निर्माण कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, चेतावनी के बाद भी सुधार न करने वाली संस्थाओं पर होगी कार्यवाही

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिले में 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं के पूर्ण होने की निर्धारित समयसीमा और कार्यों में आ रही समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनकी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभागों को जल्द हस्तांतरित किया जाए, ताकि तैयार परियोजनाओं का लाभ आम लोगों को मिल सके। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की नियमित जांच कराने तथा इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री के मानकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं तो कार्रवाईसमीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन कार्यदायी संस्थाओं को पहले चेतावनी दी जा चुकी है और इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में सुधार नहीं आया है, उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर पत्राचार की प्रक्रिया पूरी की जाए। बैठक में अधिशासी अभियंता नलकूप खंड के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।मौधा के उत्सव भवन की खराब प्रगति पर सख्तीविकासखंड मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत मौधा में लक्षित उत्सव भवन के निर्माण की खराब प्रगति का मामला भी समीक्षा में सामने आया। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से निर्माणाधीन परियोजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और मौके पर कार्य की वास्तविक प्रगति की निगरानी करने को कहा।डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाकर निर्धारित समय में निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित निर्माण मानकों और गुणवत्ता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी वीरेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर रहे।

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