फर्रुखाबाद के 300 वर्ष: जिले की शान में चार चांद लगा रहा जीआईसी का भवन

0
194

FARRUKHABAD : अपनी ऊंची भव्य इमारत के चलते फर्रुखाबाद जनपद सरकारी विद्यालयों में चार चांद लगा रहा फर्रुखाबाद शहर में बना राजकीय इंटर कालेज जो लाखों युवाओं को शिक्षा देकर विभिन्न क्षेत्रों में भेज चुका है।GIC FARRUKHABAD

[adrotate banner="3"]

राजकीय इंटर कालेज फर्रुखाबाद जोकि मोहल्ला नई बस्ती में बना है, 1858 में विद्यालय में हाईस्कूल तक की कक्षायें शुरू की गयीं। विद्यालय के आस पास ऐतिहासिक इमारतें तो हैं हीं, जिसमें पूर्व के मोहल्लों में नबाव के हाथीखाना तथा स्वतंत्रता सेनानी रामसिंह वर्मा, गोवर्धन वर्मा के आवास वहीं टाउनहाल किले का निर्माण करने वाले शिल्पकार इस्माइलखानी के मोहल्ले दक्षिण पूर्व में गढ़ी कोहना में सन 1846 में मिर्जा गालिब के आने, आम की दावत खाने और शेरो शायरी की गमक। पश्चिम दक्षिण में नबाव अमीनुद्दौला द्वारा बनवायी गयी सुनहरी मस्जिद व शिव मंदिर, कालेज की सीमा से सटे नबाव की अंग्रेज बेगम के हरिअट महल के अवशेष मौजूद हैं।

[bannergarden id=”8″][bannergarden id=”11″]

दक्षिण में इसी विद्यालय के छात्र रहे राज्य सरकार के मंत्री व अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक नरेन्द्र सिंह यादव का आवास है। पश्चिम में पहलवानों तथा अखाड़ा मण्डली जैसी सैकड़ों स्मृतियों को अपने में समाहित किये हुए विशाल भवन वाला और दर्जनों शिक्षाविद अध्यापकों वाला राजकीय इंटर कालेज अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक गाथा के लिए प्रसिद्ध है। कालेज में कई वरिष्ठ अधिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, खिलाड़ी, विद्धान, समाजसेवी समाज को दिये हैं। इकबाल बहादुर वर्मा, सदृश्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, होरीलाल के रूप में राष्ट्रपति पदक प्राप्त आदर्श अध्यापक के रूप में कई अध्यापक इस विद्यालय के खाते में हैं।

सन 1968 में इस विद्यालय के अंदर इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए कक्षायें शुरू की गयीं। जिसका लेख आज भी विद्यालय की दीवार पर अंकित है। विद्यालय भविष्य में सैकड़ों भारत रत्न, अधिकारी व समाजसेवी प्रदान करेगा।

[adrotate banner="2"]