पति को दहेज हत्या में आठ साल की कारावास

FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) अपर जिला जज प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने दहेज हत्या के मुकदमे में पति को दोषी पाकर आठ साल की सजा सुनाई है। सात हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। सास और ससुर को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव करथिया निवासी सत्यभान ने बहन शिल्पी की शादी 7 जून 2015 को शहर कोतवाली के मोहल्ला लाल दरवाजा चुंगी वाली गली निवासी राधाकृष्ण के पुत्र दिलीप के साथ की थी। शादी में 1.51 लाख रुपये नगद व जेवर दिया था। शादी के बाद ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में बाइक व सोने की चेन की मांग को लेकर शिल्पी का उत्पीड़न करने लगे। शिल्पी ने भाई को बताया कि ससुरालीजन उसके साथ मारपीट करते हैं। घर से निकालने की धमकी दे रहे हैं। इसकी जानकारी व बहन की ससुराल गया और ससुरालीजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ससुरालीजन अभद्रता करने लगे। बाइक व सोने की चेन के अलावा 50 हजार रुपये नगद की और मांग करने लगे। इसको लेकर पंचायत हुई, लेकिन ससुरालीजनों ने नहीं मानी। 10 अप्रैल 2016 को ससुरालीजनों ने बहन की हत्या कर दी। घटना की जानकारी पर उसके घर गए तो बहन का शव पड़ा मिला, ससुरालीजन घर से फरार हो गए थे। भाई सत्यभान ने पति दिलीप कुमार, सास राजो व ससुर राधाकृष्ण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। विवेचक ने जांच कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने सास राजो व ससुर राधाकृष्ण को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया। पति दिलीप को दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।