बैंक मैनेजर ने दो साल से बिछड़ी किशोरी शोहदों से बचाकर परिजनों को सौंपी

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फर्रुखाबाद: कहते हैं अच्छे व नेक दिल लोगों की अभी भी इस दुनियां में कमी नहीं है, इन्ही की बजह से दुनियां चल रही है। ऐसे ही एक नेकदिल मैनेजर ने दो साल पूर्व अपने परिजनों से किसी तरह से बिछड़ी एक किशोरी को उसके परिजनों से मिलवाकर एक मानवता की मिशाल पेश कर दी। जबकि किशोरी के परिजनों ने अपनी पुत्री को मृत तक घोषित करके उसके नाम को भी भूलने से लगे थे।

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हुआ यूं कि शहर के गंगा नगर कालोनी निवासी ग्रामीण बैंक मैनेजर सर्वेश अवस्थी की तैनाती कानपुर में है। कानपुर स्टेशन पर 6 दिसम्बर को अचानक कुछ शोहदे युवक एक 14 वर्षीय लड़की के पीछे पीछे बुरी नियत से घूम रहे थे। तभी किशोरी को अकेला देख शोहदों की बुरी नियत पहचान कर बैंक मैनेजर को समझते देर न लगी कि युवक किशोरी के साथ कुछ बुरा करने वाले हैं। बैंक मैनेजर ने मानवता के नाते उस किशोरी को युवकों से बचा लिया तो किशोरी को अपना हमदर्द मिल गया। अब किशोरी से सर्वेश अवस्थी ने उसका नाम पता पूछा तो वह अपना नाम तो नहीं बता सकी लेकिन पता बताने लगी और उसने सारी घटना की जानकारी दी कि वह बहुत दिनों से अपने परिजनों से बिछड़ गयी है। यह दास्तां सुनकर सर्वेश अवस्थी की आंखें भर आयीं। लेकिन वह किशोरी को अपने साथ लाने के लिए तैयार नहीं हुए। लेकिन किशोरी ने सर्वेश अवस्थी का पीछा नहीं छोड़ा और वह सर्वेश अवस्थी के साथ ही जाने के लिए अड़ गयी।

इसके बाद सर्वेश अवस्थी किशोरी को अपने साथ कानपुर से फर्रुखाबाद ले आये। जहां से उन्होंने किशोरी के गांव झवेरन सूचना पहुंचाये जाने के लिए सहारनपुर पुलिस अधीक्षक से फोन कर बताया। पुलिस अधीक्षक ने सम्बंधित थाने से सूचना झवेरन ग्राम में पहुंचायी। इसके बाद पता चला कि झवेरन ग्राम के अतीक अहमद की 14 वर्षीय पुत्री शायरा पिछले 2 साल पूर्व दिमागी हालत ठीक न होने के कारण बिछड़ गयी थी।

शायरा के चाचा अहमद पुत्र अब्दुल जीलल व भाई खालिद पुत्र शफीक ने फर्रुखाबाद आकर सर्वेश अवस्थी से मिले। सर्वेश अवस्थी ने शायरा को उनके सुपुर्द कर दिया। शायरा अपने परिजनों से मिलकर बेहद खुश दिखी।

वहीं शायरा के चाचा अहमद ने बताया कि शायरा पिछले 18 दिसम्बर 2010 को दिमागी हालत ठीक न होने से कहीं चली गयी थी। जिसके बाद काफी खोजवीन की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। जिससे हम लोगों ने यह सोच लिया था कि शायद शायरा के साथ कोई अनहोनी की घटना हो गयी है और वह अब इस दुनियां में नहीं है। लेकिन हमें हमारी बेटी मिल गयी। उन्होंने सर्वेश अवस्थी का लाख लाख शुक्र किया और अपनी बेटी के साथ घर के लिए रवाना हो गये।

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