यूपी निकाय चुनाव: भाजपा की भारी जीत, कांग्रेस का नहीं खुला खाता

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उत्तर प्रदेश में सम्पन्न हुए निकाय चुनाव के मतदान के बाद शनिवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना हुई। राज्य की 12 नगर निगम सीटों में से दस सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। निकाय चुनावों में यह भाजपा का अब तका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। लखनऊ, आगरा और गोरखपुर सीट पर भी भाजपा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। राज्य की प्रतिष्ठित लखनऊ नगर निगम सीट पर भाजपा के उम्मीदवार डा. दिनेश शर्मा लगातार दूसरी बार विजयी हुए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और कांग्रेस के उम्मीदवार नीरज बोरा को लगभग एक लाख मतों से हराया है। वहीं अभी तक के नतीजों के मुताबिक कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला है।

झांसी नगर निगम सीट से महापौर पद के लिए भाजपा की प्रत्याशी किरण वर्मा ने 25 हजार मतों से जीत हासिल की है जबकि इलाहाबाद की प्रतिष्ठित नगर निगम सीट पर बसपा सरकार के दौरान मंत्री रहे नंदगोपाल नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी ने भाजपा उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है।

इसके अलावा बरेली सीट से निर्दलीय उम्मीदवार आईएस तोमर ने जीत हासिल की है। मुरादाबाद नगर निगम सीट से महापौर पद की भाजपा प्रत्याशी वीणा अग्रवाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के हुमायूं कदीर को करीब 70,000 मतों से करारी शिकस्त दी है। वाराणसी में भाजपा के राम गोपाल मोदले (आगे) ने कांग्रेस के अशोक सिंह को हराया है।

वीणा अग्रवाल ने जहां 99,237 मत हासिल किए वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी हुमायूं कादर को केवल 30 हजार मतों से ही संतोष करना पड़ा। मुरादाबाद के अलावा अलीगढ़ नगर निगम सीट से महापौर पद की भाजपा प्रत्याशी शकुंतला भारती विजयी हुई हैं। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी रजिया खान को हराया है। भारती ने रजिया खान को लगभग 40 हजार से अधिक मतों से हराया है।

इसके अलावा सूबे की राजधानी लखनऊ, इलाहाबाद, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी सहित कई शहरों में नगर निगम के महापौर पद के भाजपा प्रत्याशी भारी मतों से जीते हैं। इससे पहले प्रदेश में चार चरणों में सम्पन्न हुए नगर निकाय चुनाव की मतगणना शनिवार सुबह शुरू हो गई। हालांकि बारिश और बिजली की सही आपूर्ति न होने की वजह से सूबे के कई जिलों में मतगणना का काम प्रभावित हुआ और उन जगहों पर मतगणना का काम देरी से शुरू हुआ। गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, भदोही और रायबरेली में बारिश की वजह से मतगणना का काम देरी से शुरू हुआ जिससे लोगों ने जमकर हंगामा किया।

सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतगणना केंद्रों पर पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इन जगहों पर पुलिस की रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। उल्लेखनीय है कि मतगणना के दौरान 12 महापौर, 590 नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्षों तथा 10842 पार्षदों की किस्मत का फैसला हुआ।