FARRUKHABAD : लोकसभा चुनाव की जंग सामने है| माया और मुलायम एक दुसरे को फूटी आँख नहीं सुहा रहे| सपा और बसपा के स्थानीय प्रत्याशी भी एक दुसरे पर निशान साधने से नहीं चूक रहे हैं| परंतु बात जब मुस्लिम वोटों को रिझाने की आ जाये तो फिर साथ बैठने में भी कोई गुरेज नहीं है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को यहां अंजुमन स्कूल में आयोजित रोज़ा अफ़्तार के दौरान देखने को मिला। जमियतुल मंसूर की ओर से आयोजि रोज़ा अफ़्तार के दौरान दोनों एक ही दस्तरख्वान पर साथ-साथ बैठे नजर आये। केवल यही क्या अन्य दलों के नेता भी रोज़ा अफ़्तार में शिरकत करते नजर आये। जमीयतुल मंसूर की जानिब से घुमना बाजार स्थित मदरसा अरबिया शमशुल उलूम (अंजुमन विद्यालय) में रोजा अफ्तार का आयोजन किया गया जिसमें दलीय सीमायें तोड़कर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय ने भाग लिया।
रविवार को जमीयतुल मंसूर के सौजन्य से रोजा अफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सपा से लोकसभा प्रत्याशी व अलीगंज के विधायक रामेश्वर सिंह के साथ बसपा के लोकसभा प्रत्याशी ठाकुर जयवीर सिंह ने हिस्सा लिया। इसे सियासत की मजबूरी कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा। क्योंकि मुस्लिम वोटों को अपनी तरफ मोड़ना लोकसभा प्रत्याशी के लिए एक बड़ा मुद्दा है।
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अंजुमन विद्यालय में हुये रोजा अफतार में सपा के लोकसभा प्रत्याशी एवं अलींगंज (एटा) के विधायक रामेश्वर सिंह यादव एवं बसपा के लोकसभा प्रत्याशी ठा0 जयवीर सिंह नें मुख्य रूप से शिरकत की। इसके अलाबा श्रम संविदा वोर्ड के अध्यक्ष सतीश दीक्षित, प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री जावेद इकबाल, जमीयतुल मंसूर के प्रदेश अध्यक्ष हाजी रवीउल (कानपुर), कांग्रेसी नेता लाल मियां, बसपा नेता हाजी फजल मंसूरी, मो0 उमर खां, सपा नेता हाजी अहमद अंसारी, जमीयतुल मंसूर के प्रदेश सचिव शाकिर अली, जिलाध्यक्ष हाजी सुल्तान मंसूरी, अली अहमद मंसूरी, शकील मंसूरी, के अलाबा पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारूखी, सपा लोकसभा प्रत्याशी के पुत्र डॉ0 सुबोध यादव तथा सपा नेता विश्वास गुप्ता , बसपा जिलाध्यक्ष अजय भारती सहित कई दलों के सैकड़ों नेताओं व मुस्लिमों का जमाबड़ा लगा रहा।
बीते कुछ दिनों पूर्व ही नगर विधायक विजय सिंह ने सपा लोकसभा प्रत्याशी रामेश्वर सिंह यादव के साथ रोजा अफ्तार किया था। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष व बसपा नेता तहसीन सिद्दीकी ने भी शिरकत की थी । मुस्लिम वोटों के लिए पार्टी प्रत्याशी दमखम लगाकर अपनी गोटियां बिछा रहे हैं।
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सियासत की मजबूरी: एक ही दस्तरख्वान पर पहुंचे रामेश्वर यादव व जयवीर सिंह
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