33 करोड़ घरेलू गैस कनेक्शनों तक नियमित आपूर्ति सरकार की पहली प्राथमिकता

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नई दिल्ली:पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े दबाव के बीच केंद्र सरकार ने देश में प्राकृतिक गैस के उपयोग की प्राथमिकताओं को फिर से तय कर दिया है।सरकार निर्णय लिया है कि घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के उत्पादन, सीएनजी और पाइप्ड कुकिंग गैस (पीएनजी) की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि घरों और परिवहन क्षेत्र में किसी प्रकार की कमी न हो। सरकार का कहना है कि देश में गैस की कुल उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए घरेलू जरूरतों को सुरक्षित रखना जरूरी है। सरकार की तरफ से यह दावा तब किया गया जब देश के कई हिस्सों से एलपीजी वितरक एजेंसियों की तरफ से गैस आपूर्ति बाधित होने की बात कही गई है।
सरकार की पहली प्राथमिकता देश के लगभग 33 करोड़ घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शनों तक नियमित आपूर्ति बनाए रखना है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण भारत की गैस आपूर्ति का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। इसी कारण गैस आवंटन की व्यवस्था में पुनर्गठन किया गया है।

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