लखनऊ: शासन ने पूर्व आदेश को बदलते हुए स्पष्ट कर दिया है कि ओवरलोड वाहनों के मालिकों पर अब एफआईआर दर्ज नहीं होगी। मायावती सरकार के इस फैसले से ट्रांसपोर्टरों को काफी राहत मिली है। मगर तय लोड से ज्यादा माल पर चालान शुल्क वसूला जाएगा। इससे दिल्ली-हरियाणा और राजस्थान से आने वाले वाहनों को अतिरिक्त माल उतारने के बाद ही आगे जाने की अनुमति मिलेगी।
[adrotate banner="3"]
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजन शुक्ला ने बताया कि ओवरलोड वाहनों का संचालन रोकने के लिए ‘प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी ऐक्ट’ के तहत कार्रवाई होगी। शासन के नए निर्णय के तहत अब ओवरलोड पाए जाने वाले वाहनों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने का फैसला किया गया है, लेकिन उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तो की ही जाएगी।
[adrotate banner="2"]

