चुनाव खर्च के लिये खुलवाना होगा बैंक खाता: चुनाव आयोग

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लखनऊ। भले ही नेताओं के पास अकूत सम्पत्ति भरी हो लेकिन अब चुनाव प्रचार में वह इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे। चुनाव खर्च के लिए उन्हें अलग से खाता खुलवाना होगा, जिससे सीमित मात्रा में भी वह धनराशि उपयोग कर सकेंगे। चुनावी खर्च को नियंत्रित करने के लिए चुनाव आयोग ने यह नियम बनाया है।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल प्रचार में जुटे हैं, कोई यात्राएं कर रहा है तो कोई जनसभाएं। विधानसभा चुनावी प्रचार की बढ़ती सरगर्मी के बीच आयोग ने सभी दलों समेत निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव खर्च के लिये विशेष रूप से बैंक खाता खोलने का आदेश दिया है। इस खाते से प्रत्याशी एक दिन में केवल बीस हजार ही निकाल पायेंगे, इससे अधिक की धनराशि निकालने की अनुमति नहीं होगी।

वैसे चुनाव आयोग चुनाव के दरम्यिान प्रत्याशियों के खर्चों पर नजर रखता है लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि प्रत्याशियों को अलग से बैंक खाता खुलवाने का आदेश दिया जा रहा है। इसकी पुष्टि करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने कहा कि निर्वाचन आयोग आगामी 30 नवम्बर और एक दिसबर को आगरा में चुनाव तैयारी की समीक्षा करेगा।

इस दौरान आयोग प्रत्याशियों के खर्च पर कड़ी नजर रखेगा। उन्होंनें कहा कि किसी भी हालत में प्रत्याशी का खर्च 16 लाख रूपये से ज्यादा नहीं होना चाहिये। बीस हजार से अधिक रूपये के खर्च या भुगतान के लिये चेक का उपयोग करना होगा। वहीं नोटों के बदले वोट वाला पैतरा भी नहीं अपनाया जा पायेगा। आयोग ने इसमें भी सख्ती बढ़ा दी है। श्री सिन्हा ने कहा कि मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र देने में या और किसी भी बारे में रूपये लेने की शिकायत मिली तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।