फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शुक्रवार की सुबह भी घने कोहरे की चादर में लिपटी रही। लोगों को बढ़ती सर्दी का अहसास हो गया। घने कोहरे के चलते दृश्यता कम हो गई। सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा रहा। जो वाहन निकले, वह भी धीमी रफ्तार से सफर करते नजर आए।
ठिठुरन के अहसास और कम ²श्यता ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। सर्द हवाओं ने भी कंपकंपाया। घने कोहरे के कारण चालकों को वाहनों की हेडलाइट का सहारा लेना पड़ गया। वाहन हेडलाइट जलाकर धीमी गति से आगे बढ़ते रहे। कोहरे की वजह से 50 मीटर की दूरी तक देख पाना मुश्किल हो रहा था। मकर संक्रांति होने के कारण कई लोगों ने गर्म पानी से स्नान किया। छोटे-छोटे बच्चे सुबह दस बजे तक रजाई में दुबके रहे। तमाम लोग तब तक घर से बाहर नहीं निकले|
ठंड का बढ़ा असर
वैसे तो बीते सप्ताह से ही सर्दी का असर सुबह और देर रात को होने लगा था, लेकिन शुक्रवार को कोहरा छाए रहने से यह और बढ़ गया। सुबह टहलने जाने वाले लोग शरीर पर गर्म कपड़े पहन कर निकले।
जानवरों पर भारी पड़ सकती है सर्दी
घने कोहरे और शीतलहर का सीधा प्रभाव पशुओं पर पड़ता है। ठंड के कारण छोटे पशुओं को डायरिया और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है। आवारा मबेशी भी ठंड से ठिठुरते नजर आये|
घने कोहरे की चादर ओढ़ सुबह संग आई सर्दी
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