डीएम के छापे से कस्तूरबागांधी विद्यालय में हड़कंप, डाक्टरों के वेतन काटने के निर्देश

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FARRUKHABAD : जिलाधिकारी पवन कुमार ने हथियापुर स्थित कस्तूरबागांधी विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बिना स्कूल ड्रेस पहने छात्रा को देखकर बार्डेन की जमकर क्लास लगा दी। बार्डेन ने बताया कि छात्रा की ड्रेस फट गयी है। जिस पर डीएम ने दूसरी यूनीफार्म देने के निर्देश दिये। वहीं पीएचसी के डाक्टरों द्वारा छात्राओं का प्रति माह स्वास्थ्य परीक्षण न करने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने डाक्टरों का वेतन काटने के निर्देश दिये।

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मंगलवार को जिलाधिकारी के कस्तूरबागांधी विद्यालय पहुंचते ही विद्यालय में हड़कंप मच गया। विद्यालय में नामित dm2 dm146 छात्राओं में से सभी उपस्थित मिलीं। जिलाधिकारी ने एक छात्रा को बिना यूनीफार्म देखकर उससे पूछताछ की तो पता चला कि उसकी ड्रेस फट चुकी है। जिस पर जिलाधिकारी ने बार्डेन आराधाना शुक्ला को आदेशित किया कि छात्रा को दूसरी ड्रेस उपलब्ध करायी जाये।

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बार्डेन आराधना शुक्ला ने डीएम से शिकायत की कि विद्यालय में गैस नहीं मिलती। जिस पर डीएम ने कहा कि इसका समाधान किया जायेगा। आराधना शुक्ला ने डीएम को बताया कि बरौन पीएचसी से दो डाक्टर स्वास्थ्य परीक्षण करने आते हैं। लेकिन फरवरी माह में स्वास्थ्य परीक्षण करने नहीं आये। इस पर डीएम ने कहा कि प्रति माह स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए। यदि डाक्टर स्वास्थ्य परीक्षण करने नहीं आते हैं तो उनका वेतन काटा जाये।

उन्होंने स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए न आने वाले डाक्टरों का फरवरी माह का वेतन तब तक रोकने के निर्देश दिये जब तक वह छात्राओं का परीक्षण करके रिपोर्ट नहीं दे देते। छात्राओं ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि रात में मच्छर बहुत लगते हैं जिसकी कोई व्यवस्था नहीं है। जिस पर जिलाधिकारी ने बार्डेन को हड़काते हुए कहा कि छात्राओं के रूम में मोर्टीन की व्यवस्था की जाये।

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