मिशन 2014: चार लाख करोड़ से बीपीएल को कैश सब्‍सिडी स्‍कीम

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विगत  लोक सभा चुनाव में मनरेगा का गेमचेंजर स्कीम के तौर पर उपयोग कर चुकी कांग्रेस इस बार बीपीएल को कैश सब्‍सिडी योजना पर भाग्‍य आजमा सकती है। अभी गरीब परिवारों को सब्सिडी वाले अनाज, खाद और केरोसीन वगैरह दिए जाते हैं। योजना में सब्सिडी पर सामान देने के बजाय सरकार ने सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में कैश पहुंचाने की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को नयी कैश सब्सिडी की स्कीम को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दिखा सकते हैं। इस स्कीम के तहत हर बीपीएल परिवार को हर महीने करीब 3 से हजार रुपये मिला करेंगे। योजना का कितना राजनैतिक लाभ सरकार को मिल पायेगा यह तो समय ही बतायेगा, परंतु इससे अपात्रों द्वारा गरीबों की सब्‍सिडी पर डाले जा रहे डाके पर प्रभावी रोक अवश्‍य लग पाने की संभावना है।

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सब्सिडी के बदले कैश स्कीम को यूपीए-2 सरकार का एक महत्वाकांक्षी कदम माना जा रहा है। इस योजना को यूपीए सरकार को नरेगा की ही तरह एक ‘गेम चेंजर’ के तौर पर देख रहा है। यूपीए को उम्मीद है कि इस योजना से आगामी लोकसभा चुनावों में भी अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे। सरकार ने 1 अप्रैल 2013 तक देश के 18 राज्यों और 1 अप्रैल 2014 तक पूर देश में कैश सब्सिडी लागू करने का रोडमैप तैयार किया है। बीपीएल परिवारों को सब्सिडी पर मिलने वाले अनाज, खाद और तेल के बजाए अब हर साल सीधे ही 30 से 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह रकम सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाया करेगी। सरकार इस योजना के तहत हर साल 4 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। गरीबी रेखा से ऊपर वाले लोगों को भी कुकिंग गैस के बदले सब्सिडी की रकम ही मिलेगी।

आधार कार्ड धारक, पेंशन या स्कॉलरशिप लेने वाले या किसी भी तरह की सब्सिडी हासिल करने वाले अब सीधे ही अपने बैंक अकाउंट में पैसे हासिल करेंगे। इसके लिए उन्हें अपना आधार कार्ड नंबर अपने सर्विस प्रोवाइडर को देना होगा। लोग इसके बाद कैश कार्ड से यह रकम हासिल कर पाएंगे। इस प्रक्रिया को आधार पेमेंट ब्रिज का नाम दिया गया है। शुरुआत में सिर्फ कुकिंग गैस की सब्सिडी के बदले का कैश ट्रांसफर किया जाएगा। केन्द्र ने राज्यों को अनाज और खाद के लिए भी पायलट बनाने को कहा है। राजस्थान के अलवर में भी इस तरह का एक पायलट चल रहा है। बाद में इस योजना के तहत सब्सिडी पर मिलने वालीं सभी चीज़ें शामिल कर ली जाएंगी।

कैश ट्रांसफर योजना 1 जनवरी, 2013 को उन 51 जिलों में यह योजना लॉन्च की जाएगी, जहां पर आधार कार्ड काम पूरा किया जा चुका है। दिसंबर 2013 तक पूरे देश को इस योजना के तहत कवर कर लिया जाएगा। आधार पेमेंट ब्रिज के जरिए हर बीपीएल परिवार को करीब 3 हजार रुपये प्रतिमाह मिला करेंगे। अभी तक देश के 120 करोड़ में से सिर्फ 21 करोड़ लोगों के पास ही आधार कार्ड हैं। यही नहीं, ज्यादातर बीपीएल परिवारों के पास तो बैंक अकाउंट भी नहीं हैं। ऊपर से बड़ी बात यह कि बहुत सारे गांवों में दूर-दूर तक किसी बैंक की ब्रांच भी नहीं। ऐसे में इस योजना को लागू करने में कई मुश्किलें आ सकती हैं। सरकार को इस योजना से 2 फायदे होने की उम्मीद है। अब तक सब्सिडी का बड़ा हिस्सा करप्शन की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब पैसा सीधे जनता को मिलेगा। साथ ही कैश की तंगी से जूझ रही सरकार की भी बचत होगी। इसके अलावा 2014 लोकसभा चुनावों से पहले इसे एक बड़े दांव के तौर पर भी देखा जा रहा है।

 

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