राज्य सरकार ने केन्द्र को भेजी सीबीआइ जांच की सिफारिश

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CBIलखनऊ : राज्य सरकार ने प्रतापगढ़ जिले के कुंडा कांड की जांच सीबीआइ से कराने के लिए मंगलवार को केन्द्र सरकार को सिफारिशी पत्र भेज दिया है। प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के वलीपुर गांव में ग्राम प्रधान, उनके भाई और सीओ कुंडा जियाउल हक की हत्या की जांच के लिए सरकार ने यह सिफारिश की है।

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सीओ के पैतृक गांव देवरिया में सोमवार को मातमपुर्सी करने पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीबीआइ जांच कराने की घोषणा की थी। घटना में कुल चार मुकदमे दर्ज कराये गये हैं। अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अरुण कुमार और गृह सचिव राकेश ने पत्रकारों को बताया कि सीबीआइ जांच के लिए राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। वलीपुर में घटी घटनाओं के संदर्भ में दर्ज सभी मुकदमों की जांच सीबीआइ से कराने का अनुरोध किया गया है।

सीओ की हत्या के षड्यंत्र के आरोपी हैं राजा भैया

हथिगवां थाने में पहला मुकदमा ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या में फूलचंद ने दर्ज कराया है, जबकि दूसरा मुकदमा हथिगवां के थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने तोड़फोड़ और असलहा लूट के मामले में दर्ज कराया है। पवन यादव ने तीसरा मुकदमा ग्राम प्रधान नन्हें यादव के भाई सुरेश यादव की हत्या के संदर्भ में दर्ज कराया। चौथा मुकदमा सीओ जियाउल हक की हत्या में उनकी पत्नी परवीन आजाद ने दर्ज कराया है। इस मुकदमे में पूर्व मंत्री और कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर सीओ की हत्या के षड्यंत्र का आरोप है।

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केन्द्र के रुख पर है सीबीआइ जांच

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : कुंडा कांड की सीबीआइ जांच केन्द्र के रुख पर निर्भर है। अदालती आदेश के बाद सीबीआइ किसी भी राज्य की जांच पंजीकृत कर लेती है, लेकिन सीधे राज्यों की सिफारिश का संज्ञान नहीं लेती है। राज्य सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआइ को केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय की अधिसूचना का इंतजार रहता है। खाद्यान्न घोटाला, यूपीएसआइडीसी घोटाला, एनआरएचएम घोटाला, सीएमओ हत्याकांड जैसे कई मामले हैं, जिसमें राज्य सरकार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश जरूर की, लेकिन सीबीआइ ने सभी जांचों का पंजीकरण अदालत के आदेश पर ही किया। बिना अदालती आदेश के राज्य सरकारों की सिफारिश पर सीबीआइ को कार्मिक मंत्रालय से अधिसूचना जारी होने का इंतजार रहता है। ताजा उदाहरण उत्तराखंड से जुड़ा है। बाबा रामदेव के गुरु शंकर के लापता होने की सीबीआइ जांच के लिए उत्तराखंड सरकार ने 11 नवंबर को ही सिफारिश की, लेकिन केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय ने करीब तीन माह बाद इसकी अधिसूचना जारी की है।

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सीबीआइ के टेक ओवर करने तक जारी रहेगी पुलिस की जांच

सीबीआइ जांच पंजीकृत होने तक कुंडा के तिहरे हत्याकांड में क्या होगा? इस सवाल के जवाब में अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अरुण कुमार का कहना है कि जब तक सीबीआइ इस जांच को टेकओवर नहीं कर लेती, पुलिस मामले की जांच करेगी।

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