सुबह हुई कोरोना संदिग्ध की मौत, दोपहर उसी मोहल्ले में बैंक के बाहर मेला!

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फर्रुखाबाद:(नगर प्रतिनिधि) जिले में धारा 144 लागू है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए फिजिकल डिस्टेंसिग पर जोर दिया जा रहा है। मगर नगर के नया कोठा पार्चा स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक को तब ग्राहकों की भीड़ उमड़ी जब सुबह उसी मोहल्ले में कोरोना संदिग्ध की मौत हो चुकी है| मंगलवार को ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग एक-दूसरे पर गिरे जा रहे थे। कोरोना को लेकर न कोई सतर्कता बरती जा रही न ही फिजिकल डिस्टेंस पर ध्यान। लेकिन कोई देखने वाला नही| सब भगवान भरोसे! तस्वीर झूठ नही बोलती!
नगर के नया कोठा पार्चा में मंगलवार सुबह कोरोना संदिग्ध शिक्षक 50 वर्षीय अरुण व्यास पुत्र विष्णु दयाल की मौत हो गयी थी| पूरे मोहल्ले के सेनीटाइज कराया जा चुका है| मोहल्ले के लोगों की धड़कने तेज है| यदि अरुण की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी तो फिर मोहल्ले की सड़कों पर सरकारी बल्ली खड़ी होना तय है| लेकिन जब तक रिपोर्ट नही आती तो क्या
सभी को सोशल डिस्टेसिंग तोड़ने की इजाजत है| इसी मोहल्ले की ग्रामीण बैंक में सरकार और शासन की व्यवस्था को तार-तार कर दिया| पेंशन के अलावा महिलाओं के खाते में पांच-पांच सौ रुपये की धनराशि राहत के नाम पर भेजी गई है। जिसके चलते बैंक पर इन दिनों उपभोक्ताओं की भीड़ टूट पड़ रही है। आज तो सुबह से दोपहर तक बैंक के गेट पर महिलाओं एवं पुरुषों की अलग-अलग लंबी कतार लगी रही। लाइन भी ऐसी कि लोग एक-दूसरे से पूरी तरह सटकर खड़े थे, इनमें कोरोना नामक वैश्विक महामारी न डर दिख रहा था, न ही शासन-प्रशासन की अपील का कोई असर। इसी बीच पुलिस आती तो थोड़ी देर के लोग थोड़ी दूरी बना लेते, मगर जैसे ही पुलिस जाती, स्थिति फिर पुराने ढर्रे पर आ जाती। बैंक समय तक भीड़ लगातार बनी रही।
लेकिन सबाल यह है कि यदि इस तरह से लापरवाही हुई तो कोरोना को काल बनते समय नही लगेगा| बीते दिन जाम की झाम की खबर तो हर किसी ने पढ़ी होगी| लॉक डाउन में ढील के बाद की समस्याओं से निपटने के लिए कोई तैयारी नजर नही आयी थी| उसी तरह से बैंक के बाहर लगी यह भीड़ चीख-चीखकर सरकारी इंतजाम को ठेंगा दिखा रही है|

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