नामांकन लक्ष्य में पिछड़ने पर डीएम सख्त, बीईओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्कूल चलो अभियान, नामांकन की प्रगति, समावेशी शिक्षा और विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही पर नाराजगी जताई और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि स्कूल चलो अभियान के तहत निर्धारित 35,800 नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक केवल 25,421 बच्चों का नामांकन हो सका है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने के निर्देश जारी किए।
डीएम ने ऐसे विद्यालयों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, जहां 10 से कम विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। साथ ही ऐसे विद्यालयों की स्थिति के लिए जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
समावेशी शिक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पेशल एजुकेटर द्वारा मई माह में दिव्यांग बच्चों के घर-घर किए गए भ्रमण की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर लगाकर फैमिली आईडी बनवाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर दिव्यांग बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रहे।