निजी अस्पतालों को सीएमओ ने फिर भेजे नोटिस

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फर्रुखाबाद: मुख्य चिकित्साधिकारी ने वित्त नियंत्रक के आदेश का हवाला देकर हास्पिटल संचालकों से उनके यहाँ कार्यरत चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की योग्यता का विवरण तलब किया है। बताते चलें कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। सीएमओ ऐसे आदेश पहले भी जारी कर चुके हैं पर किसी हास्पिटल वाले ने कोई सूचना नहीं दी।

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दरअसल यह बात सभी को मालूम है कि निजी चिकित्सालयों में अयोग्य लोग मरीजों को दवा बाँटने के साथ ही एक्स-रे और पैथेलोजी कि जांच भी कर रहे हैं। नियमानुसार हास्पिटल संचालकों को योग्यताधारी कर्मचारी ही रखने चाहिए। लेकिन कम वेतन के लालच में अयोग्य कर्मचारी रख कर काम चला रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सब कुछ जानते हुए भी इस तरह कि अनियमताओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। केवल नोटिस देकर काम ख़त्म कर दिया। पूर्व सीएमओ डा। पोरवाल ने तो अस्पताल में मानक जांचने के लिए एक कमेटी भी बना दी थी। जिसका आईएमऐ ने विरोध किया था और मानक दुरुस्त करने के लिए समय माँगा था। लेकिन बाद में कार्यवाही कि शुरूआत ही नहीं की गयी।

सीएमओ डा। कमलेश कुमार ने एक बार फिर हास्पिटल संचालकों को नोटिस भेजे हैं। देखना है कि इन नोटिसों का क्या हश्र होता है।

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