरी तरफ आरो पानी के प्लांट संचालक अपने मन मुताबिक प्लांट को खोलता व बंद करता है। जिससे मरीजों को खासी दिक्कत का सामना भीषण गर्मी में करना पड़ रहा है।

विदित हो कि पेय जल शुद्धीकरण संयत्र का निर्माण 26 जनवरी 2009 को पैक्सफेड संस्था के माध्यम से निर्माण कराया गया था। जिसका लोकार्पण पूर्व स्वास्थ्यमंत्री व फर्रुखाबाद के पूर्व विधायक अनंत मिश्रा के द्वारा किया गया था। प्लांट के संचालक मनमाने ढंग से खोलते व बंद करते हैं। दोपहर होते-होते प्लांट के गेट पर ताला लटक जाता है और तीमारदार ठंडे पानी के एक घूंट के लिए घंटों खराब हैन्डपम्प से पानी निकालने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

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