26/11: वक्त बदला, हालात नहीं, मुंबई के लिए फिर मनहूस साबित हुआ 26/11

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26/11 का नाम भर याद कर लेने से जहन में एक कंपकपी सी दौड़ जाती है। ऐसा लगता है आज की घटना है। भारत की आर्थिक राजधानी पर आतंकियों ने ऐसा खूनी खेल खेला जिसका जख्म आज तक भरा नहीं।

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इस हमले को आज पूरे तीन साल हो गए, लेकिन वहीं खड़े हैं, जिस जगह कल थे। मासूम जनता को मौत की नींद सुलाने वाले आज भी हमारे सरकारी मेहमान बने हुए हैं।

 

मुंबई के लिए 26 /11 एक बार फिर मनहूस साबित हुआ। आतंकी हमले की तीसरी बरसी पर मुंबई में मोहम्मद अली रोड पर क्रॉफर्ड मार्केट में आग लग गई, जिससे करीब एक हजार दुकानें इसकी चपेट में आ गई गई हैं। इससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है।

फायर ब्रिगेड की 32 गाड़ियां आग पर काबू पाने की मशक्कत कर रही हैं। राहत की बात यह है कि तड़के साढ़े तीन बजे आग लगने की वजह से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

क्रॉफर्ड मार्केट में सारा सहारा मॉल की सैकड़ों दुकानें जलकर खाक हो चुकी हैं। आग अब पड़ोस के मनीष मार्केट तक फैल गई है। अधिकारियों की कोशिश किसी तरह इसे और आगे बढ़ने से रोकने की है। जो दुकानें आग की चपेट में आईं हैं उनमें से ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स और कॉस्मेटिक की हैं।

फिलहाल आग लगने की वजह के बारे में पता नहीं चल पाया है। अधिकारी इस कोशिश में जुटे हैं कि इसे रिहाइशी इलाके तक न फैलने दिया जाए।

 

मुंबई पर 26/11 को हुए हमले को 3 साल बीत चुके हैं। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकारों ने सुरक्षा पुख्ता करने के लिए कथित रूप से बड़े कदम उठाए हैं। हकीकत यह है कि आज भी तटवर्ती सुरक्षा चाक-चौबंद नहीं है।

मुंबई हमले के बाद केंद्र ने पोटा की जगह नया कानून – गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) बनाया। साथ ही एनआईए का गठन किया।

एनआईए : इसका गठन आतंकवाद से निपटने के मकसद से किया गया था। हालांकि वह 26/11 मामले की जांच नहीं कर रही है, लेकिन देश भर में आतंकवाद से जुड़े 34 मामले उसके पास हैं। डेविड हेडली से संबंधित मामले की जांच उसके ही पास है। कुछ मामलों में एनआईए ने आरोप-पत्र भी दाखिल किए हैं।

कितनी कारगर : सरकार 3 साल बाद भी एनआईए को एक कार्यालय मुहैया नहीं करवा पाई है। आज भी एजेंसी का मुख्यालय एक निजी बिल्डिंग में चल रहा है।

तटवर्ती सुरक्षा : तटवर्ती सुरक्षा में आज भी ज्यादा बदलाव नहीं आया है। हमलावर समुद्र के रास्ते ही मुंबई पहुंचे थे। दावा किया गया था कि भारत की 7516 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। कोस्ट गार्ड और नौसेना के अलावा गृहमंत्रालय ने एक अलग योजना का ऐलान किया था। इसके तहत 9 तटवर्ती राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 100 से भी ज्यादा तटवर्ती थाने खोले जाएंगे। इन्हें 214 आधुनिक गश्ती नौकाएं दी जाएंगी। जीपें और मोटरसाइकिलें भी दी जाएंगी।

हकीकत : मुंबई के जुहू तट पर 2 लावारिस जहाज लंबे वक्त तक फंसे रहे। ये अपने आप तट पर पहुंच गए, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को पता नहीं चल पाया। इस अवधि में सोमालियाई समुद्री डाकू भी भारतीय सीमा में घुस आए। दो बार तो उन्हें गुजरात से गिरफ्तार किया गया। इस तरह के कई मामले इस अवधि में सामने आए हैं।

कसाब का क्या होगा : कसाब को सजा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। पाक में बैठे उसके आकाओं को सजा दिलाने की भारत की कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। भारत लश्कर और जैश के आतंकवादियों के खिलाफ सबूतों के पुलिंदे सौंप चुका है , लेकिन पाक बहाने कर रहा है।

ताजा मामला : पाक सरकार मुंबई हमले की जांच करने वाले अधिकारी और कसाब के बयान दर्ज करने वाले मैजिस्ट्रेट के बयान दर्ज करना चाहती है। उसका जुडिशल कमिशन कब आएगा यह तय नहीं है।

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