हल्की बरसात में ही शहर डूबा, घरों में कैद हो गये लोग

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फर्रुखाबाद: नगर पालिका प्रशासन द्वारा नगर की गलियों में बनी नालियों की समुचित सफाई इत्यादि न करवाने से रविवार को सुबह-सुबह हुई बारिश में हुए जल भराव से लोग अपने घरों में ही कैद हो गये। सुबह मात्र आधा घंटे की बारसात में ही शहर पानी से डूब गया। शहर की गलियां पानी से इतनी ज्यादा भर गयी कि अपने घरों से जरूरी काम इत्यादि के लिए जाने वाले लोग निकलने के लिए तबाह हो गये। शहर के लगभग एक दर्जन मोहल्ले तालाब में तब्दील हो गये।

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नगर पालिका की लापरवाही का दंश झेल रहे नागरिकों को जलभराव से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि शहर के निचले मोहल्लों में जलभराव की स्थिति हो तब भी ठीक है लेकिन यहां तो मुख्य मार्ग भोलेपुर सहित शहर के लगभग एक दर्जन मोहल्लों में इतना ज्यादा जलभराव हो जाता है कि हल्की बारिश में ही लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाता है। यदि नगर पालिका प्रशासन द्वारा नगर में समुचित नाली निर्माण व सफाई करवायी होती तो आज इस परेशानी का सामना नागरिकों को नहीं करना पड़ता।

बरसात के शुरूआत में ही नागरिकों को ऐसा महसूस हुआ था कि शायद अब नव निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल अपने पति पूर्व चेयरमैन मनोज अग्रवाल के छूटे हुए कार्यों को पूरा करायेंगी जिनमें नाली इत्यादि निर्माण भी शामिल होगा। लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष तो जिस दिन से नागरिकों की सेवा की शपथ ले ली उस दिन से शायद नागरिकों की परेशानी देखने के लिए नहीं निकलीं। इसी का नतीजा है कि लोग बरसात में चाहे कमर से पानी में निकले चाहे घुटनों से अब नगर पालिका अध्यक्ष को अगले पांच साल तक उनकी किसी समस्या से कोई लेना देना नहीं है। जलभराव देखकर तो यही लगता है अब बाकी आगे आने वाले दिनों में मालूम होगा कि नव निर्वाचित चेयरमैन नागरिकों की जलभराव की समस्या का कोई स्थाई हल ढूंढ पातीं हैं या नहीं।

 

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