9 अगस्त: भारत छोड़ों आन्दोलन की बरसी पर अन्ना का भारत बचाओ

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अन्ना ने 9 अगस्‍त का दिन इसीलिए चुना है, क्‍योंकि इसी दिन महात्‍मा गांधी ने अंग्रेजों, भारत छोड़ो का नारा दिया था और भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी। आज से 15 अगस्‍त तक रोज गांव-गांव में प्रभात फेरियां निकाल कर जन लोकपाल के लिए मुहिम चलाने की अन्‍ना की योजना है। 16 अगस्‍त से उनका अनशन शुरू होगा।

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अन्‍ना के आंदोलन की फैलती ‘तपिश’ से सरकार के पसीने छूट सकते हैं। खुफिया तंत्र ने केंद्र सरकार को खबरदार किया है कि इस आंदोलन के प्रभाव को हल्के में न लें। पूरे देश से ली गई रिपोर्टों के आधार पर केंद्र को नसीहत दी गई है कि जनलोकपाल के मुद्दे पर जिस तेजी से लोगों का ध्रुवीकरण हो रहा है, उससे समय पर निपटने की तार्किक तैयारी होनी चाहिए। बातचीत और बहस से भी मसले को सुलझाने की सलाह दी गई है।

केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक़ रिपोर्ट में खास तौर पर आगाह किया गया है कि सरकार इस आंदोलन को बाबा रामदेव जैसा आंदोलन समझने की नासमझी न करे। सूत्रों ने बताया कि अन्ना हजारे के नेतृत्व में 16 अगस्त को प्रस्तावित सिविल सोसायटी के अनशन को लेकर खुफिया तंत्र ने सरकार को इस बात की खास ताकीद की है कि जन लोकपाल विधेयक के मामले में छोटी-बड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच गजब का समन्वय किया गया है। बताया गया है कि छोटी-छोटी टोलियों का अभियान 16 अगस्त को बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है। सूत्रों ने माना कि सरकार के अंदर और बाहर से अन्ना को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आईबी ने आंदोलन के खिलाफ कोई जोर-जबरदस्ती न करने का सुझाव भी दिया है।

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