RTE: हर बच्चे के लिए निजी स्कूलों को मिलेगा 450 रु. अनुदान

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RTEलखनऊ : शासन ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश देने के एवज में स्कूलों को की जाने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि तय कर दी है। गरीब बच्चों को प्रवेश देने वाले निजी स्कूलों को अब प्रति बच्चा 450 रुपये प्रति माह की दर से अनुदान दिया जाएगा।

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इस बारे में बेसिक शिक्षा विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक यदि प्रति बच्चे को पढ़ाने पर स्कूल का खर्च 450 रुपये से ज्यादा होगा तो भी उसे 450 रुपये ही अनुदान के तौर पर दिये जाएंगे। यदि यह खर्च 450 रुपये से कम होगा तो स्कूल को वास्तविक खर्च का भुगतान होगा। जो स्कूल नि:शुल्क या रियायती दर पर भूमि या भवन या उपकरण या अन्य सुविधाएं प्राप्त करने के कारण गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए वचनबद्ध हों, ऐसे विद्यालय वचनबद्धता की सीमा तक शुल्क प्रतिपूर्ति के हकदार नहीं होंगे। गरीब बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने के बदले शुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए स्कूलों को अलग खाता खोलना होगा।

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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या जिला विद्यालय निरीक्षक आवश्यक सत्यापन के बाद प्रतिपूर्ति की धनराशि को स्कूल के खाते में भेजेगा और इस सूचना को वेबसाइट के जरिये सार्वजनिक करेगा। स्कूल प्रबंधन को पहली छमाही की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 15 जुलाई तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या जिला विद्यालय निरीक्षक को मांग प्रस्तुत करनी होगी। जिलों को 15 अक्टूबर तक पहली छमाही की शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी और इसके 15 दिन के अंदर सभी स्कूलों के खारे में धनराशि भेज दी जाएगी। दूसरी छमाही की धनराशि स्कूलों के खाते में 15 फरवरी तक अंतरित कर दी जाएगी।

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