‘हिट ऐंड रन’ कानून में बदलाव के विरोध में वाहन चालकों का चक्काजाम, रोडबेज भी खड़ीं

0
148

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) केंद्र सरकार द्वारा सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए हिट ऐंड रन कानून में बदलाव किया जा रहा है। इंडियन पीनल कोड, 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट ऐंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवरों की सजा को और कड़ा किया जा रहा है। दोष साबित होने के बाद 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान है। जिसके विरोध में सड़क पर निजीबस व रोडबेज के चालकों नें हड़ताल कर दी| जिससे चक्का जाम कर दिया है| जिससे हड़कंप मचा है|

शहर के लाल दरवाजा रोडबेज बसों का संचालन लगभग पूरी तरह से बंद है| इसके साथ ही निजी बसों और निजी बस के चालकों नें भी हड़ताल कर दी| जिससे यात्रियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है| इसके साथ ही माल वाहक वाहनों के खड़ा होनें से भी सामान सब्जी आदि भी तय समय से ना पंहुचने पर काफी नुकसान होगा|

पहले क्या था और अब क्या होगा
-अभी हिट ऐंड रन केस को आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 304A (लापरवाही के कारण मौत) और 338 (जान जोखिम में डालना) के तहत केस दर्ज किया जाता है। इसमें दो साल की सजा का प्रावधान है। विशेष केस में आईपीसी की धारा 302 भी जोड़ दी जाती है।

-संशोधन के बाद सेक्शन 104 (2) के तहत हिट ऐंड रन की घटना के बाद यदि कोई आरोपी घटनास्थल से भाग जाता है। पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचित नहीं करता है, तो उसे दस साल तक की सजा भुगतनी होगी और जुर्माना देना होगा।
हरपालपुर बस यूनियन के उपाध्यक्ष अनिल शुक्ला नें बताया कि अनिश्चित कालीन हड़ताल है| सरकार का कानून ठीक नही है| सरकार कानून वापस ले| रोडबेज कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष जरनैल सिंह नें बताया कि रोडबेज की हड़ताल नही है| चालक काम पर नही आये| कानून सरकार का ठीक नही है| जिसे वापस लेना चाहिए|

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]