लखनऊ:एक निजी कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को लखनऊ में लैपर्ड सवार सिपाही द्वारा गोली मारने से हुई उनकी मौत के मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि दोनों सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। दारोगा व निरीक्षकों को व्यवहार का पाठ पढ़ाने पहुंचे डीजीपी ने कहा कि सेल्फ डिफेंस के नाम पर किसी की हत्या नहीं की जा सकती। उल्लेखनीय है कि बीती रात लखनऊ पुलिस ने चेकिंग के दौरान गाड़ी नहीं रोकने पर विवेक तिवारी को गोली मार दी थी।
पुलिस रक्षक है भक्षक नहीं
गाजियाबाद में पुलिस संवाद के तहत डीजीपी ने कहा कि पुलिस जनता की रक्षक है, भक्षक नहीं बन सकती। यह अपराध की श्रेणी में आता है। डीजीपी ने बताया कि दोनों को बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज होगा। डीजीपी ने विवेक हत्याकांड की जांच के लिए आइजी लखनऊ रेंज सुजीत पांडेय की अध्यक्ष्ता में एसआइटी गठित की है, जिसमें लखनऊ के एएसपी क्राइम व एएसपी देहात भी शामिल हैं। एसआइटी को जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
सेल्फ डिफेंस के नाम पर किसी की हत्या नहीं की जा सकती : डीजीपी
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