फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने, मानव दिवस सृजन और मजदूरी भुगतान समेत योजना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विकासखंडवार समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों और लेखाकारों को निर्देश दिए कि योजना के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान निर्धारित 15 दिवस की समयसीमा के भीतर प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।डीएम ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की मांग के अनुसार पर्याप्त संख्या में कार्य संचालित कराने के निर्देश दिए, ताकि अकुशल और कुशल श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिलते रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ग्राम पंचायत में शून्य मानव दिवस की स्थिति नहीं रहनी चाहिए।चकमार्गों पर कब्जा मिलने पर तत्काल कार्रवाईसमीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विकासखंडों को लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों के आवागमन के लिए चकमार्गों का नियमानुसार निर्माण कराने के निर्देश दिए। चकमार्गों पर कब्जे की समस्या सामने आने पर संबंधित तहसील प्रशासन से समन्वय कर भूमि को कब्जामुक्त कराने और उसके बाद कार्य शुरू कराने को कहा।डीएम ने विकासखंडवार खेल मैदानों का चयन कर जल्द कार्ययोजना तैयार करने तथा निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सिंचाई नाली और गूल की सफाई, वर्मी कंपोस्ट सहित ग्रामीण क्षेत्र में उपयोगी अन्य कार्यों को भी योजना में शामिल करने को कहा।खराब प्रगति पर एक सप्ताह में सुधार के निर्देशमुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि योजना के जिन बिंदुओं पर प्रगति संतोषजनक नहीं है, उनमें एक सप्ताह के भीतर ठोस सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों के भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होने देने तथा जनपद स्तर से योजना की प्रतिदिन निगरानी करने के निर्देश दिए।जिला विकास अधिकारी और उपायुक्त श्रम रोजगार ने भी विकासखंड स्तर पर प्राथमिकता वाले कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा। ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायकों के साथ नियमित समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार, सभी खंड विकास अधिकारी रहे।
रोजगार योजना की समीक्षा में डीएम ने दिए सख्त निर्देश, 15 दिन में मजदूरी भुगतान पर जोर
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