नम आँखों से दुआ, माहे रमजान अलविदा

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फर्रुखाबाद:(कायमगंज) रमजान महीने के अंतिम यानि अलविदा के जुम्मे की नमाज जमा मस्जिद अदा करने वालों की भारी भीड़ रही। जिसमे कहा कि रमजान समाप्त होने के बाद हर मुसलमान की परीक्षा है। हर मुसलमान 11 महीने इसी तरह बुराई से दूर रह कर अल्लाह की इबादत करें, मुसलमान कुरान शरीफ में बताई हुई बातों पर अपनी जिंदगी गुजारे तो किसी हालत में परेशानी नहीं आ सकती।

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हर मुसलमान को हराम रोजी से बचना चाहिए, हराम रोजी पेट में जाने से मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। रमजान मुबारिक का महीना अंतिम पड़ाव पर है। तथा रमजान का यह आखिरी जुमा है। हर मुसलमान को अल्ला का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि अल्ला है ने रोजा रखने के लिए हमें जिंदा रखा,तथा रोजा रखने के लिए हमारे शरीर में ताकत दी। नवाज के दौरान कहा गया कि हर मुसलमान को रमजान महीने में दिल खोल कर अपने परिवर पर खर्च करना चाहिए तथा दिल खोल कर खैरात करना चाहिए,उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को अपने देश में शांति व अमन कायम रहे इसके लिए दुआ करनी चाहिए|

जमा मस्जिद में हाफिज शहनूर व चिलाका मस्जिद के हाफिज मारुफ़ साहब ने नमाज अदा करायी |

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