अब शिक्षा मंत्री नहीं धर्मेन्द्र प्रधान! क्या रुकेगा घमासान

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नई दिल्ली:नीट-यूजी विवाद और जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेज दिया है लेकिन यह देखना बाकी है कि छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों का घमासान पूरी तरह थमता है या नहीं।कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंत्री के इस्तीफे के अलावा उनकी अन्य मांगें—जैसे आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेना—भी पूरी होनी चाहिए।जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा- मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी दो और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। कॉकरोच एक बार घुसता है, तो निकलता नहीं। जिन बच्चों ने सुसाइड किया, उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिसवालों पर एक्शन हो।दिल्ली पुलिस अधिकारी याद रखें कि उन्होंने कॉकरोच से पंगा लिया है। हमने तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या चीज हो। छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। भैया, ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे- क्या कर रहे हो, कब तक बैठोगे, ये इस्तीफा नहीं देंगे। ये मनमानी सरकार है, लेकिन हमने कर दिखाया।प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच की जीत हुई।

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