लखनऊ:अनुशासन के साथ ही पार्टी विद डिफरेंस की बड़ी बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी में भी बगापत के सुर उठने लगे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट कटने का अंदेशा होते ही सांसद बगावती सुर में हैं। प्रयागराज में कल सांसद श्यामाचरण गुप्त के बाद आज उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने भी बड़ा कदम उठाया है।साक्षी महाराज ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय को पत्र लिखा है। उनका पत्र सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहा है। प्रयागराज में सांसद श्यामाचरण गुप्त के पुत्र विदुप ने धमकी दी है कि पिता को दोबारा टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लड़कर बदला लूंगा।
उत्तर प्रदेश में वर्तमान सांसदों के टिकट कटने की चर्चाओं के बीच फायरब्रांड नेता तथा उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज को अपने टिकट कटने का डर इतना सता रहा है कि उन्होंने भाजपा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष को एक चेतावनी भरा पत्र भी लिख दिया है। पत्र में साक्षी महाराज ने कहा है कि अगर उनका टिकट काटा गया, तो इसके नतीजे अच्छे नहीं होंगे|
डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय को साक्षी महाराज ने यह पत्र बीते सात मार्च को लिखा है। उन्होंने इस पत्र में अपने संसदीय क्षेत्र के जातीय समीकरण बताते हुए खुद को इकलौता ओबीसी चेहरा करार दिया है। साक्षी महाराज ने लिखा है कि बीते पांच साल में मैंने अपने संसदीय क्षेत्र में दिन-रात कड़ी मेहनत करके करोड़ों रुपये लगाकर पार्टी की स्थिति को बहुत मजबूत किया है। इसके साथ ही अन्य सांसदों की तुलना में मैं अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहा हूं। ऐसे में अगर उन्नाव से मेरे संबंध में पार्टी कोई अन्य निर्णय लेती है तो इससे मेरे प्रदेश और देश के करोड़ों कार्यकर्ताओं के आहत होने की पूरी संभावना है, और इसका परिणाम सुखद नहीं रहेगा।आचार्य महामंडलेश्वर होने के नाते सभी जाति, धर्म व वर्गों में पैठ का दावा करने के साथ साक्षी महाराज ने पत्र में यह भी विनती की है कि लोकसभा चुनाव में एक बार फिर उन्नाव सीट से उन्हें मौका मिले।
डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय को साक्षी महाराज ने यह पत्र बीते सात मार्च को लिखा है। उन्होंने इस पत्र में अपने संसदीय क्षेत्र के जातीय समीकरण बताते हुए खुद को इकलौता ओबीसी चेहरा करार दिया है। साक्षी महाराज ने लिखा है कि बीते पांच साल में मैंने अपने संसदीय क्षेत्र में दिन-रात कड़ी मेहनत करके करोड़ों रुपये लगाकर पार्टी की स्थिति को बहुत मजबूत किया है। इसके साथ ही अन्य सांसदों की तुलना में मैं अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहा हूं। ऐसे में अगर उन्नाव से मेरे संबंध में पार्टी कोई अन्य निर्णय लेती है तो इससे मेरे प्रदेश और देश के करोड़ों कार्यकर्ताओं के आहत होने की पूरी संभावना है, और इसका परिणाम सुखद नहीं रहेगा।आचार्य महामंडलेश्वर होने के नाते सभी जाति, धर्म व वर्गों में पैठ का दावा करने के साथ साक्षी महाराज ने पत्र में यह भी विनती की है कि लोकसभा चुनाव में एक बार फिर उन्नाव सीट से उन्हें मौका मिले।
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