10 रुपये की खातिर एसपी के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे पुलिसकर्मी

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फर्रुखाबाद: बीते कुछ दिनों पूर्व प्रशासन द्वारा शहर के अंदर बड़े वाहन जैसे ट्रैक्टर, टैक्सी, ट्रक, तांगा आदि का प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। कौन कम्व्ख्त कहता है कि महगाई आ गयी| पुलिस का ईमान आज भी 10 रुपये में ही बिक जाता है| इसके बावजूद बड़े वाहन बखूबी लाल दरबाजे से घुसकर चौक तक जाम की स्थिति बनाये हुए हैं। पुलिस अधीक्षक के आदेश को धता बताकर पुलिस कर्मी 10 व 20 रुपये में ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। लालगेट कुछ कदमो की दूरी पर लिंजिगंज बाजार में जाने के लिए केवल 10 रुपये देकर घुसे वाहन ने जाम की स्थिति पैदा कर दी| उधर कप्तान साहब फूल माला पहन रहे थे तो दूसरी तरह उन्हें मातहत 10 रुपये में खाकी का ईमान बेच रहे थे|

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अतिक्रमण हटाओ अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट भगवानदीन व सीओ सिटी विनोद कुमार ने एक बार शहर को तो अतिक्रमण से मुक्त कर दिया लेकिन जाम की समस्या से शहर को निजात नहीं मिल पा रही है। क्योंकि बड़े वाहन धड़ल्ले से पुलिस की जेब गरम करके बाजार में घुस रहे हैं। जिससे घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है।

सीओ सिटी विनोद कुमार ने शहर में घुसने वाले बड़े वाहनों का तत्काल चालान करने का आदेश भी दिया था। लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों के प्रयास को दरकिनार कर तिराहों, चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी 10 व 20 रुपये की खातिर खुलेआम ट्रैक्टर, मैजिक, टैक्सियांे को प्रवेश करने की अनुमति दे रहे हैं। वहीं वाहन मालिक भी मौका देखकर अपनी मनमानी करने में नहीं चूक रहे हैं। जाम में फंसने से अस्पताल जा रहे मरीज व स्कूल जा रहे छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस अधीक्षक नीलाब्जा चौधरी ने कुछ दिन पूर्व यह आदेश किया था कि रेलवे स्टेशन, तिकोना, लाल गेट, आईटीआई से कोई भी बड़ा वाहन अंदर प्रवेश नहीं करेगा। एक दो दिन तो शहर में पुलिस अधीक्षक के आदेश का असर दिखायी दिया। लेकिन धीरे-धीरे स्थिति पूर्व की भांति बनती नजर आ रही है। प्रशासन को उनके ही पुलिस कर्मियों की मिलीभगत के चलते वाहनों को अंदर भीड़भाड़ वाले बाजार में प्रवेश करने दे रहे हैं। वहीं शहर के व्यापारी भी दोबारा अतिक्रमण करने में सक्रिय हो गये हैं।

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