चिकित्साधिकारी का स्थानांतरण निरस्त कराने की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय घेरा

0
33

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शहर के लिंजीगंज स्थित सिविल चिकित्सालय के अधीक्षक ने अपने स्थानांतरण को नियम विरुद्ध बताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय संगठन के पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर पत्र सौंपा और स्थानांतरण निरस्त किए जाने की मांग की। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद दीक्षित की मौजूदगी में दिये गये पत्र में अधीक्षक ने बताया कि 27 अगस्त 2026 को उनका स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 अगस्त को चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान उनके कक्ष में आकर अभद्रता की गई तथा कर्मचारियों से अवैध वसूली के आरोप लगाए गए। विरोध करने पर जातिसूचक भाषा का प्रयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इससे वह मानसिक रूप से आहत और परेशान हैं। अधीक्षक ने पत्र में यह भी कहा कि वह करीब 20 वर्षों से विभिन्न जनपदों में राजकीय सेवाएं प्रदान कर रहे हैं तथा पिछले चार वर्षों से लिंजीगंज सिविल चिकित्सालय में अधीक्षक पद पर पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं। पूर्व में तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा उनके कार्य के प्रति उत्साहवर्धन भी किया गया था, लेकिन वर्तमान में उन्हें मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया।उन्होंने आशंका जताई कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। पत्र में 31 अगस्त को समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए अधीक्षक को डॉ. आरसी मिश्र बनाए जाने का उल्लेख करते हुए आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है।अधीक्षक ने सीएमओ से सम्मान सहित स्थानांतरण निरस्त कर लिंजीगंज सिविल चिकित्सालय में ही कार्य करने के लिए आदेशित करने का अनुरोध किया है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, स्वास्थ्य महानिदेशक समेत अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है। इस दौरान फार्मासिस्ट मनोज कुमार बाथम ,,जिलाध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ जनपद फर्रुखाबाद अंकित दीक्षित, विजेंद्र फार्मासिस्ट , परितोष अवस्थी फार्मासिस्ट गुलाब, सोनू ,हरिओम संजय कुमार डा.आकांक्षा नैना श्रीवास्तव, निधि मिश्रा, अनामिका चरन, सोनी, लता, पिंकी, रीना एवं समस्त स्टाफ लिंजिगंज रहा |

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]