डॉ. बने भगवान, मरीज के पेट से निकाली एक फुट लंबी स्टील की प्लेट

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फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) डॉक्टर को धरती पर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। भगवान ने तो हमें एक बार जीवन दिया है, लेकिन वह डॉक्टर ही है जो भगवान के दिए इस जीवन पर संकट आने की स्थिति में हमारे जीवन की रक्षा करता है। दुनिया में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां डॉक्टरों ने भगवान बन काम किया है और कठिन ऑपरेशन के बाद मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुके लोगों की जान बचाई है। ताजा वाकया लोहिया अस्पताल का है जंहा सिलेंडर फटने से महिला के पेट में धंसी प्लेट को निकाल कर मरणासन्न महिला को नया जीवन दिया|
दरअसल 20 वर्षीय छोटी बिटिया के घर खाना बनाते हुए सिलेंडर फटने से स्टील की प्लेट पेट में घुस गयी थी| महिला की आँख में भी कुछ हिस्सा घुस गया था| जिससे आनन-फानन में लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया| महिला की हालत हायरसेंटर रिफर करनें की थी| परिजन उसे हायर सेंटर ले जानें के लिए राजी नही थे और निजी अस्पताल का खर्च उठानें की समर्थ नही थी, लिहाजा लोहिया अस्पताल के सर्जन डा. मेजर रोहित तिवारी नें महिला की जान बचानें का फैसल किया| डा. रोहित तिवारी व डा. आकांक्षा तिवारी ने महिला का सफलता पूर्वक आपरेशन किया| जिससे महिला की जान बच गयी| चिकित्सक रोहित तिवारी नें महिला को रामचरित मानस भेट की|
मेजर डा. रोहित तिवारी नें जेएनआई न्यूज को बताया कि आपरेशन के बाद महिला पूरी तरह स्वास्थ्य है| इस तरह के मामलो में महिला को मेडिकल कालेज या बड़े अस्पतालों में रिफर किया जाता है| लेकिन महिला मरीज छोटी बिटिया का लोहिया अस्पताल में ही सफल आपरेशन किया गया|

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