करोड़ों की टेक्स चोरी में उपायुक्त आबकारी सहित 7 निलंबित

CRIME FARRUKHABAD NEWS LUCKNOW

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आने के बाद महकमे में खलबली मच गई है। सौ करोड़ की धांधली का राजफाश करने के साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने विभागीय अधिकारियों और कॉपरेटिव कंपनी लिमिटेड के मालिक सहित 32 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआइटी को सौंपी है। साथ ही सहारनपुर के उप आयुक्त आबकारी राकेश कुमार चतुर्वेदी सहित सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह की टीम ने तीन मार्च को सहारनपुर में टपरी स्थित देसी शराब फैक्ट्री में आबकारी विभाग के अधिकारियों व स्थानीय आबकारी डिस्ट्रीब्यूटरों की मिलीभगत से करोड़ों के टैक्स व एक्साइज ड्यूटी की चोरी पकड़ी थी। मामले में कापरेटिव कंपनी लिमिटेड के मालिक प्रणव अनेजा, सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन जगराम व आबकारी निरीक्षक अरविंद कुमार समेत 32 आरोपितों के विरुद्ध दो मुकदमे दर्ज कराए।इस प्रकरण में एसटीएफ ने उन्नाव के आबकारी विभाग के गोदाम में भी छापा मारा था। शुरुआती जांच में बड़ी मात्रा में अल्कोहल की चोरी व डुप्लीकेट बार कोड के जरिए बड़ी धांधली सामने आई है। यह मामला कई जिलों से जुड़ा है। यही वजह है कि इसकी जांच एसआइटी को सौंप दी गई है। एसआइटी के एसपी देवरंजन जांच करेंगे और जल्द एसआइटी की टीम सहारनपुर का रुख करेगी। धांधली का राजफाश करने वाली एसटीएफ की टीम के सदस्यों भी जांच दल में शामिल किए जाएंगे।
वहीं, इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने सहारनपुर मंडल के उपायुक्त आबकारी राकेश कुमार चतुर्वेदी, सहायक आबकारी आयुक्त रामपाल, निरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा, उन्नाव के आबकारी निरीक्षक रविंद्र किशोर, बदायूं के निरीक्षक रामजीत, संभल के निरीक्षक पवन कुमार शर्मा और कानपुर में तैनात निरीक्षक ज्योति सिंह को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही सहारनपुर, कानपुर, उन्नाव, बदायूं और संभल के देशी शराब के लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं।