बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन सतर्क, 12 गांव प्रभावित, राहत एवं बचाव कार्य जारी

0
41

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में गंगा और रामगंगा नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे पांचालघाट स्थित लोहिया सेतु पर गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 137.10 मीटर निर्धारित है। नरौरा बैराज से लगभग 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, रामगंगा नदी में ब्रह्मदत्त द्विवेदी सेतु पर जलस्तर का मापन नहीं हो सका, जबकि बैराज से 1,560 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।प्रशासन के अनुसार जनपद की तीन तहसीलों के 12 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 17 नावों और एक मोटर बोट को लगाया गया है। प्रशासन का दावा है कि अब तक किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं हुआ है और जनहानि, पशुहानि या फसल क्षति की कोई सूचना नहीं मिली है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक एनडीआरएफ और एक पीएसी टीम को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 46 ओआरएस के पैकेट और 159 क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया गया है। इसके अलावा 112 लोगों का उपचार भी किया गया है।सदर तहसील के कटरी भीमपुर, कटरी धर्मपुर और कटरी शिकारपुर, कायमगंज तहसील के कमथरी, समाचीपुर चितार और सौदपुर पिस्तौर तथा अमृतपुर तहसील के करनपुर, कोडरी सारंगपुर, आसमपुर, रतनपुर रम्हौआ, मड़ैया तौफीक और तीराराम की मड़ैया (चाचूपुर) को बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची में शामिल किया गया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करें और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करें। साथ ही, बाढ़ प्रभावित गांवों में टॉर्च और रस्सियों की व्यवस्था करने, कांवड़ यात्रा मार्ग पर एम्बुलेंस और चिकित्सा शिविर स्थापित करने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने, नदी किनारे न जाने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]